Reliance Industries NCD Plan - एनसीडी के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, बोर्ड ने दी मंजूरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) नॉन-कनवर्टेबल डिबेंचर (NCD) के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।

Oct 31, 2026 - 11:49
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Reliance Industries NCD Plan - एनसीडी के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, बोर्ड ने दी मंजूरी

मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 15,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने का ऐलान किया है। कंपनी यह फंड लिस्टेड, सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड, रिडीमेबल नॉन-कनवर्टेबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करके जुटाएगी। शुक्रवार को आयोजित कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) की बैठक में इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी प्रदान की गई। यह पूंजी प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर एक या अधिक किस्तों में जुटाई जाएगी।

सितंबर तिमाही में दर्ज किया ऑल-टाइम हाई मुनाफा

कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी जारी किए, जो बेहद मजबूत रहे। दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 34 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 29,550 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा एबिट्डा (EBITDA) 24 प्रतिशत उछलकर 62,409 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर दर्ज किया गया। कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C) कारोबार, रिटेल और डिजिटल सर्विसेज (जियो) के शानदार प्रदर्शन से इस रिकॉर्ड मुनाफे को सहारा मिला।

पहली छमाही में 50 हजार करोड़ के पार मुनाफा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी एक वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में कंपनी का कुल शुद्ध मुनाफा 50,000 करोड़ रुपये के पार निकल गया है। वित्तीय मजबूती के बावजूद कंपनी अपने दीर्घकालिक विस्तार, पूंजीगत व्यय और कर्ज प्रबंधन को संतुलित रखने के लिए डिबेंचर के माध्यम से तरलता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कंपनी पर आउटस्टैंडिंग एनसीडी की स्थिति

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 30 सितंबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास करीब 39,389 करोड़ रुपये के आउटस्टैंडिंग नॉन-कनवर्टेबल डिबेंचर्स थे। इनमें सिक्योर्ड एनसीडी की हिस्सेदारी करीब 20,000 करोड़ रुपये की रही। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने सितंबर तिमाही के दौरान भी प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये के एनसीडी जारी कर फंड जुटाया था।

शेयर बाजार में हलचल

शुक्रवार को कारोबारी सत्र के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर मामूली 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,164.90 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि शानदार तिमाही नतीजों और नए फंड जुटाने की बोर्ड मंजूरी का सीधा असर आगामी कारोबारी दिन में रिलायंस के शेयरों की चाल पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।

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