सूरजकुंड मेले के हादसे में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर के परिवार को मिलेंगे एक करोड़, डीजीपी ने कहा- अन्य लाभ भी दिए जायेंगे
हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेले में 7 फरवरी 2026 को शाम करीब 6:15 बजे एक बड़ा हादसा हुआ। मेले के एम्यूजमेंट जोन में लगा 'टॉप स्पिन' या 'सुना
फरीदाबाद के प्रसिद्ध सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेले में शनिवार शाम को एक बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ। मेले में लगा एक बड़ा झूला अचानक टूटकर गिर गया, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। हादसा शाम करीब 6:15 बजे हुआ, जब झूले पर 26 लोग सवार थे। झूला 'टॉप स्पिन' या 'सुनामी राइड' के नाम से जाना जाता है, जो 360 डिग्री घूमता है। घटना के बाद मेले में अफरातफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हरियाणा पुलिस के डीजीपी अजय सिंघल ने इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। अब इस पूरी घटना के तथ्यों को विस्तार से समझते हैं।
सूरजकुंड मेले में झूला टूटकर गिरा, पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल
हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेले में 7 फरवरी 2026 को शाम करीब 6:15 बजे एक बड़ा हादसा हुआ। मेले के एम्यूजमेंट जोन में लगा 'टॉप स्पिन' या 'सुनामी' नाम का झूला अचानक टूटकर गिर गया। इस झूले पर उस समय लगभग 26 लोग सवार थे। झूला तेज गति से घूम रहा था, जब अचानक इसका एक हिस्सा टूट गया और वह झुककर गिरने लगा। झूला हुक से अलग हो गया और एक तरफ लटक गया, जिससे सवार लोग फंस गए। हादसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद घायल हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पलवल पुलिस लाइन में तैनात थे और मेले की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर थे। वे एम्यूजमेंट जोन के इंचार्ज थे। हादसे के समय वे लोगों को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन झूले का दूसरा हिस्सा गिरने से उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। कुल 13 लोग घायल हुए, जिनमें कुछ मेले में घूमने आए लोग, स्टॉल ऑपरेटर और दो महिला कांस्टेबल शामिल हैं। घायलों को सुप्रीम हॉस्पिटल और बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मेले के उस हिस्से को खाली कराया गया और जांच शुरू की गई। प्रशासन ने झूला वेंडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हादसा मेले के 14वें राउंड के दौरान हुआ। झूला बिजली से चलता था और सुरक्षा जांच के बाद चलाया जा रहा था।
शाम 6:15 बजे 'टॉप स्पिन' या 'सुनामी' झूला टूटा, 26 लोग सवार थे। झूला हुक से अलग होकर गिरा, लोगों को फंसाया।
कुल 13 घायल, जिनमें मेले के विजिटर, स्टॉल वाले और दो महिला कांस्टेबल शामिल। घायलों को सुप्रीम और बादशाह खान अस्पताल में इलाज।
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत, लोगों को बचाने की कोशिश में लगी चोटें
हादसे में मौत होने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद 59 वर्ष के थे और पलवल पुलिस लाइन में तैनात थे। वे मार्च 2026 में रिटायर होने वाले थे और 36 साल की सेवा पूरी कर चुके थे। मेले में वे सुरक्षा इंचार्ज थे और एम्यूजमेंट जोन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। झूला गिरते ही वे लोगों को बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने झूले पर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक झूला पूरी तरह गिर गया और उनका एक हिस्सा उनके सिर पर गिरा। इससे उनके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हरियाणा पुलिस के डीजीपी अजय सिंघल ने उनकी मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। डीजीपी ने कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत पुलिस विभाग की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का जिक्र किया। डीजीपी ने घोषणा की कि उनके परिजनों को पुलिस पॉलिसी के तहत 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा विभाग द्वारा अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मथुरा के रहने वाले थे। हादसे में उनकी मौत लोगों को बचाने की कोशिश के दौरान हुई। मेले में यह हादसा शाम के समय हुआ, जब भीड़ ज्यादा थी।
मेले में सुरक्षा जांच के बावजूद हादसा, वेंडर पर एफआईआर, जांच जारी
सूरजकुंड मेले में यह हादसा सुरक्षा जांच के बाद भी हुआ। झूला बिजली से चलता था और मेले की शुरुआत से चल रहा था। हादसे के बाद प्रशासन ने झूला वेंडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में तकनीकी खराबी, रखरखाव की कमी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच की जा रही है। मेले में इससे पहले भी शाम को गेट नंबर 2 के पास एक गेट गिरने से दो लोग घायल हुए थे, जिसमें एक बच्चा शामिल था। झूला हादसा उसके एक घंटे बाद हुआ। हादसे के बाद मेले के उस हिस्से को बैरिकेड किया गया और एम्यूजमेंट राइड्स की जांच शुरू की गई। फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों का इलाज निजी और सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। मेले में भीड़ ज्यादा होने से अफरातफरी मची। कुछ लोगों ने फंसे लोगों को निकाला। हादसे में एक स्टॉल ऑपरेटर भी घायल हुआ। जांच में मेले प्रबंधन और वेंडर की भूमिका देखी जा रही है। मेले का आयोजन जारी है, लेकिन एम्यूजमेंट जोन पर सख्ती बढ़ाई गई है।
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