Sanjay Raut Attack On PM Modi: संजय राउत का बड़ा हमला, बोले- 'मोदी जी आपसे माफी कौन मांग रहा है'
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि उनसे कोई माफी नहीं मांग रहा है। जानिए पूरा सियासी विवाद और प्रतिक्रियाएं।

- Sanjay Raut Statement: 'आपसे माफी कौन मांग रहा है?' संजय राउत ने पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर दिया करारा जवाब
- "मोदी जी आपसे माफी कौन मांग रहा है?" संजय राउत के इस तीखे बयान से गर्माई महाराष्ट्र की राजनीति
- महाराष्ट्र राजनीति: संजय राउत ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, बोले- बिना मांगे कौन दे रहा है माफी
महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने सीधे तौर पर पीएम मोदी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर आपसे माफी मांग कौन रहा है जो आप उसे माफ करने की बात कर रहे हैं। इस बयान के बाद राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और उग्र होने के आसार हैं।
महाराष्ट्र की सियासत में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) के बीच जुबानी तीर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष या राजनीतिक विरोधियों को लेकर दिए गए बयानों के संदर्भ में संजय राउत ने यह टिप्पणी की है। संजय राउत का कहना है कि विपक्ष ने देश के लोकतंत्र, संविधान और जनता के मुद्दों को उठाया है और इसके लिए किसी को भी क्षमा या माफी मांगने की आवश्यकता नहीं है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य और देश में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। संजय राउत के इस तीखे रुख से साफ है कि महा विकास अघाड़ी सत्ताधारी गठबंधन के प्रति नरम रुख अपनाने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
पूरे मामले की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन के बाद हुई जिसमें उन्होंने विरोधियों के रवैये और उनके बयानों पर बात करते हुए क्षमा की भावना का उल्लेख किया था। इसी संदर्भ में शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
मीडिया को संबोधित करते हुए संजय राउत ने कहा कि देश में जनता से जुड़े मुख्य मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई गलती की ही नहीं गई और न ही कोई क्षमा याचना कर रहा है, तो फिर प्रधानमंत्री की ओर से माफ करने जैसी बातें कहना बेमानी लगता है। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी नीतियों की विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी का सहारा लेती है।
संजय राउत के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष के पास रचनात्मक मुद्दों की कमी है और वे केवल प्रधानमंत्री की लोकप्रियता से घबराकर असंसदीय व तंज भरे बयानों का सहारा ले रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण हमेशा से देश को एकजुट करने का रहा है, लेकिन विपक्ष हर विषय को राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश करता है।
दूसरी ओर, महा विकास अघाड़ी के सहयोगी दलों ने संजय राउत के बयान का समर्थन किया है। कांग्रेस और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं का मानना है कि जनता के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए सवाल उठाना विपक्ष का कर्तव्य है, न कि कोई ऐसा काम जिसके लिए किसी से माफी मांगी जाए।
संजय राउत के इस बयान का असर सीधे तौर पर महाराष्ट्र की क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर देखने को मिल रहा है। इस तीखी बयानबाजी से दोनों खेमों के कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक माहौल और ज्यादा ध्रुवीकृत हो सकता है। विपक्ष जहां खुद को जनता के मुद्दों पर आक्रामक रूप से खड़ा दिखाने की कोशिश में है, वहीं सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की हताशा बताकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
इस राजनीतिक घमासान के शांत होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी रहने की पूरी संभावना है। दोनों ही पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना जारी रखेगा, जबकि भारतीय जनता पार्टी इस बयान को विपक्ष के अहंकार के रूप में पेश करने की रणनीति अपना सकती है।
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