Petrol Diesel Price Today 10 September 2026: दिल्ली, यूपी से मुंबई तक स्थिर रहे ईंधन के दाम, देखें अपने शहर का रेट
Petrol Diesel Price 10 September 2026: वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा होने के बाद भी देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर। दिल्ली, यूपी और मुंबई के ताजा रेट जानें।

- कच्चे तेल में तेजी के बावजूद थमे पेट्रोल-डीजल के भाव, 10 सितंबर 2026 को जारी हुए नए रेट
- क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार, फिर भी नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम; चेक करें दिल्ली-नोएडा समेत प्रमुख शहरों के ताजा भाव
- Fuel Rates Today: 10 सितंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर, जानें प्रमुख शहरों के रेट्स
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद आज, 10 सितंबर 2026 को भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। राजधानी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख शहर नोएडा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों समेत देश के सभी बड़े महानगरों में ईंधन के भाव स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों द्वारा दरों को यथावत रखने से आम उपभोक्ताओं और माल ढुलाई क्षेत्र को सीधी राहत मिली है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय रुझानों के आधार पर कंपनियां कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।
देशभर में 10 सितंबर 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरों में स्थिरता दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के पुराने स्तर पर ही उपलब्ध है। वहीं नोएडा में पेट्रोल की कीमत दिल्ली के समान 102.12 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है, जबकि यहां डीजल 95.56 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वैश्विक परिदृश्य में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के बावजूद घरेलू खुदरा कीमतों का न बढ़ना आम जनजीवन और बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विदेशी बाजारों में ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल जाने के बाद घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, तेल विपणन कंपनियों ने मार्जिन के समायोजन के जरिए खुदरा दरों को स्थिर बनाए रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव लंबे समय तक उच्च स्तर पर टिके रहते हैं, तो भविष्य में कंपनियों पर खुदरा कीमतें संशोधित करने का दबाव बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में पिछले कुछ सत्रों से कच्चे तेल में तेजी का रुख बना हुआ है। इसके बावजूद गुरुवार की सुबह जारी मूल्य सूची में भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों ने कीमतों को पूर्ववत बनाए रखा। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में ईंधन के दामों में स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण मामूली अंतर देखने को मिला है। लखनऊ में आज पेट्रोल 101.86 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि कानपुर में पेट्रोल 101.56 रुपये और डीजल 95.06 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों पर नजर डालें तो बरेली में पेट्रोल 101.84 रुपये व डीजल 95.33 रुपये, शाहजहांपुर में पेट्रोल 102.01 रुपये व डीजल 95.51 रुपये और आगरा में पेट्रोल 101.67 रुपये व डीजल 95.14 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। बाराबंकी में पेट्रोल 102.40 रुपये (डीजल 95.86 रुपये), मुरादाबाद में पेट्रोल 102.68 रुपये (डीजल 96.09 रुपये) और हरदोई में पेट्रोल 102.96 रुपये (डीजल 96.33 रुपये) प्रति लीटर पर दर्ज किया गया।
महानगरों की बात करें तो स्थानीय वैट दरों की वजह से मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.78 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर टिका हुआ है। पुणे में पेट्रोल 112.04 रुपये और डीजल 98.68 रुपये प्रति लीटर पर है। राज्यों के औसत स्तर पर मध्य प्रदेश में पेट्रोल 114.57 रुपये और डीजल 100.86 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया, जबकि राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 113.19 रुपये और डीजल 98.25 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। असम में राज्य औसत पेट्रोल 105.73 रुपये और डीजल 98.08 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।
| जगह | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 102.12 | 95.56 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 101.56 | 95.06 |
| बरेली | 101.84 | 95.33 |
| शाहजहांपुर | 102.01 | 95.51 |
| बाराबंकी | 102.40 | 95.86 |
| मुरादाबाद | 102.68 | 96.09 |
| आगरा | 101.67 | 95.14 |
| हरदोई | 102.96 | 96.33 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| पुणे | 112.04 | 98.68 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| असम (औसत) | 105.73 | 98.08 |
| चेन्नई | 107.78 | 99.56 |
| तमिलनाडु (औसत) | 107.78 | 100.66 |
| मध्य प्रदेश (औसत) | 114.57 | 100.86 |
| राजस्थान (जयपुर) | 113.19 | 98.25 |
केंद्र सरकार द्वारा वसूले जाने वाले उत्पाद शुल्क के अलावा विभिन्न राज्यों में लागू वैल्यू ऐडेड टैक्स (वैट) और स्थानीय परिवहन शुल्क के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भिन्न होती हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के नजदीकी इलाकों में वैट की संरचना अपेक्षाकृत कम होने से दाम 101 से 102 रुपये के दायरे में हैं, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में उच्च वैट दरों के कारण पेट्रोल 113 से 114 रुपये के पार बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सौ डॉलर के पार जाना तेल शोधक और विपणन कंपनियों की इनपुट लागत को बढ़ाता है। हालांकि, कंपनियों की ओर से तत्काल खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी न करना एक संतुलित कदम है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर के प्रतिनिधियों ने ईंधन के दाम स्थिर रहने पर संतोष व्यक्त किया है। कमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर्स का कहना है कि डीजल की कीमतों में स्थिरता से माल ढुलाई भाड़े में अचानक इजाफा करने की जरूरत नहीं पड़ी है। दैनिक यात्रियों और निजी वाहन चालकों का भी मानना है कि मौजूदा त्योहारी और कारोबारी माहौल में ईंधन के स्थिर दाम उनके मासिक बजट को अनियंत्रित होने से बचा रहे हैं।
ईंधन दरों में स्थिरता का सीधा प्रभाव थोक और खुदरा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है। डीजल के दाम न बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं जैसे फल, सब्जी, दूध और खाद्यान्न के परिवहन खर्च में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। दिल्ली और नोएडा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में तेल के दाम लगभग एक समान होने से स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स और यात्रियों को ईंधन भरवाने में सुविधा मिल रही है।
इसके अलावा, उच्च वैट वाले राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी दामों में नया उछाल न आने से व्यापारिक लागत नियंत्रित बनी हुई है। यदि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय तेजी का सीधा असर पंपों पर दिखता, तो खुदरा मुद्रास्फीति पर तत्काल प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था, जिससे फिलहाल राहत मिली हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू तेल कंपनियां आने वाले दिनों में ओपेक प्लस देशों के उत्पादन फैसलों और वैश्विक भू-राजनीतिक गतिविधियों पर करीबी नजर रखेंगी। यदि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर लगातार बना रहता है, तो आगामी पखवाड़े में कंपनियां कीमतों की समीक्षा करने के लिए बाध्य हो सकती हैं। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन दीर्घकालिक राहत अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर ही निर्भर करेगी।
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