Pappu Yadav FIR Controversy: अपने खिलाफ दर्ज FIR पर भड़के सांसद पप्पू यादव, कहा- चंदा चोरी पर कार्रवाई क्यों नहीं?
Pappu Yadav FIR News: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सनातन के लिए वे गर्दन कटवाने को तैयार हैं।

- 'हम खीरा-ककड़ी नहीं हैं, सनातन के लिए 1 लाख बार गर्दन कटवा लेंगे...' अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर बोले सांसद पप्पू यादव
- Pappu Yadav Statement: 'सनातन के लिए गर्दन कटवा लेंगे', दर्ज हुई FIR तो निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दिया आक्रामक बयान
- Pappu Yadav Reaction: अपने खिलाफ FIR दर्ज होने पर सांसद पप्पू यादव का बड़ा बयान, विरोधी दलों पर साधा निशाना
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने राजनीतिक या सामाजिक जीवन में किसी भी प्रकार की सीमा और मर्यादा नहीं लांघी है। मीडिया से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि वास्तविक मुद्दों और 'चंदा चोरी' पर मामले दर्ज क्यों नहीं किए जा रहे हैं। अपनी राजनीतिक यात्रा और संघर्ष का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि वे पिछले 12 सालों से संघर्ष कर रहे हैं और सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक लाख बार भी अपनी गर्दन कटवाने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ हाल ही में दर्ज हुई एक एफआईआर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस कानूनी कार्रवाई के सामने आने के बाद सांसद ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विरोधी उन्हें कम आंकने की भूल न करें और न ही वे किसी दबाव के आगे झुकने वाले हैं।
पूरा मामला सांसद पप्पू यादव के हालिया बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के बाद उनके खिलाफ दर्ज हुई कानूनी शिकायत से जुड़ा है। मामला दर्ज होने की सूचना मिलने पर पप्पू यादव ने संवाददाताओं से बात करते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि वे जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग चंदा चोरी और वास्तविक अनियमितताओं में शामिल हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि जनता की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। अपने तेवरों को सख्त करते हुए उन्होंने कहा, "हम कोई खीरा-ककड़ी नहीं हैं जिन्हें आसानी से काट दिया जाए। हम 12 सालों से संघर्ष कर रहे हैं और मार खा रहे हैं।"
बयान के दौरान उन्होंने धार्मिक व सांस्कृतिक निष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि वे सनातन धर्म के मूल्यों में अडिग विश्वास रखते हैं और सनातन की रक्षा व सम्मान के लिए यदि एक लाख बार भी गर्दन कटवानी पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
सांसद पप्पू यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा:
"हमने अपनी ओर से कभी किसी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया है। असल सवाल यह है कि चंदा चोरी और घोटालों में लिप्त लोगों पर एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की जाती? हम लगातार जनता के लिए लड़ रहे हैं। सनातन को बचाने और उसकी रक्षा के लिए हम एक लाख बार भी गर्दन कटवा लेंगे, लेकिन अन्याय के आगे झुकेंगे नहीं।"
दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज शिकायत के आधार पर ही नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में आगे के तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। वहीं, राजनीतिक विरोधियों का तर्क है कि कानून सबके लिए समान है और जनप्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
पप्पू यादव के इस तीखे बयान से बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर शुरू हो गया है। अपने बेबाक और सख्त तेवरों के लिए जाने जाने वाले पप्पू यादव के समर्थन में उनके समर्थक सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं। 'सनातन' और 'मर्यादा' जैसे शब्दों के इस्तेमाल से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस का विषय बन गया है।
दर्ज एफआईआर के आलोक में पुलिस प्रशासन अपनी जांच आगे बढ़ाएगा। दूसरी ओर, पप्पू यादव के रुख को देखते हुए यह स्पष्ट है कि वे इस मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से जवाब देने की योजना बना रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि जांच एजेंसी इस मामले में क्या कदम उठाती है और इसका क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
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