Petrol Diesel Prices Today: 30 जुलाई 2026 को आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? देखें पूरी रेट लिस्ट
30 जुलाई 2026 को देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और यूपी के प्रमुख शहरों में ताजा ईंधन दरें और रेट लिस्ट देखें।

- Petrol Diesel Price 30 July 2026: दिल्ली, मुंबई से लेकर यूपी तक स्थिर रहे ईंधन के दाम, जानें ताजा दरें
- 30 जुलाई 2026: पेट्रोल-डीजल की नई दरें जारी, दिल्ली, मुंबई और यूपी के शहरों में जानें आज का ताजा भाव
- Fuel Price Today: 30 जुलाई 2026 को पेट्रोल और डीजल के रेट स्थिर, जानें देश के प्रमुख शहरों के ताजा दाम
- SLUG
देश की तेल विपणन कंपनियों ने 30 जुलाई 2026 की सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार में ईंधन के दाम लगातार स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी आज कीमतों में कोई नया बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। रोजाना के सफर और माल ढुलाई पर निर्भर आम जनता व ट्रांसपोर्टर्स के लिए यह स्थिरता काफी राहत देने वाली है, क्योंकि लंबे समय से स्थानीय स्तर पर खुदरा कीमतें नियंत्रित बनी हुई हैं।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 30 जुलाई 2026 को दैनिक समीक्षा के बाद देश भर में पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा दरों की घोषणा की है। आज की समीक्षा में लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ईंधन के दामों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। राज्य स्तरीय वैट (VAT), स्थानीय लेवी और माल ढुलाई (Freight Charges) के अंतर के कारण देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की दरों में थोड़ा अंतर जरूर दिखता है, लेकिन कुल मिलाकर आज भी दरें पूर्ववत बनी हुई हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति और घरेलू कर ढांचे के आधार पर तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल की समीक्षा करती हैं। पिछले कुछ हफ्तों से वैश्विक स्तर पर हलचल रहने के बावजूद घरेलू बाजार में ईंधन की खुदरा कीमतों को अपरिवर्तित रखा गया है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ईंधन सबसे किफायती स्तर पर बना हुआ है, जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्थानीय करों की वजह से कीमतें थोड़ी अधिक हैं। उत्तर प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों में भी दरें लगभग एक समान दायरे में हैं।
नीचे 30 जुलाई 2026 को देश के प्रमुख शहरों और राज्यों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव की तालिका दी गई है:
| शहर / राज्य | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 102.12 | 95.56 |
| लखनऊ | 102.05 - 102.28 | 95.55 - 95.78 |
| कानपुर | 102.01 | 95.48 |
| बरेली | 101.26 | 94.73 |
| शाहजहांपुर | ~102.00 | ~95.50 |
| बाराबंकी | 102.28 | 95.78 |
| मुरादाबाद | 102.75 | 96.14 |
| आगरा | 101.26 - 101.54 | 94.73 |
| हरदोई | 102.28 | 95.78 |
| कोलकाता | 113.48 | 99.82 |
| पुणे | 112.02 | 98.66 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| असम | 105.73 - 106.55 | 97.23 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| तमिलनाडु | 107.77 - 108.63 | 99.55 |
| मध्य प्रदेश | 114.00 - 116.00 | 95.00 - 101.00 |
| राजस्थान | 112.66 - 113.97 | 97.78 - 98.96 |
अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरों में अस्थिरता के बावजूद भारतीय बाजार में ईंधन दरों का स्थिर रहना महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखने के लिहाज से सकारात्मक कदम है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि डीजल की दरों में स्थिरता रहने से माल ढुलाई भाड़े में अचानक बढ़ोतरी नहीं करनी पड़ रही है, जिससे रसद और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला सुचारू बनी हुई है। वहीं आम वाहन चालकों का मानना है कि दैनिक आधार पर होने वाली अचानक बढ़ोतरी से बचत होती है और मासिक बजट को संतुलित रखने में मदद मिलती है।
ईंधन की कीमतों में स्थिरता का असर सीधे तौर पर आम उपभोक्ता के बजट और देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। डीजल की कीमतें स्थिर रहने से कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले पंपसेट और मालवाहक वाहनों के परिचालन लागत पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ रहा है।
दिल्ली से लेकर सुदूर पूर्वोत्तर के असम तक और राजस्थान के थार क्षेत्र से लेकर दक्षिण के तमिलनाडु तक खुदरा बिक्री दरें नियंत्रित रहने से खाद्य पदार्थों की कीमतों में अचानक उछाल की संभावना कम रहती है। हालांकि, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में उच्च वैट दर के कारण ईंधन महंगा जरूर है, लेकिन हालिया दिनों में कोई नया झटका न लगने से स्थिति सामान्य बनी हुई है।
आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों का रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) के उतार-चढ़ाव और ब्रिक्स या ओपेक (OPEC+) देशों के उत्पादन संबंधी फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल घरेलू तेल कंपनियां दैनिक आधार पर समीक्षा जारी रखेंगी। विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि वैश्विक बाजार में कोई बड़ा भू-राजनीतिक संकट या कच्चे तेल में भारी उछाल नहीं आता है, तो भारतीय बाजार में कीमतें इसी तरह स्थिर बनी रह सकती हैं।
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