UP Poster Politics - 'चचा हैं तो सपा है' के पोस्टर से अखिलेश यादव गायब, शिवपाल बने सपा के नए 'पोस्टर बॉय'
उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव नतीजों के बाद 'चचा हैं तो सपा है' लिखे पोस्टर से अखिलेश यादव की तस्वीर गायब होने पर सियासी हलचल तेज हो गई है। जानिए पूरा मामला।

- Samajwadi Party Poster Row - एमएलसी चुनाव में जीत के बाद लखनऊ में लगे पोस्टर, शिवपाल यादव को बताया सपा का आधार
- Akhilesh vs Shivpal Posters - 'चचा हैं तो सपा है' नारे से गरमाई यूपी की सियासत, पोस्टर से राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीर नदारद
- Lucknow SP Poster - शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में बढ़त के बाद पोस्टर वॉर, शिवपाल समर्थकों के पोस्टर ने बढ़ाई सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के चुनाव परिणामों के बाद समाजवादी पार्टी के भीतर एक बार फिर पोस्टर सियासत तेज हो गई है। राजधानी लखनऊ में लगाए गए एक नए राजनीतिक होर्डिंग ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में "चचा हैं तो सपा है" स्लोगन लिखा गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे पोस्टर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर पूरी तरह नदारद है, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव को प्रमुखता से पेश करते हुए उन्हें पार्टी का मुख्य 'पोस्टर बॉय' दर्शाया गया है।
- एमएलसी चुनाव में जीत का श्रेय देने की कोशिश
यह होर्डिंग समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय नेता/कार्यकर्ता की ओर से लगाया गया है, जिसमें एमएलसी चुनावों में मिली सफलता पर बधाई दी गई है। पोस्टर पर "एमएलसी चुनाव में रिकॉर्ड जीत की कोटि-कोटि बधाई" के साथ यह भी रेखांकित किया गया है कि शिवपाल यादव की चुनावी रणनीति और जमीनी पकड़ के चलते भारतीय जनता पार्टी के मजबूत किलों में सेंध लगाने में मदद मिली। हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेता और सर्वेसर्वा अखिलेश यादव को पोस्टर से बाहर रखे जाने को लेकर सियासी विश्लेषक इसे पार्टी के भीतर आंतरिक शक्ति संतुलन और पुराने खेमों की सक्रियता से जोड़कर देख रहे हैं।
- पोस्टर में दिख रहे वरिष्ठ नेता, लेकिन अखिलेश गायब
होर्डिंग के शीर्ष हिस्से में समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव (नेताजी) के अलावा आजम खान, प्रोफेसर रामगोपाल यादव, रेवती रमण सिंह और जनेश्वर मिश्र जैसे पुराने और वरिष्ठ समाजवादियों की तस्वीरें तो शामिल की गई हैं, लेकिन पार्टी के वर्तमान मुखिया अखिलेश यादव को जगह नहीं दी गई है। दाईं ओर शिवपाल यादव की बड़ी तस्वीर लगी है, जो सीधे तौर पर यह संदेश देने का प्रयास करती दिख रही है कि संगठन में शिवपाल की भूमिका अब भी सबसे अहम है।
- विरोधियों को मिला हमला बोलने का मौका
सपा मुख्यालय और राजधानी के प्रमुख चौराहों के आसपास इस तरह के पोस्टर सामने आने के बाद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को भी समाजवादी पार्टी पर तंज कसने का मौका मिल गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह पोस्टर पार्टी के भीतर चलने वाले अंतर्कलह और नेतृत्व के असंतोष को उजागर करता है। वहीं, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे किसी अति-उत्साही कार्यकर्ता की निजी पहल बताते हुए कहा है कि पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट है और एमएलसी चुनाव परिणाम भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का आक्रोश हैं।
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