77वीं गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर फहराया तिरंगा, ध्वजारोहण के साथ शुरू हुई भव्य परेड।

भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण किया। सुबह सात बजकर 50 मिनट पर

Jan 26, 2026 - 13:44
 0  9
77वीं गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर फहराया तिरंगा, ध्वजारोहण के साथ शुरू हुई भव्य परेड।
77वीं गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर फहराया तिरंगा, ध्वजारोहण के साथ शुरू हुई भव्य परेड।
  • भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराकर ध्वजारोहण किया, जहां हजारों सैनिकों, झांकियों और नागरिकों की उपस्थिति में राष्ट्र को संबोधित करते हुए संविधान की महत्ता और देश की प्रगति पर जोर दिया गया।
  • कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की शुरुआत की, हजारों दर्शकों ने देखा ऐतिहासिक क्षण
  • गणतंत्र दिवस 2026 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण, तिरंगा फहराकर मनाया गया संविधान दिवस

26 जनवरी 2026 को भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण किया। सुबह सात बजकर 50 मिनट पर राष्ट्रपति ने 21 तोपों की सलामी के साथ तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान बजाया गया। राष्ट्रपति ने राष्ट्र को संबोधित किया। संबोधन में संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। देश की प्रगति और एकता पर जोर दिया गया। परेड की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। कर्तव्य पथ पर हजारों दर्शक मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। परेड में सैन्य दस्ते, झांकियां और बैंड शामिल हुए। राष्ट्रपति ने सैनिकों को सलामी दी। ध्वजारोहण के बाद परेड आगे बढ़ी।

ध्वजारोहण समारोह कर्तव्य पथ पर आयोजित हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वज फहराया गया। राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रपति का संबोधन हुआ। संबोधन में भारतीय संविधान की भूमिका बताई गई। देश की उपलब्धियों का जिक्र किया गया। परेड में तीनों सेनाओं के दस्ते शामिल हुए। झांकियां और बैंड ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति ने परेड की सलामी ली। दर्शकों ने तिरंगा लहराया। समारोह सुबह से शुरू हुआ। ध्वजारोहण परेड का पहला हिस्सा था। राष्ट्रपति ने सैनिकों को सम्मान दिया। परेड में विभिन्न राज्यों की झांकियां शामिल हुईं।

कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। सलामी के साथ ध्वज ऊंचा किया गया। राष्ट्रगान गाया गया। राष्ट्रपति ने संबोधन दिया। संविधान दिवस के रूप में इस दिन को मनाया गया। परेड में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रपति ने परेड की शुरुआत की। दर्शकों की संख्या अधिक रही। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। ध्वजारोहण के बाद परेड आगे बढ़ी। राष्ट्रपति का संबोधन महत्वपूर्ण रहा। परेड में वायुसेना के फ्लाईपास्ट शामिल थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण किया। 26 जनवरी 2026 को यह समारोह हुआ। तिरंगा फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। राष्ट्रगान के बाद संबोधन हुआ। संबोधन में देश की प्रगति बताई गई। परेड में सैनिकों ने मार्च किया। झांकियां और बैंड ने हिस्सा लिया। राष्ट्रपति ने सलामी ली। समारोह में नागरिक भी शामिल हुए। ध्वजारोहण परेड का मुख्य आकर्षण रहा। राष्ट्रपति ने संविधान की महत्ता बताई। परेड सफल रही।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। सलामी और राष्ट्रगान के बाद संबोधन दिया गया। परेड में तीनों सेनाओं के दस्ते शामिल हुए। राष्ट्रपति ने परेड की समीक्षा की। दर्शकों ने उत्साह दिखाया। ध्वजारोहण सुबह हुआ। परेड में विभिन्न कार्यक्रम थे। राष्ट्रपति का संबोधन प्रमुख रहा। तिरंगा फहराने से समारोह शुरू हुआ। परेड में फ्लाईपास्ट शामिल था।

कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ध्वजारोहण किया। 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। तिरंगा फहराया गया। 21 तोपों की सलामी हुई। राष्ट्रगान बजाया गया। संबोधन में संविधान पर जोर दिया गया। परेड में सैन्य और नागरिक प्रदर्शन हुए। राष्ट्रपति ने सलामी ली। समारोह में सुरक्षा व्यवस्था रही। ध्वजारोहण परेड का प्रारंभ था। राष्ट्रपति ने देश को संदेश दिया।

इस गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। सलामी और राष्ट्रगान के बाद संबोधन हुआ। परेड में विभिन्न दस्ते और झांकियां शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने परेड की शुरुआत की। समारोह ऐतिहासिक रहा। ध्वजारोहण से उत्सव शुरू हुआ। राष्ट्रपति का संबोधन महत्वपूर्ण था। परेड में फ्लाईपास्ट और मार्च हुआ। तिरंगा फहराने से राष्ट्र गौरवान्वित हुआ।

Also Read- माघ मेले में स्नान विवाद के बीच केशव मौर्य की अपील, पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम कर विवाद समाप्त करने की गुहार।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow