इंसानों ने सबसे पहले गेहूं और जौ की खेती शुरू की, नवपाषाण काल में फर्टाइल क्रेसेंट क्षेत्र से हुई शुरुआत।

मानव इतिहास में कृषि की शुरुआत एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसने शिकार और संग्रहण से स्थायी बस्तियों और सभ्यताओं की ओर संक्रमण

Feb 14, 2026 - 11:53
 0  20
इंसानों ने सबसे पहले गेहूं और जौ की खेती शुरू की, नवपाषाण काल में फर्टाइल क्रेसेंट क्षेत्र से हुई शुरुआत।
इंसानों ने सबसे पहले गेहूं और जौ की खेती शुरू की, नवपाषाण काल में फर्टाइल क्रेसेंट क्षेत्र से हुई शुरुआत।
  • नवपाषाण क्रांति में मानव ने सबसे पहले अनाज की खेती की, ईंकॉर्न गेहूं और जौ थे प्राथमिक फसलें
  • फर्टाइल क्रेसेंट में 12000 साल पहले शुरू हुई कृषि, आठ फाउंडर क्रॉप्स ने बदली मानव सभ्यता की दिशा

मानव इतिहास में कृषि की शुरुआत एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसने शिकार और संग्रहण से स्थायी बस्तियों और सभ्यताओं की ओर संक्रमण किया। यह परिवर्तन नवपाषाण काल में हुआ जब मनुष्य ने पौधों को उगाने और पालतू बनाने की प्रक्रिया शुरू की। सबसे पहले खेती फर्टाइल क्रेसेंट क्षेत्र में हुई जहां आज इराक, सीरिया, तुर्की, जॉर्डन और इजराइल जैसे इलाके आते हैं। यह क्षेत्र टाइग्रिस और यूफ्रेट्स नदियों के बीच स्थित था और यहां प्राकृतिक रूप से कई जंगली अनाज और दालें उपलब्ध थीं।

कृषि की शुरुआत लगभग 12000 से 10500 साल पहले प्री-पॉटरी नवपाषाण काल में हुई। इस दौरान मनुष्य ने जंगली पौधों को चुनिंदा तरीके से उगाना शुरू किया। पुरातात्विक साक्ष्यों से पता चलता है कि सबसे पहले अनाज जैसे गेहूं और जौ की खेती की गई। इनमें ईंकॉर्न गेहूं और एमर गेहूं प्रमुख थे। ईंकॉर्न गेहूं को सबसे प्राचीन माना जाता है जो तुर्की के क्षेत्रों में 12000 साल पहले उगाया गया। जौ भी इसी समय की फसल थी और कई स्थलों पर इसके प्रमाण मिले हैं।

ये फसलें फाउंडर क्रॉप्स के रूप में जानी जाती हैं। कुल आठ फसलें इस समूह में शामिल हैं जो दक्षिण-पश्चिम एशिया में सबसे पहले पालतू बनाई गईं। इनमें तीन अनाज शामिल हैं - ईंकॉर्न गेहूं, एमर गेहूं और जौ। चार दालें हैं - मसूर, मटर, चना और कड़वी वेट्च। एक फाइबर और तेल वाली फसल है - अलसी। ये सभी फसलें एक साथ या लगभग एक ही समय में दिखाई दीं और ये प्रक्रिया 10500 से 7500 साल पहले हुई। इन फसलों ने यूरेशिया में कृषि अर्थव्यवस्था की नींव रखी।

फर्टाइल क्रेसेंट में कई स्थलों पर प्रमाण मिले हैं जहां ये फसलें उगाई गईं। अबू हुरेयरा स्थल पर जंगली राई और ईंकॉर्न के प्रमाण 12500 साल पुराने हैं। कुछ स्थलों पर राई को सबसे पहले पालतू बनाया गया माना जाता है लेकिन अधिकांश साक्ष्य ईंकॉर्न गेहूं और जौ की ओर इशारा करते हैं। गिलगल और अन्य स्थलों पर जंगली जौ के बड़े भंडार मिले हैं। ये फसलें आसानी से खुले मैदानों में उगाई जा सकती थीं, इनमें उच्च पोषण मूल्य था और इन्हें लंबे समय तक संग्रहित किया जा सकता था।

कृषि की प्रक्रिया धीरे-धीरे हुई। पहले मनुष्य जंगली पौधों को इकट्ठा करते थे। फिर उन्होंने बीज बोने और चुनिंदा पौधों को बढ़ावा देने की शुरुआत की। इससे पौधों में घरेलू गुण विकसित हुए जैसे बीज आसानी से गिरना बंद हो गया और उत्पादन बढ़ गया। यह प्रक्रिया हजारों सालों में फैली। कुछ साक्ष्य 23000 साल पुराने हैं जहां जंगली अनाज की खेती के शुरुआती प्रयास दिखते हैं लेकिन पूर्ण कृषि 12000 साल पहले स्थापित हुई। ये फसलें अन्य क्षेत्रों में भी फैलीं। यूरोप, दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका में ये पहुंचीं। अलग-अलग क्षेत्रों में अन्य फसलें जैसे चीन में चावल और बाजरा, अमेरिका में मक्का बाद में विकसित हुईं। लेकिन फर्टाइल क्रेसेंट की फसलें सबसे प्राचीन मानी जाती हैं।

Also Read- मुजफ्फरपुर लीची किसानों के लिए नया वरदान, डॉ. मनेंद्र कुमार का मोटराइज्ड गर्डलिंग टूल मिला भारत सरकार का पेटेंट।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow