Delhi : आरक्षण में आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े और दलितों को प्राथमिकता देने की ऐड. रीना एन सिंह की याचिका पर केंद्र ने फिर समय मांगा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने पहले से तय समय में जवाब न दाखिल करने पर चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। याचिकाकर्ता रीना एन सिंह ने बताया कि केंद्र ने अभी त
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए फिर से समय मांगा है। अधिवक्ता रीना एन सिंह ने पिछड़े वर्ग और दलित वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की ओर से यह याचिका दाखिल की है। इसमें मांग की गई है कि आरक्षण देते समय आर्थिक स्थिति को आधार बनाकर सबसे पहले कमजोर लोगों को प्राथमिकता दी जाए। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा आरक्षण प्रतिशत या व्यवस्था को चुनौती नहीं दी गई है। सिर्फ यह कहा गया है कि आरक्षित वर्गों के अंदर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पहले मौका मिले। अगस्त में दाखिल इस याचिका को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाला बागची की पीठ ने स्वीकार किया था और केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने पहले से तय समय में जवाब न दाखिल करने पर चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। याचिकाकर्ता रीना एन सिंह ने बताया कि केंद्र ने अभी तक अपना पक्ष नहीं रखा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की है। याचिका में देविंदर सिंह बनाम पंजाब मामले के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें आरक्षण में उपवर्गीकरण को सही ठहराया गया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि आरक्षण का लाभ अब तक आरक्षित वर्गों में कुछ संपन्न परिवारों तक ही सीमित रहा है, जबकि सबसे गरीब लोग पीछे रह जाते हैं। इसलिए आर्थिक आधार पर प्राथमिकता देकर न्याय सुनिश्चित किया जाए।
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