Vigyan Bharati Foundation Day - लखनऊ के CSIR-IITR में स्थापना दिवस समारोह, अवध विज्ञान भारती की वेबसाइट लॉन्च
लखनऊ के CSIR-IITR में विज्ञान भारती का स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान अवध प्रांत की आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण कर स्वदेशी शोध पर बल दिया गया।

लखनऊ। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के संवर्धन और पारंपरिक भारतीय ज्ञान को समकालीन अनुसंधान के साथ समन्वित करने के ध्येय से सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (CSIR-IITR) के सभागार में विज्ञान भारती का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संगठन के डिजिटल विस्तार को गति देते हुए ‘अवध विज्ञान भारती’ के आधिकारिक वेब पोर्टल का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने देश में वैज्ञानिक चेतना के विकास, स्वदेशी तकनीक की उपयोगिता और आधुनिक अनुसंधानों को भारतीय सामाजिक मूल्यों के अनुरूप ढालने की दिशा पर विचार-विमर्श किया।
- अवध विज्ञान भारती का वेब पोर्टल शुरू
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में अवध विज्ञान भारती की आधिकारिक वेबसाइट की शुरुआत की गई। इस डिजिटल मंच का मुख्य उद्देश्य संगठन द्वारा संचालित की जाने वाली वैज्ञानिक कार्यशालाओं, शोध परियोजनाओं, अकादमिक उपलब्धियों और भावी अभियानों की जानकारी को आम जनता तथा शैक्षणिक जगत तक सहजता से पहुंचाना है।

आयोजकों का कहना है कि यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदेश भर के विद्यार्थियों, युवा वैज्ञानिकों और शिक्षकों के बीच संवाद स्थापित करने में माध्यम बनेगा। इसके जरिए स्कूली स्तर से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक वैज्ञानिक गतिविधियों को संगठित रूप में संचालित करने में सहायता मिलेगी।
- स्वदेशी अनुसंधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर
सत्र को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश की जमीनी जरूरतों के आधार पर स्वदेशी तकनीक का विकास आवश्यक है। भारत की पारंपरिक ज्ञान संपदा में अनेक ऐसे सूत्र मौजूद हैं, जिन्हें आधुनिक वैज्ञानिक परीक्षणों और तकनीकी प्रयोगों से जोड़कर व्यापक जनहित में उपयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रवीण रामदास, राष्ट्रीय सचिव अरविंद सी. रानाडे, अवध प्रांत के महासचिव विनय कुमार सिंह तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संयोजक रजनीश चतुर्वेदी ने संगठन के नीतिगत विजन पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि नई पीढ़ी के भीतर तार्किक सोच और विज्ञान के प्रति रुचि जगाना किसी भी प्रगतिशील समाज की बुनियादी आवश्यकता है।
- वैज्ञानिकों और प्रांतीय पदाधिकारियों का समागम
समारोह की अध्यक्षता अवध प्रांत के अध्यक्ष भृगुनाथ सिंह ने की। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर. एस. राय ने वैज्ञानिक नवाचारों और अनुसंधान संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। मंच का संचालन सौरव तोमर ने किया, जबकि कार्यक्रम के समापन पर आशीष द्विवेदी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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