Kalaburagi Jail Break: कलबुर्गी सेंट्रल जेल से 3 कैदी फरार, पुलिस मुठभेड़ के बाद एक गिरफ्तार, लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
कलबुर्गी सेंट्रल जेल से मंगलवार तड़के तीन सजायाफ्ता कैदी फरार हो गए। पुलिस ने बीदर के हुमनाबाद में मुठभेड़ के बाद एक कैदी को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

- Karnataka Crime News: कर्नाटक की कलबुर्गी जेल से भागे तीन सजायाफ्ता कैदी, बीदर में एनकाउंटर के बाद एक दबोचा गया
- कलबुर्गी सेंट्रल जेल से तड़के फरार हुए 3 खतरनाक कैदी, पुलिस ने घेराबंदी कर मुठभेड़ के बाद एक को दबोचा, सुरक्षाकर्मियों पर गिरी गाज
- कर्नाटक की कलबुर्गी सेंट्रल जेल से 3 सजायाफ्ता कैदी फरार, बीदर में पुलिस एनकाउंटर के बाद एक आरोपी गिरफ्तार
कर्नाटक के कलबुर्गी सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मंगलवार तड़के तीन सजायाफ्ता कैदी बैरक तोड़कर फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना के बाद राज्य के गृह विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे इलाके की नाकेबंदी की और खोजी अभियान शुरू किया। सघन तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी, जब बीदर जिले के हुमनाबाद के पास एक भगोड़े कैदी को मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद दोबारा दबोच लिया गया। हालांकि, दो अन्य कैदी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं जिनकी तलाश जारी है। इस बेहद गंभीर मामले में जेल प्रशासन की ओर से बड़ी लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद ऑन-ड्यूटी सुरक्षाकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह पूरा मामला कर्नाटक की अति सुरक्षित मानी जाने वाली कलबुर्गी सेंट्रल जेल से जुड़ा है। मंगलवार तड़के जब जेल परिसर में सुरक्षा गार्ड्स की ड्यूटी बदलने का समय था, उसी दौरान वहां विभिन्न गंभीर अपराधों में सजा काट रहे तीन कैदियों ने भागने की सोची-समझी साजिश को अंजाम दिया। वे जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर बैरक से बाहर निकले और परिसर की चहारदीवारी लांघकर भागने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। पुलिस के अनुसार, फरार हुए कैदी आदतन अपराधी हैं और उन्हें अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी थी। घटना के तुरंत बाद पड़ोसी जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया, जिसके चलते एक कैदी को कुछ ही घंटों के भीतर पकड़ लिया गया।
मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच जब जेल परिसर में घना अंधेरा था और सुरक्षा प्रहरियों की शिफ्ट बदलने की तैयारी चल रही थी, उसी समय इन तीनों कैदियों ने जेल के एक कमजोर सुरक्षा बिंदु का फायदा उठाया और वहां से भागने का रास्ता बनाया। कैदी बैरक से बाहर निकले और जेल की बाहरी सुरक्षा प्राचीर को पार करने में सफल रहे, जिसकी भनक ड्यूटी पर मौजूद प्रहरियों को काफी देर बाद लगी। जेल प्रशासन द्वारा कलबुर्गी जिला पुलिस को सूचना दिए जाने के तुरंत बाद कलबुर्गी, बीदर और यादगीर जिलों की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। पुलिस की एक विशेष टीम को बीदर जिले के हुमनाबाद के पास एक संदिग्ध के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली, जहां पुलिस ने उसे घेर लिया। जब पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा तो उसने हमला कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की और पैर में गोली लगने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
इस संवेदनशील सुरक्षा चूक पर कर्नाटक के जेल महानिदेशक (DGP Prisons) ने सख्त रुख अपनाया है। जेल मुख्यालय द्वारा जारी प्राथमिक बयान के अनुसार यह घटना अत्यंत चिंताजनक है और जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई, इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्थानीय पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि बीदर एनकाउंटर में पकड़ा गया कैदी खतरे से बाहर है और उससे अन्य दो फरार साथियों के ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है। वहीं, गृह मंत्रालय ने मामले की रिपोर्ट तलब की है और प्रथम दृष्टया ड्यूटी पर तैनात जेल वार्डन व मुख्य प्रहरियों को बड़ी लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कलबुर्गी सेंट्रल जेल से कैदियों के भागने की इस घटना ने राज्य की जेलों की सुरक्षा ऑडिट पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद राज्य के अन्य प्रमुख कारागारों, जैसे बेंगलुरु सेंट्रल जेल (परप्पना अग्रहारा) और बेलगावी हिंडल्गा जेल में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील बैरकों के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर, कैदियों के फरार होने से आम जनता में सुरक्षा को लेकर कुछ समय के लिए चिंता देखी जा रही थी, लेकिन पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कैदी को मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ गई है और सुरक्षा को लेकर भरोसा बहाल हुआ है।
पुलिस की कई विशेष टीमें अन्य दो फरार सजायाफ्ता कैदियों की तलाश में संभावित ठिकानों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और राज्य की सीमाओं पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल्स के जरिए उनके संभावित संपर्कों को खंगाला जा रहा है। जेल प्रशासन सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, नाइट विजन उपकरणों और रात की गश्त प्रणाली की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है। पकड़े गए कैदी से औपचारिक पूछताछ के बाद इस पूरी साजिश में शामिल किसी भी प्रकार के बाहरी मददगारों या जेल के भीतर के किसी संदिग्ध सहयोगी की भूमिका का भी पर्दाफाश होने की पूरी उम्मीद है।
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