Viral News: व्यापारी ने 1 लाख की स्कूटी के लिए खरीदी 14 लाख की VIP नंबर प्लेट, हिमाचल के हमीरपुर में शौक की अनोखी मिसाल।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया, बल्कि सोशल मीडिया पर ...
20 जून 2025 को हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया। हमीरपुर के मट्टन सिद्ध निवासी एक व्यापारी, संजीव कुमार, ने अपनी नई होंडा एक्टिवा स्कूटी, जिसकी कीमत मात्र 1 लाख रुपये है, के लिए 14 लाख रुपये की VIP नंबर प्लेट खरीदी। यह नंबर, HP21C-0001, हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग की ऑनलाइन नीलामी में हासिल किया गया। इस नीलामी में संजीव ने सोलन जिले के बद्दी के एक अन्य बोलीदाता को 50,000 रुपये से पछाड़कर यह नंबर अपने नाम किया। यह राशि सीधे हिमाचल प्रदेश सरकार के खजाने में जमा हुई, जिससे राज्य को बिना किसी अतिरिक्त व्यय के 14 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
20 जून 2025 को हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए विशेष नंबर प्लेटों की ऑनलाइन नीलामी आयोजित की। इस नीलामी में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा नंबर HP21C-0001, जिसे हमीरपुर के व्यापारी संजीव कुमार ने 14 लाख रुपये की बोली लगाकर हासिल किया। यह नंबर उनकी नई होंडा एक्टिवा स्कूटी के लिए था, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 लाख रुपये है। नीलामी में केवल दो बोलीदाता शामिल थे, जिनमें से एक सोलन जिले के बद्दी का निवासी था, जिसने 13.5 लाख रुपये की बोली लगाई थी। लेकिन संजीव ने 14 लाख रुपये की बोली लगाकर यह नंबर अपने नाम कर लिया।
संजीव ने न्यूज18 को बताया, “शौक की कोई कीमत नहीं होती। मुझे खास और अनोखे नंबरों का शौक है, और मैंने इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।” परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह हिमाचल प्रदेश में किसी दोपहिया वाहन के लिए अब तक की सबसे महंगी नंबर प्लेट हो सकती है। इस नीलामी से प्राप्त पूरी राशि राज्य सरकार के खजाने में जमा हो गई, जिसने बिना किसी अतिरिक्त खर्च के राजस्व में वृद्धि की।
संजीव कुमार, हमीरपुर के मट्टन सिद्ध क्षेत्र में एक हार्डवेयर और लोहे का कारोबार चलाते हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे अपने व्यवसायिक कौशल और सादगी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उनका यह शौक—खास और अनोखे नंबर प्लेटों का संग्रह—उनकी पहचान को एक नया आयाम देता है। संजीव ने आजतक को बताया, “मुझे हमेशा से फैंसी नंबरों का शौक रहा है। यह मेरे लिए स्टेटस सिंबल से ज्यादा व्यक्तिगत संतुष्टि का मामला है।”
संजीव का यह कदम कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। वे पहले भी अपने अन्य वाहनों के लिए विशेष नंबर खरीद चुके हैं, लेकिन इस बार उनकी बोली ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। उनके इस फैसले ने न केवल हमीरपुर, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में चर्चा का माहौल बना दिया। स्थानीय लोगों ने इसे “शौक की इंतहा” करार दिया, जबकि कुछ ने इसे बेकार की फिजूलखर्ची बताया।
- नीलामी प्रक्रिया और इसका महत्व
हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग नियमित रूप से विशेष नंबर प्लेटों की ऑनलाइन नीलामी आयोजित करता है। इन नंबरों में “0001,” “9999,” और “0786” जैसे नंबर विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। परिवहन मंत्रालय (MoRTH) के दिशानिर्देशों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो नीलामी में भाग लेने के लिए पंजीकरण शुल्क जमा करता है, वह इन नंबरों के लिए बोली लगा सकता है। “0001” जैसे सुपर एलीट नंबर की शुरुआती बोली हिमाचल में 1 लाख रुपये से शुरू होती है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के कारण यह राशि लाखों तक पहुंच सकती है।
इस मामले में, HP21C-0001 की नीलामी में केवल दो बोलीदाताओं ने हिस्सा लिया, जिसके कारण बोली की राशि 13.5 लाख से बढ़कर 14 लाख रुपये तक पहुंच गई। परिवहन अधिकारियों ने बताया कि यह राशि सीधे राज्य सरकार के खजाने में जाती है, जिससे सड़क सुरक्षा, परिवहन सुधार, और अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन उपलब्ध होता है। यह नीलामी प्रणाली न केवल सरकार के लिए राजस्व का स्रोत है, बल्कि यह लोगों को अपनी पसंद के नंबर हासिल करने का अवसर भी देती है।
इस घटना ने सोशल मीडिया, खासकर X पर तूफान मचा दिया। कई यूजर्स ने इसे शौक की अनोखी मिसाल बताया, जबकि कुछ ने इसे धन की बर्बादी करार दिया। @TheLallantop ने लिखा, “क्योंकि, शौक बड़ी चीज है! हिमाचल के संजीव कुमार ने 1 लाख की स्कूटी के लिए 14 लाख का VIP नंबर खरीदा।” @ZeeNews ने ट्वीट किया, “1 लाख की स्कूटी के लिए 14 लाख की नंबर प्लेट! शौक बड़ी चीज है।” कुछ यूजर्स ने इसे मजाक का विषय बनाया, जैसे @LegalAdvisour ने लिखा, “स्कूटी की कीमत 1 लाख, लेकिन नंबर का शौक 14 गुना ज्यादा!”
हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस कदम की तारीफ भी की। एक यूजर ने लिखा, “संजीव जी ने अपने शौक को जिया, और सरकार को 14 लाख का राजस्व भी दिया। यह एक अनोखा उदाहरण है।” इस घटना ने सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक्स की बाढ़ ला दी, जिससे यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई।
संजीव कुमार का यह कदम कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला, यह दिखाता है कि भारत में फैंसी नंबर प्लेटों का क्रेज कितना बढ़ गया है। पहले यह शौक केवल अमीरों और लग्जरी कार मालिकों तक सीमित था, लेकिन अब दोपहिया वाहन मालिक भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। हिमाचल में ही 2023 में एक व्यक्ति ने HP-99-9999 नंबर के लिए 1.12 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, हालांकि वह राशि जमा नहीं कर पाया था।
दूसरा, इस नीलामी से सरकार को मिला राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है। हिमाचल जैसे छोटे राज्य के लिए 14 लाख रुपये की राशि महत्वपूर्ण है, जो सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में उपयोग की जा सकती है।
तीसरा, यह घटना समाज में शौक और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के बदलते आयामों को दर्शाती है। संजीव जैसे लोग फैंसी नंबरों को स्टेटस सिंबल से ज्यादा व्यक्तिगत संतुष्टि और पहचान का प्रतीक मानते हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने इसे धन की बर्बादी बताते हुए सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि का उपयोग किसी सामाजिक कार्य, जैसे शिक्षा या स्वास्थ्य, में किया जा सकता था।
- फैंसी नंबरों का बढ़ता क्रेज
भारत में फैंसी नंबर प्लेटों की मांग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। 2023-24 में पुणे RTO ने केवल फैंसी नंबरों की नीलामी से 50 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया। इसी तरह, हैदराबाद में “9999” नंबर 21.6 लाख रुपये में बिका। भारत में “0001,” “9999,” और “0786” जैसे नंबर विशेष रूप से लोकप्रिय हैं, और इनकी बोली लाखों से करोड़ों तक पहुंच सकती है।
हिमाचल में यह पहली बार नहीं है जब फैंसी नंबरों के लिए इतनी बड़ी राशि खर्च की गई हो। 2023 में, HP-99-9999 के लिए 1.12 करोड़ रुपये की बोली लगी थी, लेकिन बोलीदाता द्वारा राशि जमा न करने के कारण वह नंबर आवंटित नहीं हो सका। संजीव कुमार की इस बोली ने उस रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर इशारा किया है।
यह घटना हमें कई सबक देती है। पहला, यह कि फैंसी नंबरों की नीलामी एक पारदर्शी और लाभकारी प्रक्रिया होनी चाहिए। परिवहन विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नीलामी में कोई अनियमितता न हो, जैसा कि कुछ राज्यों में पक्षपात के आरोप लगे हैं।
दूसरा, लोगों को अपने शौक और वित्तीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना चाहिए। संजीव के इस कदम ने जहां उनके शौक को嫡ी, बल्कि यह भी समाज में उनके प्रति जागरूकता का एक उदाहरण है।
हमीरपुर के संजीव कुमार द्वारा 1 लाख रुपये की स्कूटी के लिए 14 लाख रुपये की VIP नंबर प्लेट खरीदने की घटना ने शौक की एक अनोखी मिसाल पेश की है।
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