Petrol Diesel Prices 1 August 2026: कच्चे तेल में तेजी के बावजूद थमे पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत महानगरों के ताजा रेट
1 अगस्त 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी किए। कच्चे तेल में तेजी के बावजूद दिल्ली, मुंबई, नोएडा और लखनऊ में जानें फ्यूल की ताजा दरें।

- Fuel Prices Today 1 August 2026: 1 अगस्त को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, यूपी के कई शहरों में राहत, जानें अपने शहर के दाम
- 1 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: क्रूड ऑयल में भारी उछाल के बाद भी आम जनता को राहत, जानें अपने शहर में फ्यूल के रेट
- बिजनेस न्यूज: 1 अगस्त 2026 को पेट्रोल-डीजल की नई दरें लागू, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मामूली राहत, महानगरों में स्थिर रहीं कीमतें
भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 की सुबह देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी कर दी हैं। जुलाई के महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 23 से 24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बावजूद घरेलू स्तर पर वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम पूरी तरह स्थिर रहे, जबकि उत्तर प्रदेश के नोएडा और लखनऊ समेत कई शहरों में स्थानीय वैट और परिवहन खर्च में समायोजन के कारण कीमतें मामूली कम हुई हैं। यह खबर दैनिक यात्रियों, ट्रांसपोर्टरों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए राहत भरी है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कंपनियां फिलहाल वैश्विक लागत का बोझ खुद वहन कर रही हैं, लेकिन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हलचलों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
1 अगस्त 2026 की सुबह देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल के दैनिक दामों की समीक्षा के बाद ताजा रेट चार्ट जारी कर दिया। वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल में आई हालिया तेजी के बाद माना जा रहा था कि घरेलू बाजार में भी ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके विपरीत, तेल कंपनियों ने कीमतों में बड़ा बदलाव न करते हुए अधिकांश राज्यों में रेट यथावत रखे हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में स्थानीय करों और लॉजिस्टिक्स समायोजन के कारण कुछ पैसों की कटौती देखने को मिली है, जिससे आम उपभोक्ता राहत महसूस कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जुलाई के दौरान कच्चे तेल की दरों में 23 से 24 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया था। इस वैश्विक तेजी के बीच 1 अगस्त को जारी घरेलू दरों में संतुलन देखा गया। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर टिका हुआ है। वहीं, नोएडा में पेट्रोल 7 पैसे सस्ता होकर 101.89 रुपये प्रति लीटर पर आ गया, जो दिल्ली की तुलना में भी कम है।
उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों की बात करें तो लखनऊ में 82 पैसे की गिरावट दर्ज की गई और यहां पेट्रोल 101.86 रुपये प्रति लीटर पर बिका। कानपुर में पेट्रोल 101.56 रुपये, आगरा में 101.54 रुपये, मुरादाबाद में 101.67 रुपये और हरदोई में 102.51 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। इन जिलों में डीजल औसतन 95.06 रुपये से 95.73 रुपये के दायरे में बना हुआ है।
देश के अन्य प्रमुख राज्यों और महानगरों में कीमतें अलग-अलग टैक्स ढांचे के कारण अलग दर्ज की गईं:
| शहर / राज्य | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 101.89 | 95.37 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 101.56 | 95.06 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| पुणे | 112.04 | 98.68 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई / तमिलनाडु (औसत) | 107.87 | 99.65 |
| जयपुर (राजस्थान) | 113.97 | 98.96 |
| मध्य प्रदेश (औसत) | 115.44 | 100.47 |
| असम (औसत) | 100.60 | 92.38 |
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से जुड़े सूत्रों और आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक क्रूड में हुई बढ़ोतरी का असर फिलहाल रिटेल पंपों पर नहीं डाला गया है। कंपनियां बफर मार्जिन का इस्तेमाल करके आम उपभोक्ताओं को महंगाई के झटके से बचा रही हैं।
दूसरी तरफ, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों ने यूपी में मिली मामूली राहत का स्वागत किया है। हालांकि, उनका कहना है कि कमर्शियल वाहनों के लिए डीजल के दामों में और कटौती की आवश्यकता है ताकि माल भाड़े में कमी लाई जा सके और खाद्य वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रहें। ईंधन के दाम स्थिर रहने और कुछ शहरों में मामूली गिरावट आने से दैनिक कम्यूटरों, ऑटो-टैक्सी चालकों और डिलीवरी बॉयज को अपने दैनिक बजट को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कृषि एवं परिवहन कार्यों में लगे लोगों को डीजल के स्थिर दामों से सीधा लाभ पहुंचेगा।
व्यापारिक नजरिए से देखें तो ईंधन की स्थिर दरें खुदरा मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। लॉजिस्टिक्स लागत न बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं और दैनिक उपभोग के सामानों (FMCG) की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के रुख पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। ओपेक (OPEC) देशों के उत्पादन संबंधी फैसले और वैश्विक मांग के आंकड़े यह तय करेंगे कि कच्चा तेल किस दिशा में जाएगा। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें इसी उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल 1 अगस्त को दरें स्थिर रहने से आम जनता राहत की सांस ले सकती है और उपभोक्ताओं को वर्तमान दरों के आधार पर ही अपने मासिक बजट का निर्धारण करना चाहिए।
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