पेट्रोल-डीजल भाव: दिल्ली सबसे सस्ता, मुंबई-कोलकाता में महंगा, यूपी शहरों में मामूली अंतर 24 मार्च 2026 का ईंधन अपडेट: क्या बदलाव आया?

सरकार और तेल कंपनियां लगातार निगरानी रख रही हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा उछाल आया तो भाव प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल कोई संकेत नहीं है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में ईंधन की खपत बहुत अधिक है, इसलिए स्थि

Mar 24, 2026 - 11:00
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पेट्रोल-डीजल भाव: दिल्ली सबसे सस्ता, मुंबई-कोलकाता में महंगा, यूपी शहरों में मामूली अंतर 24 मार्च 2026 का ईंधन अपडेट: क्या बदलाव आया?
पेट्रोल-डीजल भाव: दिल्ली सबसे सस्ता, मुंबई-कोलकाता में महंगा, यूपी शहरों में मामूली अंतर 24 मार्च 2026 का ईंधन अपडेट: क्या बदलाव आया?

24 मार्च 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग स्थिर रहीं। अच्छे रिटर्न्स और अन्य भरोसेमंद स्रोतों जैसे एनडीटीवी, इकोनॉमिक टाइम्स तथा कारडेक्सो से वेरिफाई की गई जानकारी के अनुसार आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों ने आज सुबह 6 बजे कोई संशोधन नहीं किया। विभिन्न राज्यों में वैट, एक्साइज ड्यूटी और फ्रेट चार्जेस के कारण शहर-दर-शहर थोड़ा अंतर जरूर है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार शांत रहा।

नीचे दी गई तालिका में दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुंबई, असम (गुवाहाटी), चेन्नई, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश (भोपाल), राजस्थान (जयपुर) आदि जगहों के पेट्रोल और डीजल के भाव दिए गए हैं। ये भाव 24 मार्च 2026 की सुबह के हैं और पूरी तरह वेरिफाई किए गए हैं:

जगह पेट्रोल (Rs. प्रति लीटर) डीजल (Rs. प्रति लीटर)
दिल्ली 94.77 87.67
नोएडा 95.12 88.01
लखनऊ 94.69 87.81
कानपुर 94.75 87.80
बरेली 94.43 88.20
शाहजहांपुर 95.17 88.00
बाराबंकी 94.90 87.90
मुरादाबाद 95.06 88.20
आगरा 94.50 87.70
हरदोई 94.94 88.10
कोलकाता 105.41 92.02
पुणे 104.30 90.70
मुंबई 103.54 90.03
असम (गुवाहाटी) 98.21 91.50
चेन्नई 101.06 92.49
तमिलनाडु (चेन्नई आधार) 101.06 92.49
मध्य प्रदेश (भोपाल) 106.56 91.90
राजस्थान (जयपुर) 104.72 89.90
उपरोक्त तालिका में सभी आंकड़े goodreturns.in से प्राप्त और अन्य विश्वसनीय वेबसाइटों से क्रॉस-वेरिफाई किए गए हैं ताकि कोई त्रुटि न रहे। यूपी के विभिन्न शहरों में पेट्रोल 94.43 से 95.17 रुपये और डीजल 87.70 से 88.20 रुपये के बीच है, जो राज्य स्तर पर समान वैट के कारण करीब-करीब एक समान हैं। दिल्ली में सबसे सस्ता पेट्रोल मिल रहा है जबकि कोलकाता और मुंबई में महंगा।

आज के ईंधन बाजार पर विस्तार से चर्चा करें तो यह समझना जरूरी है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं। तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, परिवहन लागत और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट को ध्यान में रखकर रोजाना सुबह 6 बजे भाव तय करती हैं। 24 मार्च 2026 को कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल रही, लेकिन पिछले कई महीनों से घरेलू स्तर पर कोई बड़ा उछाल या गिरावट नहीं आई। पिछले 12 महीनों में डीजल की कीमत कई जगहों पर लगभग स्थिर रही है, जबकि पेट्रोल में महीने के अंदर 0.04 रुपये का छोटा उतार-चढ़ाव देखा गया।

यूपी के शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई में भाव लगभग समान हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार का वैट दर पूरे राज्य में एक समान है। नोएडा दिल्ली के करीब होने के कारण दिल्ली से थोड़ा महंगा है, लेकिन फ्रेट चार्जेस के कारण मामूली अंतर आ जाता है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये पर स्थिर है, जो पूरे उत्तर भारत के लिए राहत की बात है। कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.02 रुपये पर है, जो पश्चिम बंगाल के उच्च वैट के कारण है। मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये है, जबकि पुणे महाराष्ट्र में थोड़ा अलग है क्योंकि स्थानीय कर अलग हैं।

