G20 शिखर सम्मेलन के साइडलाइन्स पर जोहान्सबर्ग में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज की द्विपक्षीय बैठक, रक्षा-व्यापार सहयोग पर जोर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के साइडलाइन्स पर हुई, जो अफ्रीकी महाद्वीप पर पहली बार आयोजित हो रहा है। पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे 21 से 23 नवंबर तक G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की समीक्षा की और रक्षा, सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार-निवेश, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा तथा जन-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। अल्बनीज ने हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकी हमले तथा सऊदी अरब में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस दुर्घटना पर संवेदना व्यक्त की। दोनों देशों ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संकल्प दोहराया। यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर महत्वपूर्ण साबित हुई।
पीएम मोदी का दक्षिण अफ्रीका दौरा कई मायनों में खास है। यह उनका चौथा आधिकारिक दौरा है, जो 2016 के द्विपक्षीय दौरे तथा 2018 और 2023 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों के बाद हो रहा है। जोहान्सबर्ग पहुंचते ही भारतीय प्रवासी समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। होटल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच पीएम ने कहा कि भारतीय समुदाय का यह स्नेह भारत-दक्षिण अफ्रीका के ऐतिहासिक बंधन को दर्शाता है। शिखर सम्मेलन के दौरान वे वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण पेश करेंगे, जो वसुधैव कुटुंबकम तथा वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर के सिद्धांत पर आधारित है। G20 की दक्षिण अफ्रीका अध्यक्षता के तहत यह सम्मेलन वैश्विक दक्षिण के लिए मील का पत्थर है। यह लगातार चौथा सम्मेलन है जो इंडोनेशिया, भारत तथा ब्राजील के बाद वैश्विक दक्षिण में हो रहा है। भारत ने 2023 की अपनी अध्यक्षता में आपदा प्रतिरोधक क्षमता, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण तथा खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाया था, जो अब भी जोहान्सबर्ग के एजेंडे को आकार दे रहे हैं।
द्विपक्षीय बैठक अल्बनीज के साथ पीएम मोदी का पहला आधिकारिक द्विपक्षीय संपर्क था। बैठक में दोनों नेताओं ने कहा कि नियमित उच्च स्तरीय संवादों ने संबंधों को नई गति दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि इस वर्ष हमारी रणनीतिक साझेदारी के पांच वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिनमें परिवर्तनकारी परिणाम आए हैं। उन्होंने रक्षा, व्यापार तथा जन-जन संपर्क जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया। अल्बनीज ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया महान मित्र तथा साझेदार हैं। व्यापार, रक्षा-सुरक्षा से लेकर शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा तक हमारा रिश्ता मौलिक रूप से महत्वपूर्ण है। G20 शिखर सम्मेलन से पहले मेरे मित्र पीएम मोदी से मिलकर अच्छा लगा। बैठक में दोनों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा में राजनीतिक-रणनीतिक संबंध, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, गतिशीलता तथा शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल थे।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान रहा। दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बढ़ावा देने तथा खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमति जताई। महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया भारत का प्रमुख स्रोत है। लीथियम, कोबाल्ट तथा दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनाने पर बात हुई। व्यापार-निवेश के मोर्चे पर द्विपक्षीय व्यापार 2025 तक 50 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया। शिक्षा में ऑस्ट्रेलिया में 1 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। दोनों नेताओं ने छात्र वीजा प्रक्रिया सरल बनाने तथा अनुसंधान सहयोग बढ़ाने का वादा किया। स्वच्छ ऊर्जा में सौर तथा हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी पर साझा परियोजनाओं की योजना बनी। अल्बनीज ने कहा कि आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है, जबकि रक्षा-सुरक्षा बंधन भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर दोनों ने कड़ा रुख अपनाया। अल्बनीज ने दिल्ली के हालिया आतंकी हमले तथा सऊदी अरब में उमराह यात्रियों की बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया, जिसमें कई भारतीय मारे गए। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी होगी। यह चर्चा G20 के वैश्विक एजेंडे से जुड़ी हुई है, जहां जलवायु परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा समावेशी विकास प्रमुख मुद्दे हैं। बैठक के बाद पीएम मोदी ने IBSA शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जो G20 के साइडलाइन्स पर आयोजित हुआ। IBSA में भारत, ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका के नेता विकासशील देशों की आवाज बुलंद करते हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का इतिहास गहरा है। 1947 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए। 2020 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी का ऐलान हुआ, जो क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) का हिस्सा है। क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका तथा जापान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग करते हैं। हाल ही में दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि ये संबंध मजबूत नींव पर टिके हैं, जो लचीले तथा व्यापक ढांचे का निर्माण करेंगे। ऑस्ट्रेलिया भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। खनन, कृषि तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है।
G20 शिखर सम्मेलन अफ्रीका के लिए ऐतिहासिक है। दक्षिण अफ्रीका ने 2025 की अध्यक्षता संभाली है। पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन विकास प्राथमिकताओं को मजबूत करेगा तथा सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगा। भारत ने अपनी 2023 अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ को G20 में स्थायी सदस्यता दिलाई, जो वैश्विक दक्षिण की जीत थी। जोहान्सबर्ग में पीएम ब्राजील तथा दक्षिण अफ्रीका के नेताओं से भी मिलेंगे। शिखर सम्मेलन के एजेंडे में जलवायु वित्तपोषण, डिजिटल समावेशन तथा वैश्विक स्वास्थ्य शामिल हैं। भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया, जो अब वैश्विक मॉडल बन चुका है।
यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगी। दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें सहयोग के नए क्षेत्रों का उल्लेख है। पीएम मोदी ने अल्बनीज को भारत दौरे का न्योता दिया। अल्बनीज ने कहा कि हमारी साझेदारी में अपार संभावनाएं हैं। बैठक के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासी समुदाय का योगदान सराहा गया। शिक्षा तथा खेल में सहयोग बढ़ेगा। क्रिकेट जैसे खेलों में दोनों देशों की साझा विरासत है।
यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति को मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि G20 में हम वैश्विक चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करेंगे। बैठक के बाद भारतीय उच्चायुक्त प्रभात कुमार ने कहा कि भारत के 2023 के योगदान जोहान्सबर्ग के एजेंडे को प्रभावित कर रहे हैं। प्रवासी समुदाय का उत्साह दर्शाता है कि संबंध कितने मजबूत हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग इंडो-पैसिफिक स्थिरता के लिए जरूरी है।
दोनों नेताओं की यह मुलाकात समयानुकूल है। वैश्विक अस्थिरता के दौर में मजबूत साझेदारी जरूरी है। पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा कि हमारी बातचीत ने संबंधों को नई ऊर्जा दी। अल्बनीज ने भी इसे सकारात्मक बताया। यह बैठक G20 के सफल आयोजन का संकेत है। भारत वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। भविष्य में और उच्च स्तरीय यात्राएं होंगी।
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