Viral News: छिजारसी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों की गुंडागर्दी- फास्टैग खराब होने पर कार चालक की सोने की अंगूठी जब्त, पुलिस ने कराया वापस। 

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर स्थित छिजारसी टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। 1 जून 2025 की देर रात...

Jun 5, 2025 - 13:19
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Viral News: छिजारसी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों की गुंडागर्दी- फास्टैग खराब होने पर कार चालक की सोने की अंगूठी जब्त, पुलिस ने कराया वापस। 

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर स्थित छिजारसी टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। 1 जून 2025 की देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें टोल कर्मियों ने एक कार चालक से टोल शुल्क न दे पाने की स्थिति में उसकी सोने की अंगूठी जबरन उतरवा ली। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसने टोल प्लाजा के कर्मचारियों की मनमानी और गुंडागर्दी को उजागर किया। इस त्रासदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों और टोल संचालकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 1 जून 2025 की रात करीब 11:30 बजे, हापुड़ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान के सहायक, आसिम चौधरी, उनकी कार से दिल्ली हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे। वह अपने मालिक के छोटे भाई गौरव चौहान को लेने जा रहे थे। जब वह पिलखुवा के छिजारसी टोल प्लाजा पर पहुंचे, तो उनकी कार में लगा फास्टैग तकनीकी कारणों से स्कैन नहीं हुआ। इस वजह से टोल शुल्क स्वचालित रूप से नहीं कट सका।

आसिम ने टोल कर्मियों को बताया कि उनके पास नकद पैसे नहीं हैं। इस पर टोल कर्मियों, जिनमें सहायक मैनेजर नितिन राठी और कर्मचारी विपिन राठी व कुलदीप शामिल थे, ने कथित तौर पर उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी। टोल कर्मियों ने आसिम से कहा कि यदि वह टोल शुल्क नहीं दे सकते, तो अपनी सोने की अंगूठी उतारकर दें। दबाव में आकर आसिम को अपनी अंगूठी उतारनी पड़ी, जिसे टोल कर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद आसिम को कार आगे ले जाने की अनुमति दी गई। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।

  • आरोप और विवाद

आसिम ने दिल्ली हवाई अड्डे से लौटने के बाद अपने मालिक, अधिवक्ता गजेंद्र सिंह चौहान को इस घटना की जानकारी दी। गजेंद्र ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए तुरंत पिलखुवा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल कर्मियों ने न केवल उनके सहायक के साथ मारपीट की, बल्कि उसकी सोने की अंगूठी लूट ली। यह घटना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 (जबरन वसूली) और धारा 341 (गलत तरीके से रोकना) का स्पष्ट उल्लंघन है।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टोल कर्मियों को हड़काया और अंगूठी वापस करा दी। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक FIR दर्ज नहीं की गई है। हापुड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

टोल प्लाजा के सहायक मैनेजर नितिन राठी ने दावा किया कि आसिम ने अपनी मर्जी से अंगूठी दी थी और बाद में टोल शुल्क चुकाकर उसे वापस ले लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज में मारपीट की कोई घटना नहीं दिखाई देती। हालांकि, इस दावे को पीड़ित पक्ष ने खारिज कर दिया।

घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया। कई यूजर्स ने टोल कर्मियों की इस हरकत को "गुंडागर्दी" और "लूट" करार दिया। X पर कई पोस्ट्स में इस घटना की निंदा की गई, जिसमें उपयोगकर्ताओं ने NHAI नियमों का हवाला देते हुए कहा कि फास्टैग में बैलेंस कम होने पर केवल दोगुना टोल शुल्क लिया जा सकता है, न कि किसी की निजी संपत्ति जब्त की जा सकती है।

X यूजर @harishsuman ने लिखा, "हापुड़ जिले के छिजारसी टोल प्लाजा पर फास्टैग में बैलेंस कम होने पर टोलकर्मियों द्वारा एक वाहन चालक की सोने की अंगूठी जबरन छीन लेना न केवल गुंडागर्दी है, बल्कि यह भारतीय दंड संहिता की धारा 384 का उल्लंघन है।" इसी तरह, @StanwarSatish ने टोल कर्मियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।

