बीएमसी चुनाव हार के बाद कांग्रेस में उबाल: भाई जगताप ने वर्षा गायकवाड़ से इस्तीफा मांगा, पार्टी ने अनुशासनहीनता मानकर कारण बताओ नोटिस जारी किया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों में मिली करारी हार के बाद मुंबई कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पूर्व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान विधान
- मुंबई कांग्रेस में खुला विद्रोह: पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप पर AICC का नोटिस, बीएमसी हार के लिए वर्षा गायकवाड़ का इस्तीफा मांगने पर सात दिन में जवाब तलब
- कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर: भाई जगताप की बेबाक टिप्पणी पर पार्टी कार्रवाई, बीएमसी चुनाव हार के बाद मुंबई इकाई में बढ़ा संकट
बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों में मिली करारी हार के बाद मुंबई कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पूर्व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने हार के लिए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ को जिम्मेदार ठहराते हुए उनका इस्तीफा मांग लिया। जगताप ने कहा कि हार की जिम्मेदारी मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पर है और वर्षा गायकवाड़ को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
यह बयान पार्टी के भीतर विवाद का कारण बना। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने भाई जगताप के इस बयान को अनुशासनहीनता माना। पार्टी ने जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि वे पार्टी अनुशासन के खिलाफ बयान क्यों देते रहे। जगताप को नोटिस मिलने के बाद सात दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।
बीएमसी चुनावों में कांग्रेस को 227 सीटों में से केवल 9 सीटें मिलीं। यह पार्टी के लिए बहुत कमजोर प्रदर्शन था। महायुति गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने 89 और शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटें जीतीं। कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के कई नेता हार के कारणों पर चर्चा करने लगे। भाई जगताप ने कहा कि हार के लिए संगठनात्मक कमजोरी और नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्होंने वर्षा गायकवाड़ पर सीधा निशाना साधा।
जगताप ने कहा कि मुंबई कांग्रेस को मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि हार के बाद भी नेतृत्व में बदलाव नहीं हुआ। जगताप ने वर्षा गायकवाड़ से इस्तीफा देकर पार्टी को नई दिशा देने की अपील की। इस बयान के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ता और नेता चुप रहे लेकिन उच्च स्तर पर इस पर नाराजगी जाहिर हुई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अनुशासन बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई की। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पार्टी के भीतर आलोचना स्वीकार्य है लेकिन सार्वजनिक रूप से नेतृत्व पर व्यक्तिगत हमला अनुशासनहीनता है। जगताप को नोटिस 18 जनवरी 2026 को जारी किया गया। उन्हें 25 जनवरी तक जवाब देने को कहा गया है।
भाई जगताप लंबे समय से मुंबई कांग्रेस के सक्रिय नेता रहे हैं। वे पूर्व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में विधान परिषद सदस्य हैं। वर्षा गायकवाड़ महाराष्ट्र कांग्रेस की प्रमुख चेहरा हैं और मुंबई कांग्रेस की अध्यक्षता संभाल रही हैं। हार के बाद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि पार्टी पूरी ताकत से काम कर रही है और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
बीएमसी चुनाव 2025 में हुए थे। महायुति की जीत के बाद कांग्रेस में हार के कारणों पर बहस छिड़ गई। कई नेताओं ने संगठनात्मक कमजोरी का जिक्र किया। जगताप का बयान इस बहस को और तेज कर गया। पार्टी ने इसे अनुशासन का मामला बनाकर कार्रवाई की।
नोटिस मिलने के बाद जगताप ने कहा कि उनका बयान पार्टी हित में था। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के प्रति वफादार हैं और जवाब देंगे। पार्टी के अन्य नेताओं ने इस मामले पर टिप्पणी करने से परहेज किया। मुंबई कांग्रेस में अब अनुशासन और एकता पर फोकस है। यह घटना कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेदों को उजागर करती है। हार के बाद नेतृत्व पर सवाल उठना आम है लेकिन सार्वजनिक बयान अनुशासन का उल्लंघन माना जाता है। पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
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