Budget 2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, 53.5 लाख करोड़ रुपये से उच्च मूल्य वाली फसलों और मत्स्य पालन से मिलेगी ग्रामीण विकास को गति

बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। नारियल उत्पादन योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत प्रमुख नारियल उत्पादक

Feb 1, 2026 - 15:06
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Budget 2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, 53.5 लाख करोड़ रुपये से उच्च मूल्य वाली फसलों और मत्स्य पालन से मिलेगी ग्रामीण विकास को गति
Budget 2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, 53.5 लाख करोड़ रुपये से उच्च मूल्य वाली फसलों और मत्स्य पालन से मिलेगी ग्रामीण विकास को गति

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय Budget पेश किया, जिसमें आर्थिक विकास को गति देने, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं के सशक्तिकरण और कारोबारियों के लिए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया गया है। Budget में तीन 'कर्तव्य' पर आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है, जो विकास की गति बढ़ाने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। कुल Budget आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है और राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत जीडीपी पर अनुमानित है। Budget में किसानों के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों, मत्स्य पालन और पशुपालन पर योजनाएं, महिलाओं के लिए सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स और मिशन शक्ति का आवंटन तथा कारोबारियों के लिए एमएसएमई समर्थन और कर छूट जैसे प्रावधान शामिल हैं, जो विभिन्न वर्गों की आय पर प्रभाव डाल सकते हैं।

Budget में किसानों की आय बढ़ाने के लिए उच्च मूल्य वाली कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। नारियल उत्पादन योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने पेड़ों को उच्च उत्पादकता वाली किस्मों से बदलने की पहल की जाएगी। यह योजना 30 मिलियन लोगों की आजीविका से जुड़ी है, जिसमें 10 मिलियन किसान शामिल हैं। मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास प्रस्तावित है, जो तटीय क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगा। बाजार पहुंच को बढ़ाने के लिए स्टार्टअप, महिला नेतृत्व वाली समूहों और मछुआरा उत्पादक संगठनों को समर्थन दिया जाएगा।

पशुपालन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि यह छोटे और सीमांत किसानों की आय का लगभग 16 प्रतिशत योगदान देता है। पशुपालन उद्यमिता के लिए ऋण से जुड़ी पूंजी सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी, जो पशु चिकित्सा पेशेवरों की संख्या 20 हजार से अधिक बढ़ाएगी और निजी क्षेत्र के पशु चिकित्सा कॉलेजों, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स तथा प्रजनन केंद्रों को समर्थन देगी। पशुपालन उद्यमों को बढ़ाने और आधुनिकीकरण के लिए योजनाएं हैं, साथ ही एकीकृत डेयरी, पोल्ट्री और पशुपालन मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण किया जाएगा। उच्च मूल्य वाली फसलों जैसे काजू, कोको और चंदन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पहल की जाएगी। भारत विस्तार नामक बहुभाषी एआई टूल लॉन्च किया जाएगा, जो एग्रीस्टैक पोर्टल और आईसीएआर की कृषि प्रथाओं को एकीकृत कर किसानों को संसाधन और निर्णय लेने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए 63,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ये पहल छोटे और सीमांत किसानों पर केंद्रित हैं, जो उत्पादकता बढ़ाने और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर आय में वृद्धि का लक्ष्य रखती हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए Budget 2026 में सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स और मिशन शक्ति को बड़ा आवंटन

Budget में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (एसएचई) मार्ट्स की स्थापना की घोषणा की गई है, जो ग्रामीण महिला नेतृत्व वाली उद्यमों के लिए समुदाय-स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट होंगे। ये मार्ट क्लस्टर स्तर की फेडरेशनों में स्थापित किए जाएंगे, जो बाजार पहुंच विस्तारित करने, ब्रांडिंग मजबूत करने और महिलाओं के लिए स्थायी आय अवसर सृजित करने पर केंद्रित होंगे। मिशन शक्ति के लिए 3,605 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम है। सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना के लिए 23,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पोषण और महिलाओं के स्वास्थ्य पर फोकस करती है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत पात्र व्यक्तियों, जिसमें महिलाएं शामिल हैं, को सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा, जिसमें उत्तर भारत में एनआईएमएचएएनएस 2.0 की स्थापना और रांची तथा तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जो महिलाओं सहित कमजोर वर्गों को ट्रॉमा केयर में लाभ पहुंचाएगा। मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे, जो आयुष केंद्रों, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। महिलाओं के लिए पहली बार उद्यमी बनने वाली पांच लाख महिलाओं को 2 करोड़ रुपये का टर्म लोन योजना प्रस्तावित है। ये प्रावधान महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और आय स्रोतों को मजबूत करने की दिशा में हैं।

कारोबारियों के लिए Budget 2026 में एमएसएमई समर्थन और कर छूट से नए अवसर, सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा क्षेत्र को बढ़ावा

Budget में कारोबारियों और एमएसएमई के लिए कई प्रावधान किए गए हैं, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड और सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड को 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप शामिल है। ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से तरलता प्रदान की जाएगी। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना है। दुर्लभ पृथ्वी गलियारों की स्थापना खनिज समृद्ध राज्यों में की जाएगी, जो खनन, प्रसंस्करण और विनिर्माण पर केंद्रित होंगे। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए आवंटन 40,000 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है। बायोफार्मा शक्ति मिशन के लिए 10,000 करोड़ रुपये पांच वर्षों में आवंटित हैं, जो बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगी। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम जैसे नेशनल फाइबर स्कीम, टेक्सटाइल एक्सपैंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम, नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट स्कीम, टेक्स-इको इनिशिएटिव, समर्थ 2.0 और मेगा टेक्सटाइल पार्क्स प्रस्तावित हैं। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज इनिशिएटिव खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स के लिए है। कैपिटल गुड्स, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग (10,000 करोड़ रुपये पांच वर्षों में), स्पोर्ट्स गुड्स और एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स के लिए योजनाएं हैं। बैंकिंग के लिए उच्च स्तरीय समिति और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन तथा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन का पुनर्गठन प्रस्तावित है। विदेशी कंपनियों के लिए क्लाउड सेवाओं पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे है। लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग के कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी छूट विस्तारित है। गैर-निवासियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर से छूट है। सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में वृद्धि की गई है। कस्टम्स ड्यूटी रेशनलाइजेशन से व्यक्तिगत उपयोग आयात पर 20 प्रतिशत से 10 प्रतिशत कमी है। निर्यात प्रोत्साहन के लिए सीफूड इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री आयात सीमा बढ़ाई गई है। ये प्रावधान कारोबारियों की आय और विकास को प्रभावित कर सकते हैं।

Budget में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन नया टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज पर आयकर छूट और टीडीएस समाप्त किया गया है। रिवाइज्ड रिटर्न फाइलिंग की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। अपडेटेड रिटर्न रीअसेसमेंट के बाद भी फाइल किए जा सकेंगे। टीडीएस दरों को रेशनलाइज किया गया है। विदेशी संपत्ति खुलासा योजना शुरू की गई है। शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। आर्म्ड फोर्सेस के डिसेबिलिटी पेंशन पर कर छूट है। ये बदलाव विभिन्न वर्गों की आय पर प्रभाव डाल सकते हैं। कुल मिलाकर Budget विकास, किसानों, महिलाओं और कारोबारियों पर केंद्रित है, जिसमें राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा गया है।

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