तमिलनाडु में चेन्नई आधार पर पेट्रोल 101.06 रुपये और डीजल 92.49 रुपये है। असम में गुवाहाटी के आसपास पेट्रोल 98.21 रुपये पर है, जो पूर्वोत्तर राज्यों में अपेक्षाकृत सस्ता माना जाता है। मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल 106.56 रुपये और डीजल 91.90 रुपये पर पहुंच गया है, जबकि राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 104.72 रुपये और डीजल 89.90 रुपये है। ये अंतर मुख्य रूप से राज्य सरकारों की कर नीति से आते हैं। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कई बार घटाई है, जिससे आम आदमी को फायदा हुआ, लेकिन राज्य स्तर पर वैट अलग-अलग होने से कीमतें भिन्न रहती हैं।

इस स्थिरता का उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? ट्रांसपोर्ट क्षेत्र, किसान, छोटे व्यापारी और आम मध्यम वर्ग सभी को राहत मिल रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहने से ट्रक, बस और टैक्सी का किराया नहीं बढ़ा, जिससे सब्जी, फल और दैनिक जरूरत की चीजों की कीमतें नियंत्रित रहीं। किसानों को खेती के लिए डीजल सस्ता पड़ रहा है, जिससे फसल की लागत कम हुई। हालांकि, अगर कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल पार कर गईं तो भविष्य में बढ़ोतरी संभव है। वर्तमान में तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सतर्क हैं।

ईंधन की कीमतों का इतिहास देखें तो 2025 में कई बार उतार-चढ़ाव हुआ था, लेकिन 2026 की शुरुआत से अब तक अपेक्षाकृत स्थिरता बनी हुई है। मार्च 2026 में पेट्रोल की कीमत मुंबई में 103.50 से 103.54 रुपये के बीच घूम रही है। डीजल पिछले 12 महीनों से कई शहरों में बिना बदलाव के चल रहा है। सरकार की नीति है कि दैनिक संशोधन के माध्यम से कीमतें पारदर्शी रखी जाएं। इससे पहले 15 जून 2017 से पहले हर 15 दिन में भाव बदलते थे, अब रोजाना बदलाव संभव है लेकिन कई दिनों तक स्थिरता रहती है।

उपभोक्ताओं के लिए कुछ सुझाव: अपनी गाड़ी का रखरखाव अच्छा रखें, एयर फिल्टर साफ रखें, सही टायर प्रेशर बनाए रखें और अनावश्यक ट्रिप कम करें। कारपूलिंग या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें तो ईंधन की बचत होगी। बाइक या कार चलाते समय स्मूथ ड्राइविंग अपनाएं, अचानक ब्रेक या तेज एक्सीलेटर से बचें। कई शहरों में CNG और PNG विकल्प उपलब्ध हैं, जो सस्ते और पर्यावरण अनुकूल हैं।

सरकार और तेल कंपनियां लगातार निगरानी रख रही हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा उछाल आया तो भाव प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल कोई संकेत नहीं है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में ईंधन की खपत बहुत अधिक है, इसलिए स्थिर भाव यहां के लाखों वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है। कोलकाता, मुंबई जैसे महानगरों में महंगे भाव के बावजूद लोग एडजस्ट कर रहे हैं।

ईंधन की कीमतें केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दा भी हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दे रही है, लेकिन अभी पेट्रोल-डीजल ही मुख्य स्रोत हैं। 24 मार्च 2026 को कोई बड़ा बदलाव न होने से शेयर बाजार में भी तेल कंपनियों के शेयर स्थिर रहे। सेंसेक्स और निफ्टी में आज मामूली उतार-चढ़ाव था, लेकिन ईंधन स्थिरता ने सकारात्मक माहौल बनाया।

विस्तार से देखें तो यूपी के छोटे शहरों जैसे शाहजहांपुर, बाराबंकी, हरदोई में कीमतें दिल्ली-नोएडा के करीब हैं, जो लॉजिस्टिक्स की वजह से है। आगरा टूरिस्ट प्लेस होने के कारण वहां की खपत अधिक है, फिर भी भाव नियंत्रित हैं। पुणे और मुंबई महाराष्ट्र में औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण डीजल की मांग ज्यादा है, लेकिन कीमतें अभी संभाली हुई हैं। असम में तेल उत्पादन होने के बावजूद परिवहन लागत के कारण भाव थोड़े अलग हैं। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में उच्च वैट के कारण महंगा ईंधन है। राजस्थान में जयपुर आधार पर भाव मध्यम स्तर पर हैं।

24 मार्च 2026 का दिन ईंधन उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक रहा। कीमतों में कोई त्रुटि या अचानक उछाल नहीं आया। भविष्य में अगर क्रूड ऑयल 110 डॉलर पार करता है तो कंपनियां भाव बढ़ा सकती हैं, लेकिन फिलहाल सरकार सब्सिडी और टैक्स एडजस्टमेंट से संतुलन बनाए रख रही है। आम आदमी को सलाह है कि रोजाना goodreturns.in या आधिकारिक ऐप पर चेक करें, लेकिन आज के भाव के अनुसार प्लानिंग करें।

इसके अलावा, ईंधन बचत के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। कई राज्यों में CNG स्टेशन बढ़ाए जा रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ईवी प्रोत्साहन है। लंबे समय में भारत आयात पर निर्भरता कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस कर रहा है। लेकिन वर्तमान में पेट्रोल-डीजल ही जीवन रेखा हैं।

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