लखनऊ के बीकेटी में नशे में धुत सिपाही ने सड़क पर मचाया बवाल- वर्दी की मर्यादा तार-तार, वायरल वीडियो के बाद सस्पेंशन।
Viral News: लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में 11 जुलाई 2025 को भैंसामऊ पुलिया मार्केट में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने शराब के नशे में सड़क...
Viral News: लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में 11 जुलाई 2025 को भैंसामऊ पुलिया मार्केट में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने शराब के नशे में सड़क पर जमकर हंगामा किया। वर्दी पहने इस सिपाही ने पैसे के लेन-देन को लेकर स्थानीय लोगों से अभद्रता की और वर्दी का रौब दिखाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग की छवि पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो के आधार पर सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।
11 जुलाई 2025 को रात करीब 9 बजे, लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र के भैंसामऊ पुलिया मार्केट में सिपाही रॉबिन (उपनाम) शराब के नशे में धुत होकर सड़क पर बवाल मचाता नजर आया। वायरल वीडियो में सिपाही वर्दी में सड़क पर डगमगाते हुए दिख रहा है। वह स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों से पैसे के लेन-देन को लेकर बहस कर रहा था। वीडियो में वह जोर-जोर से चिल्लाते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता दिखा, जिससे वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कुछ लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं था। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही बीकेटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सिपाही को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस ने मेडिकल जांच में सिपाही के नशे में होने की पुष्टि की। इसके बाद, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने 12 जुलाई 2025 को सिपाही को तत्काल निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की। लखनऊ पुलिस ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, और आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
सिपाही रॉबिन बीकेटी थाना क्षेत्र में तैनात था और यूपी 112 सेवा में ड्यूटी करता था। वह मूल रूप से बाराबंकी जिले का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रॉबिन पहले भी अनुशासनहीनता के लिए चेतावनी पा चुका था, लेकिन इस बार उसकी हरकत ने विभाग की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सिपाही अक्सर इलाके में दुकानदारों से पैसे की उगाही करता था, जिसके कारण उसका विवाद हुआ। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले को गंभीरता से लिया। डीसीपी (उत्तर) अर्चना सिंह ने बताया कि सिपाही के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) (सार्वजनिक स्थान पर नशे में उपद्रव) और पुलिस सेवा नियमावली के उल्लंघन के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। मेडिकल जांच में सिपाही के रक्त में शराब की मात्रा पाई गई, जिसके आधार पर उसे निलंबित किया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं विभाग की छवि को खराब करती हैं, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं जन्म दीं। X पर कई यूजर्स ने सिपाही के व्यवहार की निंदा की और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “जब वर्दीधारी ही नशे में सड़क पर बवाल करेंगे, तो जनता की सुरक्षा कौन करेगा?” एक अन्य ने कहा, “योगी सरकार में कानून व्यवस्था की यह हालत है कि सिपाही खुलेआम वर्दी की मर्यादा भूल रहे हैं।”
विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने X पर लिखा, “नशे में धुत सिपाही ने लखनऊ में वर्दी का रौब दिखाया। यह योगी सरकार की कानून व्यवस्था का असली चेहरा है।” समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस पर जनता का भरोसा कम करती हैं। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश पुलिस के किसी सिपाही का नशे में बवाल करने का मामला सामने आया है। हाल के वर्षों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाया:
नवंबर 2024: लखनऊ के निशातगंज में एक सिपाही नशे में सड़क पर डगमगाते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उसे निलंबित किया गया।
फरवरी 2025: जौनपुर के बदलापुर में सिपाही रामधनी यादव नशे में चौकी के सामने बेसुध पड़ा मिला, जिसका वीडियो वायरल हुआ।
अप्रैल 2025: बिजनौर में सिपाही आशीष नशे में AK-56 राइफल लेकर सड़क पर गिरता-पड़ता दिखा, जिसे बाद में सस्पेंड किया गया।
मार्च 2024: कासगंज में एक सिपाही ने नशे में वाहनों को रोककर गाली-गलौज की, जिसके बाद उसे निलंबित किया गया।
इन घटनाओं से साफ है कि पुलिसकर्मियों में अनुशासन की कमी और नशे की समस्या एक गंभीर मुद्दा है। उत्तर प्रदेश पुलिस, जो विश्व की सबसे बड़ी पुलिस सेवाओं में से एक है, 75 जिलों में 3.10 लाख कर्मचारियों के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। लेकिन इस तरह की घटनाएं जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं।
भैंसामऊ पुलिया मार्केट के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गुस्सा जताया। एक दुकानदार ने बताया, “सिपाही अक्सर पैसे मांगने आता था। उस दिन वह नशे में था और गाली-गलौज कर रहा था। हमने पुलिस को बुलाया, क्योंकि वह सुनने को तैयार नहीं था।” एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, “पुलिस का काम हमारी रक्षा करना है, लेकिन जब पुलिसवाले ही इस हाल में होंगे, तो हम किस पर भरोसा करें?”
सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने लोगों में आक्रोश पैदा किया। X पर एक यूजर ने लिखा, “यह सिपाही वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। पुलिस को ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” हालांकि, कुछ यूजर्स ने सिपाही का बचाव करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी भी इंसान हैं और उनसे गलती हो सकती है, लेकिन ऐसी गलतियों को दोहराने से रोकने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।
लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र में सिपाही रॉबिन का नशे में बवाल मचाना न केवल वर्दी की मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है। वायरल वीडियो ने इस घटना को पूरे देश के सामने ला दिया, जिसके बाद सिपाही को निलंबित कर जांच शुरू की गई। यह घटना पुलिसकर्मियों में अनुशासन की कमी और नशे की समस्या को उजागर करती है। उत्तर प्रदेश पुलिस को अपनी छवि सुधारने और जनता का भरोसा जीतने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।
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