  • छिजारसी टोल प्लाजा का विवादित इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब छिजारसी टोल प्लाजा विवादों में आया है। इससे पहले भी इस टोल पर कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें टोल कर्मियों द्वारा वाहन चालकों के साथ बदतमीजी, मारपीट, और अनुचित व्यवहार के मामले शामिल हैं। उदाहरण के लिए:

14 अप्रैल 2025: एक महिला ने टोल कर्मी पर फास्टैग के ब्लैकलिस्ट होने के विवाद में थप्पड़ जड़ दिए, जिसके बाद टोल कर्मियों ने कार सवारों के साथ मारपीट की।
6 अगस्त 2023: एक कार चालक ने टोल कर्मी पर कार चढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
7 जनवरी 2024: फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद टोल कर्मियों ने वाहनों को ब्लैकलिस्ट बताकर दोगुना टोल वसूलने की शिकायतें दर्ज की गईं।
11 जून 2024: एक नशे में धुत बुलडोजर चालक ने टोल कर्मियों से विवाद के बाद टोल बूथ को क्षतिग्रस्त कर दिया।

इन घटनाओं ने छिजारसी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों की कार्यशैली और प्रबंधन की खामियों को बार-बार उजागर किया है। स्थानीय लोग और वाहन चालक इस टोल प्लाजा पर आए दिन होने वाले विवादों से त्रस्त हैं।

  • NHAI नियम और उल्लंघन

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के अनुसार, यदि किसी वाहन का फास्टैग स्कैन नहीं होता या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होता, तो टोल कर्मी अधिकतम दोगुना टोल शुल्क वसूल सकते हैं। इसके अलावा, टोल बूथ पर वाहनों को 10 सेकंड से अधिक समय तक रोका नहीं जा सकता, और यदि टोल लेन में 100 मीटर से अधिक लंबी कतार होती है, तो वाहनों को बिना टोल के जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

छिजारसी टोल प्लाजा की इस घटना में टोल कर्मियों ने न केवल NHAI नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि आपराधिक कृत्य भी किया। किसी भी परिस्थिति में टोल कर्मियों को वाहन चालक की निजी संपत्ति, जैसे सोने की अंगूठी, जब्त करने का अधिकार नहीं है। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (जबरन वसूली) और धारा 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत दंडनीय अपराध है।

  • पुलिस और प्रशासन की भूमिका

पिलखुवा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आसिम की अंगूठी वापस करा दी, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। सीओ पिलखुआ अनीता चौहान ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हुई है, और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। X पर @Bharat24Up ने लिखा, "पुलिस की निष्क्रियता से टोल कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं।" कई यूजर्स ने मांग की कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए टोल कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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छिजारसी टोल प्लाजा की यह घटना न केवल टोल कर्मियों की मनमानी को दर्शाती है, बल्कि टोल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों को भी उजागर करती है। इस तरह की घटनाएं वाहन चालकों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। इस त्रासदी से बचने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:
सख्त कार्रवाई: टोल कर्मियों के खिलाफ IPC की उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए और दोषियों को दंडित किया जाए।
NHAI की जवाबदेही: टोल प्लाजा संचालकों को NHAI नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए निर्देश दिए जाएं।
सीसीटीवी निगरानी: टोल प्लाजा पर सीसीटीवी फुटेज की नियमित निगरानी और ऑडिट किया जाए।
प्रशिक्षण: टोल कर्मियों को वाहन चालकों के साथ शालीन व्यवहार और नियमों के पालन के लिए प्रशिक्षित किया जाए।
जागरूकता अभियान: वाहन चालकों को फास्टैग नियमों और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाए।

यह घटना एक चेतावनी है कि टोल प्लाजा जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

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