Tihar Jail Release - सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, बाहर आते ही क्राइम ब्रांच का समन
तिहाड़ जेल से रिहा हुए CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। जमानत मिलते ही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए समन भेजा है।

- Tihar Jail Release - सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, बाहर आते ही क्राइम ब्रांच का समन
- CJP Leaders Questioning - तिहाड़ से छूटे सौरव दास और आशुतोष रांका, आज क्राइम ब्रांच के सामने पेशी
- SEM Court Bail Order - शांति बनाए रखने की शर्त पर CJP नेताओं की रिहाई, पुलिस की अर्जी खारिज
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी, जिसे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने खारिज कर दिया। हालांकि, जेल से बाहर आते ही दोनों नेताओं की कानूनी परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं और उन्हें दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तुरंत नए मामले में तलब कर लिया है।
- कोर्ट ने किन शर्तों पर दी राहत
स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए हिरासत बढ़ाने की अपील की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस की अर्जी को अस्वीकार कर दिया।
अदालत ने दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार की शर्तों के साथ रिहा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सौरव दास और आशुतोष रांका ने अदालत में लिखित आश्वासन दिया कि वे भविष्य में शांति भंग नहीं करेंगे और कानून व्यवस्था को बाधित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। जब तक जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में पुनः अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।
- जेल गेट पर ही मिला क्राइम ब्रांच का नोटिस
बुधवार रात तिहाड़ जेल से बाहर कदम रखते ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को एक नया नोटिस थमा दिया। यह नोटिस सरकारी आदेशों के उल्लंघन और कथित तौर पर जबरन प्रवेश से जुड़े एक मामले में जारी किया गया है।
क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा CJP नेता अजिंक्य शिंदे को भी इस जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। नोटिस के तहत इन नेताओं को गुरुवार दोपहर तक राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होकर जांच अधिकारियों के सवालों के जवाब देने होंगे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जमानत मिलने के बावजूद दर्ज अन्य मामलों में पुलिस प्रक्रिया जारी रहने से नेताओं की मुश्किलें बनी रह सकती हैं।
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