जंतर-मंतर पर CJP का उग्र प्रदर्शन: संसद मार्च को लेकर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज 

संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर पर सीजेपी का उग्र प्रदर्शन। NEET और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सियासत तेज।

Jul 21, 2026 - 12:15
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जंतर-मंतर पर CJP का उग्र प्रदर्शन: संसद मार्च को लेकर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज 
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी कार्यकर्ता
  • Delhi Parliament March: मानसून सत्र के बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन, क्या है युवाओं का मुद्दा और पीएम मोदी का कमिटमेंट?
  • संसद के मानसून सत्र के बीच जंतर-मंतर पर बढ़ा सियासी पारा, सीजेपी के संसद मार्च से दिल्ली में हलचल 
  • दिल्ली: जंतर-मंतर से संसद मार्च की कोशिश, पुलिस और सीजेपी प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की; सुरक्षा सख्त

संसद के मानसून सत्र के बीच राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर भारी राजनीतिक और सामाजिक हलचल का केंद्र बन गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों ने परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं व पेपर लीक के मामलों को लेकर संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स और धारा 163 (बीएनएसएस) के लागू होने से प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम ने संसद के भीतर और बाहर सियासी तापमान को काफी बढ़ा दिया है, जहां एक तरफ विपक्ष सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शिता का हवाला दे रहा है। 

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में हजारों युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर संसद भवन तक मार्च करने की योजना बनाई थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और नई दिल्ली जिले के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। 

सोमवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों और छात्रों का जुटना शुरू हो गया था। दोपहर होते-होते प्रदर्शनकारियों की संख्या हजारों में पहुंच गई। सीजेपी के संस्थापकों और मुख्य प्रवक्ताओं ने मंच से संबोधित करते हुए देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने का मुद्दा उठाया।

जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने हाथ में पोस्टर और बैनर लेकर संसद भवन की ओर रुख किया, पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग से पहले ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी खींचतान हुई। पुलिस प्रशासन का कहना था कि बिना पूर्व अनुमति के संसद क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जा सकती, क्योंकि वहां संसद का मानसून सत्र चल रहा है। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और भीड़ को वापस जंतर-मंतर की ओर खदेड़ दिया। 

इस विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:

सीजेपी व छात्र संगठनों का पक्ष: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और परीक्षा प्रणाली को फुल-प्रूफ नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया: सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा युवाओं की योग्यता और पारदर्शी परीक्षाओं का समर्थन किया है तथा पेपर लीक रोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कुछ विपक्षी दल और प्रायोजित संगठन छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहे हैं और शांति व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं।

विपक्षी दलों का रुख: विपक्षी पार्टियों ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए सरकार से संसद के पटल पर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है।

जंतर-मंतर पर हुए इस उग्र प्रदर्शन के चलते मध्य दिल्ली और लुटियंस जोन में घंटों तक भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। रायसीना रोड, जनपथ, संसद मार्ग और कनेक्टिंग फ्लाइओवर पर पुलिस की भारी नाकेबंदी के कारण आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

राजनीतिक स्तर पर, इस प्रदर्शन ने संसद के चालू मानसून सत्र में विपक्ष को एक बड़ा हथियार दे दिया है। शिक्षा और रोजगार प्रणाली पर उठ रहे सवालों के कारण संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामे के आसार बन गए हैं। 

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। बिना अनुमति मार्च करने और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, सीजेपी और उनके सहयोगी संगठनों का दावा है कि वे अपनी मांगों को लेकर आने वाले दिनों में देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। सरकार की ओर से भी यह संकेत दिया गया है कि छात्रों की वाजिब चिंताओं पर बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं।

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