गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने किया एनकाउंटर, जवाबी फायरिंग में हुआ ढेर

इस पुलिस मुठभेड़ की खबर जैसे ही पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता तक पहुंची, वैसे ही पूरे क्षेत्र में एक अलग प्रकार का माहौल देखने को मिला। मृतक सूर्या की मां सरोज ने इस बड़ी कार्रवाई पर अपनी अत्यंत भावुक और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उनका बरसों का संचित

May 31, 2026 - 11:35
 0  1
गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने किया एनकाउंटर, जवाबी फायरिंग में हुआ ढेर
गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने किया एनकाउंटर, जवाबी फायरिंग में हुआ ढेर

  • मुख्य हत्यारे की मौत के बाद रो पड़ी पीड़ित मां, पुलिस की कार्रवाई को सराहते हुए बाकी बचे अपराधियों को भी मार गिराने की मांग की
  • ईद के दिन सरेराह हुई हत्या से दहल उठा था इलाका, स्वात टीम और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी कर शातिर बदमाश को पहुंचाया अंजाम तक

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बहुत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। ईद के पावन पर्व पर दिनदहाड़े हुए बहुचर्चित सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने एक बेहद रोमांचक और भीषण मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। मारे गए दुर्दांत अपराधी की पहचान असद के रूप में हुई है, जो हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं। इस बड़ी कामयाबी के बाद जहां पुलिस प्रशासन राहत की सांस ले रहा है, वहीं पीड़ित परिवार के घर पर हलचल तेज हो गई है। मृतक सूर्या की मां ने इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई पर अपनी पहली और भावुक प्रतिक्रिया देते हुए शेष बचे अपराधियों के खिलाफ भी इसी प्रकार के कड़े कदम उठाने की मांग की है। गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक रिहायशी इलाके में ईद के त्योहार की खुशियों के बीच उस समय मातम पसर गया था, जब बेखौफ बदमाशों ने सूर्या नामक युवक की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार और शूटर असद पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था क्योंकि वह लगातार अपने छिपने के ठिकाने बदल रहा था। गाजियाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित की गई विशेष अपराध शाखा और स्वात (SWAT) टीम को मुखबिर के जरिए असद की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस बल ने पूरी योजना के साथ देर रात इलाके की घेराबंदी शुरू की, जिससे खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर शातिर अपराधी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।

मुठभेड़ की इस खौफनाक घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बार-बार लाउडस्पीकर के माध्यम से असद को अपने हथियार डालकर कानून के हवाले होने की चेतावनी दी, लेकिन उसने फायरिंग बंद नहीं की। जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षार्थ पुलिस टीम की ओर से भी नियंत्रित तरीके से गोलियां चलाई गईं, जिसमें से कुछ गोलियां सीधे असद को लगीं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। गोलीबारी थमने के बाद जब पुलिसकर्मी उसके पास पहुंचे, तो वह गंभीर रूप से तड़प रहा था, जिसे तुरंत कड़ी सुरक्षा के बीच नजदीकी जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने गहन आपातकालीन चिकित्सा जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसके पास से एक अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।

इस पुलिस मुठभेड़ की खबर जैसे ही पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता तक पहुंची, वैसे ही पूरे क्षेत्र में एक अलग प्रकार का माहौल देखने को मिला। मृतक सूर्या की मां सरोज ने इस बड़ी कार्रवाई पर अपनी अत्यंत भावुक और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उनका बरसों का संचित दर्द साफ तौर पर महसूस किया जा सकता था। अपने इकलौते बेटे को खोने के गम में डूबी मां ने भारी आवाज़ में कहा कि मुख्य आरोपी असद का मारा जाना उनके बेटे की आत्मा को थोड़ी शांति जरूर देगा, लेकिन उनका न्याय अभी अधूरा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और सूबे की सरकार से पुरजोर गुहार लगाई है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य जितने भी सह-आरोपी और साजिशकर्ता अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, उन सभी का भी इसी प्रकार से एनकाउंटर किया जाना चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

सरोज का मानना है कि जब तक सूर्या की हत्या की साजिश में शामिल हर एक अपराधी को उसके कर्मों की ऐसी ही भयानक सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनका मातृत्व चैन से नहीं बैठ पाएगा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अपराधियों ने उनके हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया और त्योहार के दिन उनके घर के चिराग को हमेशा के लिए बुझा दिया। पीड़ित मां ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साहस और त्वरित कार्रवाई की सराहना अवश्य की, परंतु उनके मन में शेष बचे आरोपियों के भाग निकलने को लेकर एक गहरा असंतोष और भय भी बना हुआ है। वे चाहती हैं कि सरकार इस मामले की जांच को यहीं न रोके बल्कि कड़ियों को जोड़ते हुए उन सभी चेहरों को भी बेनकाब करे जिन्होंने असद को छिपने में मदद की और इस हत्याकांड की पृष्ठभूमि तैयार की थी। गाजियाबाद पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, असद के खिलाफ पहले से ही रंगदारी, लूट और जानलेवा हमले के आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। सूर्या हत्याकांड के बाद उस पर इनाम की राशि भी बढ़ा दी गई थी। इस मुठभेड़ की पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियमों के तहत तैयार कर न्यायिक जांच के लिए भेजी जा रही है।

इस हत्याकांड के सामाजिक और सांप्रदायिक पहलुओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार का सामाजिक तनाव पैदा न हो। पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं और उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि त्योहार के दिन हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर जो सवाल खड़े किए थे, इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने जनता के बीच खोए हुए विश्वास को वापस पाने का काम किया है। बाजार और रिहायशी इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग करके सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow