UP MLC Election 2026: यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने घोषित किए 6 प्रत्याशी, गोरखपुर-फैजाबाद सीट से ध्रुव त्रिपाठी को बनाया उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगामी स्नातक एवं शिक्षक खंड चुनाव के लिए भाजपा ने 6 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को मैदान में उतारा गया है।

Sep 29, 2026 - 15:22
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UP MLC Election 2026: यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने घोषित किए 6 प्रत्याशी, गोरखपुर-फैजाबाद सीट से ध्रुव त्रिपाठी को बनाया उम्मीदवार
  • UP Legislative Council: स्नातक और शिक्षक खंड सीटों पर भाजपा की पहली सूची जारी, गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव कुमार त्रिपाठी पर जताया भरोसा
  • विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने कसी सियासी कमर, 6 सीटों पर प्रत्याशियों के ऐलान के साथ चुनावी मुकाबले की बिसात तैयार
  • Lucknow News: यूपी विधान परिषद के स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भाजपा के 6 नाम फाइनल, देखें किसे कहां से मिला टिकट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उच्च सदन यानी विधान परिषद के आगामी द्विवार्षिक चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्य की स्नातक और शिक्षक खंड निर्वाचन सीटों के लिए अपने 6 अधिकृत प्रत्याशियों की पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर प्रतिष्ठित शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है। प्रत्याशियों की घोषणा होते ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां बढ़ गई हैं।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव सीधे मतदाताओं यानी डिग्रीधारी स्नातकों और माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों द्वारा चुने जाने वाले प्रतिनिधि होते हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में अपनी मजबूत स्थिति और प्रभुत्व को और सुदृढ़ करने के संकल्प के तहत भाजपा संगठन ने जमीनी पकड़, सांगठनिक सक्रियता और शिक्षकों व बुद्धिजीवियों के बीच स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए इन चेहरों पर दांव लगाया है।

  • गोरखपुर-फैजाबाद खंड से ध्रुव त्रिपाठी पर पुनः भरोसा

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित और भौगोलिक दृष्टि से विशाल शिक्षक क्षेत्रों में से एक है। इस निर्वाचन क्षेत्र के दायरे में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, अयोध्या, सुल्तानपुर, बाराबंकी और अंबेडकरनगर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिले शामिल हैं।

ध्रुव कुमार त्रिपाठी लंबे समय से माध्यमिक शिक्षक संघ और शिक्षक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं तथा शिक्षकों के वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पुरानी पेंशन बहाली की मांगों और तदर्थ शिक्षकों के समायोजन जैसे मुद्दों पर सक्रिय मुखर आवाज माने जाते हैं। भाजपा द्वारा उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने से पार्टी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के शिक्षक वर्ग के भीतर अपनी पकड़ को और व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।

  • स्नातक और शिक्षक निर्वाचन की 6 सीटों पर बिसात तैयार

पार्टी के केंद्रीय कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार घोषित 6 प्रत्याशियों में शिक्षक और स्नातक दोनों वर्गों के संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है। भाजपा के रणनीतिकारों ने विगत वर्षों में इन निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्ष और निर्दलीय शिक्षक गुटों के प्रभाव को समाप्त करने के लिए एक विशेष माइक्रो-मैनेजमेंट योजना तैयार की थी।

घोषित प्रत्याशियों के माध्यम से पार्टी ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। गोरखपुर-फैजाबाद के अतिरिक्त बरेली-मुरादाबाद, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी और आगरा जैसे महत्वपूर्ण खंडों में स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी नामों का चयन पार्टी की आंतरिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के फीडबैक के आधार पर किया गया है।

  • स्नातक और शिक्षक चुनाव की विशेष मतदान प्रणाली

विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक खंडों के चुनाव पारंपरिक विधानसभा या लोकसभा चुनावों से पूरी तरह भिन्न होते हैं। इन चुनावों में आम मतदाता भाग नहीं लेते, बल्कि केवल वे नागरिक मतदान करते हैं जो निर्धारित कट-ऑफ तिथि से कम से कम तीन वर्ष पूर्व किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक हों और मतदाता सूची में पंजीकृत हों।

वहीं शिक्षक खंड में मतदान का अधिकार केवल उन शिक्षकों को होता है जो माध्यमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर न्यूनतम तीन वर्ष से नियमित अध्यापन कार्य कर रहे हों। मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) के जरिए संपन्न होता है, जहां मतदाताओं को प्रत्याशियों के नाम के आगे 1, 2, 3 जैसी वरीयता अंकित करनी होती है।

  • राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला

विगत कुछ कार्यकालों से पहले तक विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों को गैर-दलीय अथवा शिक्षक संघों के स्वतंत्र प्रभाव का क्षेत्र माना जाता था। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने विगत चुनावों से इन सीटों पर सीधे अपने दलीय सिंबल पर प्रत्याशी उतारकर पूरी राजनीतिक ताकत झोंकना शुरू किया, जिसके फलस्वरूप भाजपा ने कई पारंपरिक किलों में ऐतिहासिक विजय दर्ज की थी।

अब समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य विपक्षी दल भी इन सीटों पर पूरी गंभीरता के साथ अपने उम्मीदवारों की घेराबंदी कर रहे हैं। सपा नेतृत्व ने भी स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया है। ऐसे में भाजपा द्वारा 6 प्रत्याशियों की समय पूर्व घोषणा कर देने से पार्टी के उम्मीदवारों को मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क साधने का पर्याप्त समय मिल गया है।

  • भाजपा संगठन का 'वोटर कनेक्ट' अभियान

प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के तुरंत बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री के नेतृत्व में प्रांतीय स्तर पर चुनावी रणनीति को धरातल पर उतारने का निर्देश जारी कर दिया गया है। पार्टी के युवा मोर्चा को स्नातक मतदाताओं के घर-घर संपर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि शिक्षक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं को सभी इंटर कॉलेजों, राजकीय विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में संपर्क बैठकें आयोजित करने को कहा गया है।

पार्टी का मुख्य जोर उन शिक्षक मतदाताओं को लामबंद करने पर है जो सरकार द्वारा शिक्षा के डिजिटलीकरण, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और समयबद्ध वेतन भुगतान की व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं। आने वाले दिनों में नाम वापसी और नामांकन प्रक्रिया के उपरांत चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।

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