झांसी में नीले ड्रम जैसा खौफनाक कांड: रिटायर्ड रेलकर्मी ने प्रेमिका का गला घोंटा, शव को एक हफ्ते घर में छिपाया, फिर बेटे के साथ जलाकर टुकड़ों में बक्से में फेंकने की कोशिश।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सीपरी इलाके में एक खौफनाक हत्याकांड सामने आया है जिसमें रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी राम सिंह परिहार ने अपनी लिव-इन पार्टनर
- प्रीति हत्याकांड में रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह गिरफ्तार: 7 जनवरी को गला घोंटकर हत्या, शव को घर में छिपाकर रखा, बेटे की मदद से जलाने के बाद टैक्सी से डिस्पोज करने की नाकाम कोशिश
- झांसी सीपरी में लिव-इन पार्टनर की हत्या: राम सिंह परिहार ने प्रीति का शव एक सप्ताह तक घर में रखा, फिर जला कर बक्से में बंद करके टैक्सी चालक ने पकड़वा दिया
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सीपरी इलाके में एक खौफनाक हत्याकांड सामने आया है जिसमें रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी राम सिंह परिहार ने अपनी लिव-इन पार्टनर प्रीति की हत्या कर दी। यह घटना 7 जनवरी 2026 को हुई जब राम सिंह ने पैसे की लगातार मांग से तंग आकर प्रीति का गला घोंट दिया। हत्या के बाद उसने शव को अपने घर में ही एक हफ्ते से ज्यादा समय तक छिपाकर रखा। बाद में उसने अपने बेटे की मदद से शव को जलाया और जले हुए टुकड़ों को एक बक्से में बंद करके टैक्सी से फेंकने की कोशिश की। टैक्सी चालक को बक्से से आने वाली बदबू पर शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दे दी जिसके बाद मामला सामने आया।
राम सिंह परिहार मूल रूप से रेलवे में कार्यरत रह चुके हैं और अब रिटायर्ड हैं। उनकी दो वैध पत्नियां हैं। पहली पत्नी रेलवे के आउटहाउस में रहती हैं जबकि दूसरी पत्नी सैयर गेट इलाके में निवास करती हैं। राम सिंह 40 वर्षीय प्रीति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थे। प्रीति के लिए उन्होंने लहर गांव में किराए का घर लिया था जहां दोनों साथ रहते थे। प्रीति राम सिंह से लगातार पैसे की मांग करती थी जिससे राम सिंह परेशान थे। 7 जनवरी को इसी विवाद के दौरान राम सिंह ने गुस्से में आकर प्रीति का गला घोंट दिया। हत्या के बाद उन्होंने शव को घर के एक कमरे में छिपा दिया और सामान्य जीवन जीते रहे।
एक हफ्ते से अधिक समय तक शव घर में रहने के कारण बदबू आने लगी। राम सिंह ने शव को नष्ट करने का फैसला किया। उन्होंने अपने बेटे को बुलाया और दोनों ने मिलकर शव को जलाया। जलने के बाद बचे हुए टुकड़ों को एक बक्से में बंद किया गया। राम सिंह ने टैक्सी बुक की और बक्से को कहीं फेंकने की योजना बनाई। टैक्सी चालक जब बक्से को वाहन में रख रहा था तो उसमें से तेज बदबू आई। चालक ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और बक्से की जांच की। जांच में जले हुए मानव अवशेष मिले जिसके बाद मामला हत्या का दर्ज किया गया।
पुलिस ने राम सिंह और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राम सिंह ने हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि प्रीति लगातार पैसे की मांग करती थी और विवाद बढ़ने पर उसने गला घोंट दिया। पुलिस ने हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए तरीके और शव को छिपाने की प्रक्रिया की जांच की। शव के अवशेषों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने लहर गांव वाले घर की भी जांच की जहां शव एक हफ्ते तक रखा गया था।
यह मामला मेरठ के नीले ड्रम कांड से मिलता-जुलता है जिसमें शव को ड्रम में बंद करके छिपाया गया था। झांसी पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया और जांच तेज की। राम सिंह पर हत्या, शव छिपाने और सबूत मिटाने के आरोप लगाए गए। बेटे पर सहयोग करने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने टैक्सी चालक के बयान को मुख्य सबूत बनाया।
राम सिंह की दोनों पत्नियों से भी पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि वे राम सिंह के साथ अलग-अलग रहती हैं और प्रीति के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी। प्रीति के परिवार से भी संपर्क किया गया। प्रीति के परिजनों ने बताया कि वह राम सिंह के साथ रह रही थी लेकिन पैसे के विवाद की बात उन्हें पता नहीं थी। झांसी पुलिस ने इस मामले में फोरेंसिक टीम को बुलाया। जले हुए अवशेषों की डीएनए जांच कराई जा रही है। पुलिस ने घटना स्थल से कई सबूत जुटाए। यह घटना जनवरी 2026 की शुरुआत में हुई और पुलिस ने 18 जनवरी तक जांच पूरी कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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