Rishabh Pant Test Sixes Record: टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रचने के करीब ऋषभ पंत, सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी का रिकॉर्ड निशाने पर
ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने के करीब हैं। जानिए सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी के रिकॉर्ड से पंत कितने आगे हैं।

- ऋषभ पंत के निशाने पर 100 टेस्ट छक्कों का ऐतिहासिक मुकाम, ध्वस्त होंगे धोनी और सचिन के आंकड़े
- ऋषभ पंत का धमाका! टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बेहद करीब, धोनी-सचिन छूटेंगे पीछे
- क्रिकेट इतिहास में नया मील का पत्थर: ऋषभ पंत टेस्ट में 100 छक्के जड़ने वाले पहले भारतीय बनने के करीब
भारतीय टीम के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने की दहलीज पर खड़े हैं। आगामी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैचों में पंत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 100 छक्के जड़ने वाले भारत के पहले और दुनिया के सबसे तेज़ बल्लेबाज़ बनने के बेहद करीब हैं। महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर और पूर्व कप्तान एमएस धोनी जैसे दिग्गज भी अपने पूरे टेस्ट करियर में इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सके थे। पंत की यह विस्फोटक बल्लेबाजी शैली भारतीय क्रिकेट को लाल गेंद के प्रारूप में नए मुकाम पर ले जा रही है और आने वाली टेस्ट श्रृंखलाओं में दुनिया भर के प्रशंसकों की नजरें उनके इस कारनामे पर टिकी होंगी।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत टेस्ट प्रारूप में छक्कों का शतक पूरा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने के रिकॉर्ड के बिल्कुल करीब पहुंच गए हैं। अपनी निडर और विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर ऋषभ पंत ने बहुत ही कम पारियों और कम समय में लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई है।
टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा छक्के जड़ने के मामले में वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ी शीर्ष पर रहे हैं। हालांकि, जिस गति से ऋषभ पंत ने छक्के लगाए हैं, उसने क्रिकेट के जानकारों को हैरान कर दिया है। 100 छक्कों के इस आंकड़े को छूते ही पंत न केवल भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ेंगे, बल्कि विश्व क्रिकेट के कई दिग्गजों को भी पीछे छोड़ देंगे।
ऋषभ पंत ने 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट पदार्पण करने के बाद से ही अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है। अपने टेस्ट करियर की शुरुआत में ही छक्कों के साथ खाता खोलने वाले पंत ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आक्रामक शैली नहीं बदली।
भारतीय क्रिकेट इतिहास में टेस्ट प्रारूप के दौरान छक्कों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वीरेंद्र सहवाग 104 टेस्ट मैचों में 91 छक्के लगाकर भारत के लिए सबसे आगे हैं। एमएस धोनी ने 90 टेस्ट मुकाबलों में 78 छक्के जड़े हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर के नाम 200 टेस्ट मैचों में 69 छक्के दर्ज हैं। वहीं, ऋषभ पंत बहुत ही कम टेस्ट मैचों में 60 से अधिक छक्के जड़ चुके हैं और वह तेजी से 100 के आंकड़े की तरफ बढ़ रहे हैं।
पंत की बल्लेबाजी का सबसे खास पहलू यह है कि वे मैच की स्थिति की परवाह किए बिना खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजने में संकोच नहीं करते। कई बार उन्होंने स्पिनरों और तेज गेंदबाजों दोनों पर आगे बढ़कर लंबे छक्के लगाए हैं, जिससे विरोधी टीम के कप्तान को अपनी फील्डिंग रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ता है।
ऋषभ पंत की इस बेबाक बल्लेबाजी शैली और उनके आगामी रिकॉर्ड पर पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। भारतीय टीम के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि ऋषभ पंत आधुनिक टेस्ट क्रिकेट की सोच को बदल रहे हैं। पूर्व भारतीय दिग्गजों का कहना है कि पंत जब मैदान पर होते हैं तो विपक्षी टीम का गेंदबाजी आक्रमण दबाव में आ जाता है। टेस्ट मैचों में छक्कों का शतक बनाना आसान काम नहीं होता, लेकिन पंत की क्षमता को देखते हुए यह रिकॉर्ड बेहद आसानी से उनके नाम हो सकता है।
वहीं टीम प्रबंधन और कप्तान ने हमेशा पंत को उनकी स्वाभाविक शैली में खेलने की पूरी छूट दी है। कई मौकों पर टीम के कोचों ने स्पष्ट किया है कि पंत का प्रभाव मैच का रुख मोड़ने वाला (Match Impacter) होता है, और उनकी यही शैली भारत को कई यादगार जीत दिला चुकी है। यदि ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लेते हैं, तो इसका असर केवल व्यक्तिगत आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा।
यह उपलब्धि भारतीय टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी के नए युग की पुष्टि करेगी। जिस प्रारूप में बल्लेबाजों को रक्षात्मक खेल के लिए जाना जाता था, वहां पंत की यह उपलब्धि युवाओं को एक अलग दृष्टिकोण प्रदान करेगी। इसके अलावा, मैच के प्रभाव की बात करें तो जब भी पंत छक्कों की बरसात करते हैं, मैच का रन रेट तेजी से बढ़ता है। इससे भारतीय टीम को मैच में विरोधी टीम पर बढ़त बनाने या पारी घोषित करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा समीकरणों में तेजी से रन बनाना और मैच में नतीजे निकालना बेहद अहम हो गया है, जहां पंत का यह अंदाज भारत के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो रहा है।
भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखलाएं और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अहम मुकाबले खेलने हैं। इन आगामी मुकाबलों में ऋषभ पंत के पास अपनी पारियों के दौरान 100 छक्कों के इस जादुई आंकड़े को हासिल करने का पूरा मौका होगा। प्रशंसकों और क्रिकेट विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या पंत वीरेंद्र सहवाग के 91 छक्कों के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़कर 100 छक्के जड़ने वाले पहले भारतीय बनते हैं या नहीं। यदि पंत अपनी मौजूदा फॉर्म और शैली को बरकरार रखते हैं, तो वह बहुत जल्द न केवल भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे, बल्कि विश्व क्रिकेट में सबसे तेज 100 टेस्ट छक्के पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा लेंगे।
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