Sawan 2026: सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ पहुंचे सीएम योगी, दर्शन-पूजन कर प्रदेश की समृद्धि की मांगी कामना

सावन मास के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। जानें दौरे से जुड़ी सभी खास बातें।

Jul 30, 2026 - 11:19
Jul 30, 2026 - 11:28
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Sawan 2026: सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ पहुंचे सीएम योगी, दर्शन-पूजन कर प्रदेश की समृद्धि की मांगी कामना
CM Yogi Kashi Vishwanath Worship Sawan
  • CM Yogi Varanasi Visit: श्रावण मास के पहले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक, अधिकारियों को दिए निर्देश
  • सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे सीएम योगी! बाबा का रुद्राभिषेक कर लिया आशीर्वाद, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश
  • Sawan First Day: सावन के शुभारंभ पर वाराणसी पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

पवित्र श्रावण मास (सावन) के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। धार्मिक नगरी काशी पहुंचे मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक व रुद्राभिषेक कर राज्य की सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। इस पावन अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा व सुविधाओं के प्रबंधों का भी जायजा लिया। सावन के पहले दिन ही काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि दर्शन के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।

सनातन परंपरा में सावन महीने का विशेष धार्मिक महत्व है। इस महीने की शुरुआत के साथ ही पूरे देश के शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो जाता है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावन मास के पहले दिन वाराणसी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शास्त्रीय विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सावन मेले की तैयारियों की जमीनी समीक्षा भी की।

तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर वाराणसी पहुंचा, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। मंदिर प्रांगण में प्रवेश करने के बाद अर्चक और पुजारियों के दल ने मुख्य यजमान के रूप में मुख्यमंत्री को संकल्प दिलाया।

गर्भगृह में मुख्यमंत्री ने दूध, जल, गंगाजल, बेलपत्र, भस्म और पुष्प अर्पित कर बाबा विश्वनाथ का भव्य रुद्राभिषेक किया। पूजा-अर्चना संपन्न होने के पश्चात उन्होंने मंदिर न्यास के अधिकारियों से बात की और विश्वनाथ धाम परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए शेड, पेयजल व्यवस्था, मेडिकल कैंप और कतार प्रबंधन की व्यवस्थाओं को खुद देखा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि सावन मास में भगवान शिव के भक्तों का काशी में आगमन एक पवित्र उत्सव की तरह होता है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि दूर-दराज से आने वाले हर कांवड़िए और शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सुखद दर्शन का अनुभव मिले।"

वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पुजारियों ने बताया कि सावन के प्रथम दिन मुख्यमंत्री की ओर से की गई पूजा देश और प्रदेश के जन-कल्याण की भावना से प्रेरित थी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस आयुक्त ने भी मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि पूरे सावन महीने में ट्रैफिक डायवर्जन, सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सुरक्षा तंत्र के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

सावन के पहले दिन मुख्यमंत्री के इस दौरे से प्रशासन और मंदिर प्रबंधन दोनों ही हाई अलर्ट मोड पर आ गए हैं। काशी विश्वनाथ धाम के आसपास के सभी मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कांवड़ यात्रा के सुगम संचालन के लिए विशेष रूट चार्ट लागू किया गया है। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में जवाबदेही बढ़ी है, जिसका सीधा लाभ मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री का यह कदम प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को बढ़ावा देने की उनकी नीति को भी रेखांकित करता है।

सावन का पूरा महीना काशी में अत्यधिक गहमागहमी वाला रहता है। विशेषकर सावन के सोमवारों के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन आने वाले सभी सोमवारों के लिए विशेष जल-पुलिस, गोताखोरों की तैनाती (गंगा घाटों पर) और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखेगा। पूरे महीने वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों और मंदिर परिसर में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे।

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