Himanta Biswa Sarma: भाजपा मंत्री की बेटी के विरोध प्रदर्शन पर बोले हिमंता बिस्वा सरमा- 'बच्चे बात नहीं सुनते'
असम के भाजपा मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिशा के दिल्ली में CJP प्रदर्शन में शामिल होने पर सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया आई है। जानें पूरी खबर।

- Assam Politics: दिल्ली आंदोलन में शामिल हुईं मंत्री केशव महंता की बेटी, सीएम हिमंता का आया बयान
- 'मेरे बच्चे मेरी बात नहीं मानते...' असम मंत्री की बेटी के CJP प्रदर्शन में जाने पर बोले CM हिमंता बिस्वा
- असम के मंत्री केशव महंता की बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने पर CM हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा बयान
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री और असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता केशव महंता की बेटी दिबिशा महंता के दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर पहली प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली में सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के बैनर तले आयोजित इस 'Gen Z' आंदोलन में दिबिशा की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई थी। इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल का सहज अंदाज में जवाब देते हुए सीएम हिमंता ने कहा कि "आजकल के बच्चे अपने माता-पिता की बात नहीं मानते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के अपने स्वतंत्र विचार होते हैं और इसे सीधे तौर पर परिवार या सरकार की राजनीतिक विचारधारा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
हाल ही में देश की राजधानी नई दिल्ली में 'सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के बैनर तले युवाओं और Gen Z प्रदर्शनकारियों ने एक बड़ा आंदोलन आयोजित किया था। इस प्रदर्शन में असम सरकार में मंत्री केशव महंता की पुत्री दिबिशा महंता भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेती नजर आईं। जब प्रदर्शन स्थल से दिबिशा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हुईं, तो इसने असम सहित राष्ट्रीय राजनीति में सभी का ध्यान खींचा। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने सत्तारूढ़ गठबंधन के मंत्री की बेटी के विरोधी रुख वाले मंच पर शामिल होने पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
नई दिल्ली में आयोजित इस छात्र व युवा आंदोलन में देश भर के कई युवाओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें दिबिशा महंता भी शामिल थीं। कार्यक्रम के दौरान उनकी मौजूदगी और सरकार की कुछ नीतियों के खिलाफ नारों एवं पोस्टरों के साथ तस्वीरें सामने आईं।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होते ही असम की राजनीति में यह चर्चा का प्रमुख विषय बन गया। कई लोगों ने असम गण परिषद और भाजपा गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री केशव महंता की भूमिका और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर सवाल दागे। मामला तूल पकड़ने के बाद जब संवाददाताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से इस संबंध में सवाल पूछा, तो उन्होंने इसे बेहद स्वाभाविक पारिवारिक विषय करार दिया।
मामले पर अपनी बात रखते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने संवाददाताओं से कहा, "आज के दौर में बच्चे अपने माता-पिता की बात कहां मानते हैं? मेरे खुद के बच्चे भी कई मामलों में मेरी बात नहीं सुनते। हर पीढ़ी का अपना दृष्टिकोण और विचार होता है। युवाओं को अपने स्वतंत्र विचार रखने का अधिकार है और इसे किसी राजनीतिक विवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।"
सीएम सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। किसी मंत्री का बच्चा होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी व्यक्तिगत सोच भी पार्टी की विचारधारा से पूरी तरह बंधी हो। वहीं, इस मुद्दे पर अभी तक मंत्री केशव महंता या उनकी बेटी दिबिशा की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस पूरे प्रकरण ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अक्सर देखा जाता है कि राजनेताओं के बच्चों के कदम का असर उनके माता-पिता के राजनीतिक करियर पर आंका जाने लगता है। हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के इस संतुलित और व्यावहारिक बयान ने विपक्षी हमलों की धार को काफी हद तक कुंद कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम का यह बयान दिखाता है कि आधुनिक दौर में नई पीढ़ी (Gen Z) के अपने स्वतंत्र सामाजिक और राजनीतिक विचार हैं, जिन्हें उनके परिवार की राजनीतिक निष्ठा से अलग करके देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस जारी है, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान के बाद असम की राज्य राजनीति में इसे लेकर आक्रामक बयानबाजी थमने के आसार हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मंत्री केशव महंता इस विषय पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या यह मामला धीरे-धीरे शांत हो जाएगा।
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