केरल के मलप्पुरम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, बीच सड़क पर रोकी गाड़ी, उपद्रवियों ने गनमैन को भी पीटा।

केरल में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है। तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद और

Apr 4, 2026 - 16:45
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केरल के मलप्पुरम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, बीच सड़क पर रोकी गाड़ी, उपद्रवियों ने गनमैन को भी पीटा।
केरल के मलप्पुरम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, बीच सड़क पर रोकी गाड़ी, उपद्रवियों ने गनमैन को भी पीटा।
  • वंदूर में चुनावी प्रचार के दौरान हिंसक झड़प, कांग्रेस सांसद की कार घेरकर की गई धक्का-मुक्की, सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास
  • गनमैन घायल, पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया; केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच बड़ी वारदात

केरल में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है। तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद और दिग्गज नेता शशि थरूर के काफिले पर मलप्पुरम जिले के वंदूर (Vandur) इलाके में हमला किया गया है। यह घटना शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को उस समय घटी जब थरूर यूडीएफ (UDF) उम्मीदवारों के समर्थन में रोड शो और प्रचार कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब थरूर की गाड़ी वंदूर के एक मुख्य चौराहे से गुजर रही थी, तभी उपद्रवियों के एक समूह ने अचानक सड़क के बीचों-बीच उनके वाहन को घेर लिया। भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्होंने न केवल नारेबाजी की, बल्कि सांसद की कार पर प्रहार करने और उसे रोकने की कोशिश भी की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हालात बिगड़ते देख शशि थरूर के निजी सुरक्षा अधिकारी (गनमैन) ने तुरंत हस्तक्षेप किया। गनमैन ने बीच-बचाव करने और उपद्रवियों को वाहन से दूर हटाकर रास्ता साफ कराने की कोशिश की, ताकि सांसद को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालांकि, स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब उपद्रवियों ने गनमैन पर ही हमला कर दिया। सुरक्षाकर्मी के साथ सरेआम हाथापाई और धक्का-मुक्की की गई, जिसमें उन्हें चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने सांसद के वाहन के शीशों को भी नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। सुरक्षा घेरे में इस तरह की सेंधमारी ने केरल की कानून-व्यवस्था और वीवीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गनमैन की बहादुरी और गिरफ्तारी

हमले के दौरान घायल हुए गनमैन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और घटनास्थल से मुख्य आरोपी उम्मर सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह हमला राजनीतिक रंजिश या स्थानीय विरोध का परिणाम हो सकता है। मलप्पुरम और उसके आसपास के इलाकों में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है, जहाँ कांग्रेस और वामपंथी दलों (LDF) के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। वंदूर की इस घटना ने चुनावी रैलियों में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया है। कांग्रेस नेताओं ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है। पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा सुनियोजित तरीके से शशि थरूर को निशाना बनाने की कोशिश की गई है ताकि उनके सफल प्रचार अभियान में बाधा डाली जा सके।

घटना के बाद केरल पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। मलप्पुरम के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी या यह अचानक उपजा आक्रोश था। शशि थरूर ने इस घटना के बावजूद अपना दौरा जारी रखने का निर्णय लिया है, हालांकि उनके सुरक्षा घेरे को अब और अधिक कड़ा कर दिया गया है। उन्होंने संक्षिप्त बातचीत में कहा कि हिंसा के जरिए विचारों को दबाया नहीं जा सकता और वे अपनी बात जनता तक पहुँचाते रहेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के केरल विधानसभा चुनाव पिछले चुनावों की तुलना में अधिक आक्रामक होते जा रहे हैं। शशि थरूर जैसे कद्दावर नेता पर हमले से राज्य में सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की है कि चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रमुख नेताओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है, जहाँ लोग राजनीति में बढ़ती शारीरिक हिंसा के प्रति चिंता व्यक्त कर रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

वंदूर के स्थानीय निवासियों में भी इस घटना के बाद भय का माहौल है। जिस जगह हमला हुआ, वह एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है और वहां भारी भीड़ रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की हाथापाई होना प्रशासन की सतर्कता पर सवाल उठाता है। गनमैन के साथ हुई मारपीट ने यह भी साबित कर दिया है कि उपद्रवियों के मन में कानून का डर कम होता जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है, लेकिन इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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