जोधपुर में ऑयल पेंट गोदाम में भीषण आग: धमाकों से दहला इलाका, करोड़ों का नुकसान, प्रशासन ने काबू पाया।

राजस्थान के जोधपुर शहर में गुरुवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड हो गया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के प्रथम पुलिया के पास स्थित रंग सागर नामक ऑयल पेंट की दुकान और गोदाम में

Oct 17, 2025 - 11:33
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जोधपुर में ऑयल पेंट गोदाम में भीषण आग: धमाकों से दहला इलाका, करोड़ों का नुकसान, प्रशासन ने काबू पाया।
जोधपुर में ऑयल पेंट गोदाम में भीषण आग: धमाकों से दहला इलाका, करोड़ों का नुकसान, प्रशासन ने काबू पाया।

राजस्थान के जोधपुर शहर में गुरुवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड हो गया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के प्रथम पुलिया के पास स्थित रंग सागर नामक ऑयल पेंट की दुकान और गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। यह तीन मंजिला इमारत थी, जिसमें ज्वलनशील केमिकल, पेंट के ड्रम और अन्य सामग्री भरी हुई थी। आग की शुरुआत संभवतः शॉर्ट सर्किट से हुई, जिसके बाद एक के बाद एक ड्रम फटने लगे। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई, लेकिन संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा। फायर ब्रिगेड, एयरफोर्स और नगर निगम की टीमें रातभर जुटी रहीं और सुबह तक आग पर काबू पा लिया। यह घटना दीवाली से ठीक पहले हुई, जब गोदाम में स्टॉक भरा हुआ था।

घटना गुरुवार दोपहर के बाद शाम को शुरू हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोदाम में काम चल रहा था। अचानक एक कमरे से धुआं निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। इमारत के अंदर रखे पेंट के ड्रम गर्म होकर फटने लगे। प्रत्येक धमाका एक बम की तरह लग रहा था। आसमान में काला धुआं छा गया, जो दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। लपटें इतनी ऊंची उठीं कि आसपास की इमारतें खतरे में पड़ गईं। स्थानीय निवासी बताते हैं कि धमाकों से खिड़कियां कांप उठीं। एक महिला ने कहा कि वे सोच रही थीं कि कोई आतंकी हमला तो नहीं हो गया। अफरा-तफरी मच गई। लोग चीखने-चिल्लाने लगे। पड़ोस के घरों से परिवार बाहर भागे। बच्चे और बुजुर्ग डर गए। सड़क पर भीड़ लग गई। कोई वीडियो बना रहा था, तो कोई फायर ब्रिगेड को फोन कर रहा था।

सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड हरकत में आ गई। जोधपुर के शास्त्री नगर और बासनी फायर स्टेशन से शुरुआत में दो-दो गाड़ियां रवाना हुईं। लेकिन आग की तीव्रता देखते हुए अतिरिक्त मदद बुलानी पड़ी। कुल पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नगर निगम की फायर टीम भी शामिल हो गई। फिर एयरफोर्स की फायर यूनिट को भी बुलाया गया। यह जोधपुर एयरबेस से आई। उनके पास विशेष उपकरण हैं, जो ज्वलनशील सामग्री की आग बुझाने में कारगर साबित होते हैं। रात के करीब 10 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों ने फोम स्प्रे का इस्तेमाल किया, क्योंकि पानी से आग और भड़क सकती थी। केमिकल की वजह से धुआं जहरीला था, इसलिए कर्मियों ने मास्क पहने। एक फायर अधिकारी ने बताया कि गोदाम में सैकड़ों ड्रम पेंट के थे, जो दीवाली की खरीदारी के लिए जमा किए गए थे। प्रत्येक ड्रम 200 लीटर का था। आग ने ज्यादातर को निगल लिया।

जिला प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए। डिप्टी कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे। आसपास के घरों को खाली कराया गया। सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ। मालिक का नाम गोपनीय रखा गया है, लेकिन वे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि गोदाम में बीमा था, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि पूरी भरपाई मुश्किल। अनुमानित नुकसान 5 से 10 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इसमें पेंट, केमिकल, मशीनरी और इमारत का नुकसान शामिल है। इमारत की ऊपरी मंजिलें ढह गईं। नीचे की दुकानें भी प्रभावित हुईं। पड़ोस की दुकानों को हल्का नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। अगले दिन जांच टीम पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शॉर्ट सर्किट की पुष्टि की। बिजली के तार पुराने थे, जो आग की वजह बने।

यह घटना जोधपुर के लिए चेतावनी है। शहर में ऐसे गोदामों की संख्या बढ़ रही है। ज्वलनशील सामग्री वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानक ढीले हैं। नगर निगम ने कहा कि अब सख्त जांच होगी। सभी व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य होंगे। स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम और आपातकालीन निकासी मार्ग चेक किए जाएंगे। जोधपुर में पिछले कुछ महीनों में कई आग की घटनाएं हुई हैं। अक्टूबर की शुरुआत में सिवांची गेट के रेग्जीन गोदाम में आग लगी थी। वहां भी लाखों का नुकसान हुआ। मार्च में लकड़ी के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग फैली। फरवरी में जूते के गोदाम में देर रात आग लगी, जो छह घंटे चली। इन घटनाओं से साफ है कि शॉर्ट सर्किट मुख्य कारण है। बिजली की बढ़ती मांग और पुरानी वायरिंग खतरनाक साबित हो रही है। विशेषज्ञ कहते हैं कि गोदाम मालिकों को नियमित मेंटेनेंस कराना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने घटना पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि वे जिला प्रशासन के संपर्क में थे। प्रशासन की तत्परता से आग काबू में आई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी निगरानी रखें। स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा दिया। राहत के तौर पर अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की गई। एनजीओ ने भी हाथ बंटाया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए। लोग आग की तीव्रता देखकर स्तब्ध हैं। एक यूजर ने लिखा कि यह बारूद का गोदाम जैसा था। एक अन्य ने फायर ब्रिगेड की तारीफ की। लेकिन कई ने सुरक्षा पर सवाल उठाए। क्यों ऐसे गोदाम आबादी वाले इलाकों में हैं? प्रशासन ने वादा किया कि स्थानांतरण पर विचार होगा।

आग के पर्यावरणीय प्रभाव भी गंभीर हैं। जहरीला धुआं हवा में फैला, जो सांस की बीमारियां बढ़ा सकता है। आसपास के निवासियों को सलाह दी गई कि मास्क पहनें। अगले कुछ दिनों तक धुंध बनी रहेगी। जलवायु विशेषज्ञ कहते हैं कि शुष्क मौसम में आग का खतरा बढ़ता है। जोधपुर में मानसून के बाद नमी कम है। हवा की गति तेज होने से लपटें फैलती हैं। यह घटना व्यापारियों के लिए झटका है। दीवाली नजदीक है, पेंट की डिमांड चरम पर है। अब सप्लाई चेन प्रभावित होगी। छोटे दुकानदारों को महंगा सामान मिलेगा। लेकिन यह हादसा सबक सिखाता है। सुरक्षा पहले, व्यापार बाद में।

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