UP: बांदा में शराब के नशे में बुजुर्ग की निर्मम हत्या, पोगरी गांव में लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में स्थित पोगरी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 70 वर्षीय बुजुर्ग...
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में स्थित पोगरी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 70 वर्षीय बुजुर्ग मुन्नीलाल की एक शराबी युवक ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना उस समय हुई, जब मुन्नीलाल अपने खेत में बनी झोपड़ी में बैठे थे। इस क्रूर घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और शराब के दुष्परिणामों पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह दुखद घटना 5 जुलाई 2025 को बांदा जिले के पोगरी गांव में हुई। जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय मुन्नीलाल अपने खेत में बनी झोपड़ी में बैठे थे, जब एक शराबी युवक ने उन पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि मुन्नीलाल ने युवक को गाली देने से रोका था, जिससे नाराज होकर उसने लाठी-डंडों से बुजुर्ग पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मुन्नीलाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने गांव में सनसनी फैला दी, और स्थानीय लोगों ने तुरंत नरैनी कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी शराब के नशे में था और उसका मुन्नीलाल के साथ कोई पुराना विवाद नहीं था। गाली देने को लेकर हुई कहासुनी ने इस हत्याकांड को जन्म दिया। इस घटना ने न केवल मुन्नीलाल के परिवार को गहरी चोट पहुंचाई, बल्कि गांव के लोगों में भी भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।
नरैनी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान एक स्थानीय युवक के रूप में हुई है, जिसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है, और पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी घटना के समय शराब के नशे में था और उसने आवेश में आकर यह जघन्य अपराध किया। पुलिस ने घटनास्थल से लाठी-डंडे भी बरामद किए हैं, जिन्हें सबूत के रूप में जांच में शामिल किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मुन्नीलाल की मौत का सटीक कारण क्या था और हमले में कितनी चोटें आई थीं। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास है या उसने पहले भी इस तरह की हिंसक गतिविधियों में हिस्सा लिया था। नरैनी कोतवाली के प्रभारी ने मीडिया को बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना समाज में शराब के दुरुपयोग और इससे जुड़ी हिंसा के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की लत एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है, जो न केवल परिवारों को तोड़ रही है, बल्कि इस तरह की हिंसक घटनाओं को भी जन्म दे रही है। मुन्नीलाल की हत्या इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि शराब का नशा न केवल व्यक्ति की मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में असुरक्षा और भय का माहौल भी पैदा करता है। पोगरी गांव जैसे छोटे ग्रामीण समुदायों में, जहां लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं, ऐसी घटनाएं सामुदायिक एकता और विश्वास को गहरी चोट पहुंचाती हैं। मुन्नीलाल एक बुजुर्ग व्यक्ति थे, जिन्हें समाज में सम्मान की नजर से देखा जाता था। उनकी निर्मम हत्या ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। इस घटना ने यह भी सवाल उठाया कि समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान को कैसे सुनिश्चित किया जाए।
उत्तर प्रदेश में शराब की लत और इससे जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री और खपत ने कई सामाजिक समस्याओं को जन्म दिया है, जिसमें घरेलू हिंसा, आपराधिक गतिविधियां और हत्याएं शामिल हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन के सामने शराबबंदी और नशामुक्ति अभियानों की जरूरत को रेखांकित किया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने इस घटना के बाद मांग की है कि गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती की जाए और नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की जाए।
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