केंद्र सरकार ने अधूरे नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल में बड़ी राहत दी, 15 फरवरी 2026 से लागू होगा नया नियम।

केंद्र सरकार ने नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल

Feb 16, 2026 - 12:41
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केंद्र सरकार ने अधूरे नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल में बड़ी राहत दी, 15 फरवरी 2026 से लागू होगा नया नियम।
केंद्र सरकार ने अधूरे नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल में बड़ी राहत दी, 15 फरवरी 2026 से लागू होगा नया नियम।
  • अधूरे एक्सप्रेसवे पर अब पूरा टोल नहीं, केवल चालू हिस्से पर सामान्य हाईवे दर से वसूली

केंद्र सरकार ने नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाईवे फीस (दर निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 में संशोधन किया है। नए प्रावधान के अनुसार यदि कोई नेशनल एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एंड-टू-एंड चालू नहीं है तो उसके चालू हिस्सों पर टोल सामान्य नेशनल हाईवे की दरों से लिया जाएगा। पहले व्यवस्था में एक्सप्रेसवे पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रीमियम टोल वसूला जाता था भले ही पूरा प्रोजेक्ट तैयार न हो। अब इस विसंगति को दूर किया गया है। यदि एक्सप्रेसवे पूरी लंबाई में शुरू नहीं हुआ है तो यात्रियों से चालू हिस्से के लिए ही सामान्य हाईवे दर पर टोल लिया जाएगा। यह बदलाव यात्रियों को आर्थिक राहत देगा और अधूरे एक्सप्रेसवे के उपयोग को बढ़ावा देगा। संशोधित नियम 15 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे।

  • नए नियम से यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर, 25 प्रतिशत प्रीमियम टोल खत्म

पहले नियम के तहत एक्सप्रेसवे के किसी भी हिस्से के चालू होने पर पूरी लंबाई के लिए एक्सप्रेसवे की उच्च दर से टोल वसूला जाता था जो सामान्य नेशनल हाईवे से 25 प्रतिशत अधिक होता था। यह दर एक्सप्रेसवे की एक्सेस कंट्रोल्ड डिजाइन और तेज यात्रा के लिए लागू की जाती थी। लेकिन कई मामलों में केवल छोटा हिस्सा चालू होता था फिर भी यात्रियों से प्रीमियम दर ली जाती थी। नए संशोधन में तय किया गया है कि जब तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक छोर से दूसरे छोर तक खुला नहीं होता तब तक चालू हिस्सों पर टोल सामान्य नेशनल हाईवे दरों के अनुसार होगा। यह प्रावधान अधूरे एक्सप्रेसवे के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही समानांतर हाईवे पर भीड़ कम होगी और लॉजिस्टिक्स में सुधार आएगा। नियम संशोधन के लागू होने की तारीख से एक वर्ष तक या एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक जो भी पहले हो तब तक लागू रहेगा।

  • 15 फरवरी 2026 से लागू होगा संशोधन, अधूरे हिस्सों पर कम दर से टोल वसूली

यह संशोधन नेशनल हाईवे फीस (दर निर्धारण और वसूली) (संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि नेशनल एक्सप्रेसवे एंड-टू-एंड चालू नहीं है तो चालू लंबाई के लिए टोल सामान्य हाईवे दर पर लिया जाएगा। एक्सप्रेसवे प्रीमियम केवल तब लागू होगा जब पूरा कॉरिडोर पूरी तरह कार्यरत हो। यह बदलाव यात्रियों और वाणिज्यिक वाहनों दोनों के लिए फायदेमंद है क्योंकि अधूरे एक्सप्रेसवे पर पहले उच्च दर से टोल देना पड़ता था। नए नियम से यात्रियों को बचत होगी और अधूरे हिस्सों का उपयोग बढ़ेगा। मंत्रालय ने इस बदलाव का उद्देश्य अधूरे एक्सप्रेसवे के उपयोग को बढ़ाना और समानांतर सड़कों पर भीड़ कम करना बताया है। नियम 15 फरवरी 2026 से देशभर में लागू हो जाएगा।

सरकार ने अधूरे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को तर्कसंगत बनाया है। पहले प्रीमियम दर पूरी लंबाई के लिए लागू होती थी भले ही केवल हिस्सा चालू हो। अब केवल चालू हिस्से पर सामान्य दर लागू होगी। यह बदलाव यात्रियों को राहत देगा। एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को अब अधूरे हिस्सों में भी अधिक टोल नहीं देना पड़ेगा। नियम एक वर्ष तक या पूर्ण संचालन तक लागू रहेगा।

  • नए टोल नियम से लॉजिस्टिक्स और यात्रा में सुधार की उम्मीद

यह संशोधन अधूरे एक्सप्रेसवे के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। पहले उच्च टोल दर के कारण कई यात्री अधूरे हिस्सों से बचते थे। अब सामान्य दर से टोल होने से उपयोग बढ़ेगा। इससे समानांतर हाईवे पर ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। नियम में स्पष्ट किया गया है कि प्रीमियम टोल केवल पूर्ण एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि यह बदलाव यात्रियों की सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर के बेहतर उपयोग के लिए किया गया है। 15 फरवरी 2026 से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

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