29 जून 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतें: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच क्या है रुझान?
सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं, जिनमें वैश्विक और स्थानीय स्तर के आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं। 29 जून 2025 को कीमतों...
भारत में सोने और चांदी की कीमतें हमेशा से निवेशकों और आम लोगों के लिए चर्चा का विषय रही हैं। 29 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया, जो वैश्विक बाजारों, भू-राजनीतिक तनावों, और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति से प्रभावित हुआ। भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए लगभग ₹99,000 से ₹1,00,300 के बीच रही, जबकि चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम ₹1,07,800 के आसपास रही। भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों, उनके उतार-चढ़ाव के कारणों, और निवेशकों के लिए भविष्य के रुझान।
आज की कीमतें: सोना और चांदी
29 जून 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतें विभिन्न शहरों में थोड़ी भिन्न थीं, जो स्थानीय करों, परिवहन लागत, और मांग-आपूर्ति जैसे कारकों पर निर्भर करती हैं। विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, निम्नलिखित कीमतें दर्ज की गईं:
24 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹99,000 - ₹1,00,300
दिल्ली: ₹99,930
मुंबई: ₹99,755
चेन्नई: ₹1,00,230
बेंगलुरु: ₹99,755
कोलकाता: ₹99,901
22 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹91,000 - ₹92,290
दिल्ली: ₹91,603
मुंबई: ₹91,290
चेन्नई: ₹91,878
बेंगलुरु: ₹91,290
कोलकाता: ₹91,076
चांदी (प्रति किलोग्राम): ₹1,07,800
दिल्ली: ₹1,07,800
मुंबई: ₹1,07,800
चेन्नई: ₹1,10,900
बेंगलुरु: ₹1,07,800
कोलकाता: ₹1,07,800
ये कीमतें मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशनों के आधार पर हैं। चांदी की कीमत में मामूली कमी देखी गई, जो पिछले दिन की तुलना में ₹100 प्रति किलोग्राम कम थी।
- कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं, जिनमें वैश्विक और स्थानीय स्तर के आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं। 29 जून 2025 को कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित थे:
वैश्विक बाजार में अस्थिरता: सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर पिछले कुछ हफ्तों में अस्थिर रही हैं। मध्य पूर्व में इजराइल-ईरान तनाव और अमेरिका-चीन व्यापार समझौतों के कारण सोने की मांग में उतार-चढ़ाव देखा गया। जून के मध्य में सोने की कीमतें ₹1,00,300 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थीं, लेकिन इजराइल-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की खबरों ने कीमतों को थोड़ा नीचे लाया।
अमेरिकी डॉलर और रुपये का प्रभाव: भारतीय रुपये की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले प्रभावित करती है। जून 2025 में रुपये में मामूली मजबूती देखी गई, जिसने सोने और चांदी की कीमतों को स्थानीय बाजार में कुछ राहत दी। हालांकि, अगर रुपये में फिर से कमजोरी आती है, तो कीमतें बढ़ सकती हैं।
मांग और आपूर्ति: भारत में सोना और चांदी की मांग शादी-विवाह के मौसम, त्योहारों, और निवेश के कारण बढ़ती है। जून 2025 में मांग स्थिर रही, लेकिन वैश्विक बाजारों में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण कीमतों में कुछ कमी देखी गई।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में समर्थन दिया। हालांकि, हाल के आर्थिक आंकड़ों, जैसे कमजोर खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन, ने सोने की कीमतों को स्थिर रखा।
चांदी की औद्योगिक मांग: चांदी की कीमतें न केवल सुरक्षित निवेश के रूप में, बल्कि औद्योगिक मांग, जैसे सौर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, से भी प्रभावित होती हैं। जून 2025 में चांदी की कीमतें ₹1,01,000 से ₹1,10,900 के बीच रही हैं, जो इसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।
पिछले 10 दिनों का रुझान
- पिछले 10 दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में निम्नलिखित रुझान देखे गए:
20 जून 2025: 24 कैरेट सोना ₹97,550 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹1,06,275 प्रति किलोग्राम।
23 जून 2025: सोना ₹98,884, चांदी ₹1,07,000।
24 जून 2025: सोना ₹97,288 (₹2,060 की गिरावट), चांदी ₹1,06,000 (₹1,165 की गिरावट)।
27 जून 2025: सोना ₹99,096, चांदी ₹1,09,900।
28 जून 2025: चांदी ₹1,10,900।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि जून के अंत तक सोने की कीमतें ₹1 लाख के करीब पहुंच रही थीं, लेकिन मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक स्थिरता की खबरों ने कीमतों को थोड़ा नीचे लाया।
- निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी अभी भी सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं, खासकर वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति के दौर में। कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं:
सोना: MCX पर अगस्त 2025 की गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत ₹99,096 थी, और विशेषज्ञों का कहना है कि ₹98,700 के आसपास खरीदारी एक अच्छा अवसर हो सकता है, जिसमें ₹1,01,000 का लक्ष्य है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे ₹97,000-₹98,000 के समर्थन स्तर पर नजर रखें।
चांदी: चांदी की कीमतें ₹1,15,000-₹1,23,000 तक पहुंच सकती हैं, क्योंकि इसकी औद्योगिक मांग बढ़ रही है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि ₹1,04,000 के समर्थन स्तर पर खरीदारी फायदेमंद हो सकती है।
डिजिटल गोल्ड: डिजिटल गोल्ड में निवेश भी एक सुविधाजनक विकल्प है, क्योंकि इसे छोटी मात्रा में खरीदा और बेचा जा सकता है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो भौतिक सोने की तुलना में आसान और सुरक्षित निवेश चाहते हैं।
शहरों में कीमतों का अंतर
- भारत में सोने और चांदी की कीमतें विभिन्न शहरों में थोड़ी भिन्न होती हैं। यह अंतर निम्नलिखित कारणों से होता है:
परिवहन लागत: सोने और चांदी को एक शहर से दूसरे शहर तक ले जाने की लागत कीमतों को प्रभावित करती है।
स्थानीय कर: अलग-अलग शहरों में कर की दरें अलग होती हैं, जैसे जीएसटी और स्थानीय बिक्री कर। उदाहरण के लिए, चेन्नई में चांदी की कीमत अन्य शहरों की तुलना में अधिक थी।
मांग और आपूर्ति: किसी विशेष शहर में सोने या चांदी की मांग अधिक होने पर कीमतें बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 के अंत तक सोने की कीमतें ₹1,01,000-₹1,03,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं, खासकर अगर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है या अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है। चांदी की कीमतें भी ₹1,15,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती हैं, क्योंकि इसकी औद्योगिक मांग बढ़ रही है।
हालांकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अगर वैश्विक आर्थिक स्थिति स्थिर होती है और अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो कीमतों में कमी भी आ सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वैश्विक और स्थानीय आर्थिक संकेतकों, जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और रुपये की स्थिति, पर नजर रखें। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है, और चांदी की भी मजबूत मांग है। सोना न केवल निवेश का साधन है, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व भी रखता है। शादी-विवाह, त्योहार जैसे धनतेरस और अक्षय तृतीया, और अन्य अवसरों पर सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। चांदी का उपयोग गहनों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है, जैसे सौर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स।
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