स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश- आतंकियों और उनके समर्थकों को एक समान दुश्मन बताया, पाकिस्तान पर साधा निशाना।
UP News: भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित ....
- लाल किले से पकिस्तान पर गरजे पीएम मोदी- पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी हुई है। वहां हुई तबाही इतनी बड़ी है कि...
15 अगस्त 2025 को भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने 103 मिनट के भाषण में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया और कहा, "पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी हुई है। वहां हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आ रहा है। आतंकियों ने देश के सीने को छलनी करने की कोशिश की और इसे नया सामान्य बनाने की साजिश की। लेकिन हम आतंकियों और उनके पालकों को अलग-अलग नहीं मानेंगे। वे मानवता के एक समान दुश्मन हैं, उनमें कोई फर्क नहीं।" यह बयान हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले और भारत के जवाबी ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में था।
- पीएम मोदी का भाषण: आतंकवाद पर कड़ा रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में आतंकवाद को वैश्विक चुनौती बताया और इसके खिलाफ भारत की मजबूत नीति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर आतंकी हमले का जवाब दोगुनी ताकत से देगा। उनके इस बयान का संदर्भ 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारत ने इसके जवाब में 6-7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इस ऑपरेशन में 53 लोग मारे गए, जिनमें 13 पाकिस्तानी सैनिक और 40 नागरिक शामिल थे।
मोदी ने कहा, "पाकिस्तान में हुई तबाही के खुलासे रोज सामने आ रहे हैं। हमने आतंकियों और उनके समर्थकों को साफ संदेश दे दिया है कि भारत अब चुप नहीं रहेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया है, क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और कृषि पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि वह इस संधि के तहत मिलने वाले पानी पर निर्भर है।
- ऑपरेशन सिंदूर: भारत का जवाब
पहलगाम हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत त्वरित और सटीक कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना और सेना ने ड्रोन और सटीक हथियारों का इस्तेमाल कर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। मोदी ने इसकी सफलता की सराहना करते हुए कहा, "हमारी सेना ने दिखा दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर सकता है। ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मनों को उनकी औकात दिखा दी।" इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने 10 मई तक जवाबी कार्रवाई की, जिसे 'ऑपरेशन बुनियान-उम-मार्सूस' नाम दिया गया। हालांकि, अमेरिका की मध्यस्थता से 10 मई को युद्धविराम हुआ।
- पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और तबाही
मोदी के बयान में "पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई" और "तबाही" का जिक्र हाल के घटनाक्रमों की ओर इशारा करता है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में आंतरिक अस्थिरता बढ़ गई है। आतंकी संगठनों के ठिकानों पर हमले और पाकिस्तानी सेना की नाकामी ने वहां की जनता और विपक्षी दलों में असंतोष पैदा किया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जर्दारी ने भारत को धमकियां दी थीं, जिसमें परमाणु हमले और सिंधु नदी के बांधों को नष्ट करने की बात शामिल थी। भारत ने इसका जवाब देते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी पाकिस्तान की नाकामियों को छिपाने की कोशिश है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही संकट में है, और वह 9 अरब डॉलर के कर्ज में डूबा हुआ है। सिंधु जल संधि के निलंबन से उसकी 80% कृषि भूमि और बिजली उत्पादन पर खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई आतंकी संगठनों के ठिकाने नष्ट हो गए, और उनके नेताओं की हत्या या गिरफ्तारी ने आतंकी नेटवर्क को कमजोर किया। इन खुलासों ने पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।
- भारत की आतंकवाद विरोधी नीति
मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताया और कहा कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को एक समान मानता है। उन्होंने कहा, "हमने नया सामान्य स्थापित करने की साजिश को नाकाम कर दिया है। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को दुनिया अब जवाब दे रही है।" भारत ने हाल के वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है, जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक (2016), बालाकोट एयरस्ट्राइक (2019) और अब ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं।
मोदी ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, "भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अकेला नहीं है। हमने दिखा दिया कि आतंक का जवाब ताकत से दिया जाता है।" उन्होंने 'मिशन सुदर्शन चक्र' की भी घोषणा की, जो 2035 तक भारत के रणनीतिक और धार्मिक स्थलों को आतंकी हमलों से बचाने के लिए स्वदेशी हथियार प्रणाली विकसित करेगा।
- सिंधु जल संधि का निलंबन
1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि के तहत भारत ने सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी पाकिस्तान को आवंटित किया था। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने इसे निलंबित करने का फैसला लिया। मोदी ने कहा, "हम अपने जल संसाधनों का उपयोग अपने लोगों के लिए करेंगे। आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को कोई रियायत नहीं मिलेगी।" भारत ने चिनाब नदी पर 1,856 मेगावाट की सावलकोट जलविद्युत परियोजना और 850 मेगावाट की रतले परियोजना को तेजी से पूरा करने की योजना बनाई है।
पाकिस्तान ने इस फैसले को "सिंधु घाटी सभ्यता पर हमला" बताया और युद्ध की धमकी दी। लेकिन भारत ने हेग के स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के 11 अगस्त 2025 के आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें पानी बहने देने को कहा गया था। भारत ने कहा कि यह कोर्ट इस मामले में कोई अधिकार नहीं रखता।
- भाषण का व्यापक संदेश
मोदी के भाषण में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख प्रमुख था, लेकिन उन्होंने अन्य मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' का विजन दोहराया और कहा कि भारत ने पिछले दशक में 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' की नीति से प्रगति की है। उन्होंने जीएसटी में सुधार, 3.5 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार योजना, स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप्स, और परमाणु ऊर्जा विस्तार की घोषणा की। आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "हमारी सेना और नीतियां आतंकियों को जवाब देने के लिए तैयार हैं। भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि पहले कदम उठाएगा।"
लाल किले पर ध्वजारोहण के दौरान भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलिकॉप्टरों ने पुष्पवर्षा की, जिसमें एक हेलिकॉप्टर ने तिरंगा और दूसरा 'ऑपरेशन सिंदूर' का बैनर लहराया। यह भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता का प्रतीक था। मोदी ने कहा, "140 करोड़ देशवासी तिरंगे के रंग में रंगे हुए हैं। हमारी एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति को दोहराया और पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि के निलंबन ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया है।
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