UP: वाराणसी में काल भैरव मंदिर में अमित शाह की नजर उतारी, योगी आदित्यनाथ को बीच में रोकनी पड़ी पूजा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 23 जून 2025 को वाराणसी दौरे के दौरान बाबा काल भैरव मंदिर में एक अनोखा और चर्चित घटनाक्रम देखने को मिला। मंदिर के...

Jun 24, 2025 - 11:46
Jun 24, 2025 - 11:49
 0  21
UP: वाराणसी में काल भैरव मंदिर में अमित शाह की नजर उतारी, योगी आदित्यनाथ को बीच में रोकनी पड़ी पूजा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 23 जून 2025 को वाराणसी दौरे के दौरान बाबा काल भैरव मंदिर में एक अनोखा और चर्चित घटनाक्रम देखने को मिला। मंदिर के पुजारी ने अमित शाह की नजर उतारने की रस्म इतने उत्साह और विस्तार से शुरू की कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बीच में हस्तक्षेप कर इसे संक्षिप्त करने के लिए कहना पड़ा। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जहां लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए मजेदार टिप्पणियां कीं। यह घटना अमित शाह के दो दिवसीय वाराणसी दौरे का हिस्सा थी, जहां वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता करने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आए थे।

23 जून 2025 की शाम को अमित शाह वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। हवाई अड्डे से उनका काफिला सीधे बाबा काल भैरव मंदिर पहुंचा, जो वाराणसी में एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और इसे शहर का “कोतवाल” माना जाता है।

मंदिर में पुजारी पंडित रामानुज त्रिपाठी ने अमित शाह का स्वागत किया और उनकी मंगल आरती और नजर उतारने की रस्म शुरू की। पुजारी ने पारंपरिक विधि से तेल, फूलों की माला, और मंत्रोच्चार के साथ नजर उतारने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें अमित शाह के हाथ से ज्योत जलवाई गई और तेल को मिट्टी के पात्र में रखा गया। पुजारी ने बताया कि यह रस्म किसी भी विपत्ति, बाधा, या आपदा से बचाव के लिए की जाती है, और गृहमंत्री के लिए यह देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।

हालांकि, पुजारी का उत्साह इतना अधिक था कि रस्म लंबी होने लगी। कुछ मिनटों बाद, योगी आदित्यनाथ, जो स्वयं गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों से अच्छी तरह परिचित हैं, ने मुस्कुराते हुए पुजारी से रस्म को संक्षिप्त करने का अनुरोध किया। योगी ने मजाकिया अंदाज में कहा, “पंडित जी, थोड़ा जल्दी करें, हमें अभी और भी कार्यक्रम निपटाने हैं!” इस पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े, और पुजारी ने मंत्रोच्चार को जल्दी पूरा किया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें योगी का हस्तक्षेप और अमित शाह की मुस्कान स्पष्ट दिखाई दे रही है।

एक्स पर इस घटना को लेकर कई पोस्ट्स वायरल हुए, जिनमें यूजर्स ने इसे हास्य और श्रद्धा का मिश्रण बताया। @skphotography68 ने लिखा, “काल भैरव मंदिर के पुजारी ने गृहमंत्री अमित शाह की ऐसी नजर उतारी कि योगी जी को रोकना पड़ा। वीडियो देखकर हंसी आ गई!” @vipul_vns ने टिप्पणी की, “पुजारी जी का जोश देखने लायक था, लेकिन योगी जी ने सही टाइम पर संभाल लिया।” @TV9Bharatvarsh और @TNNavbharat ने भी इस घटना की वीडियो रिपोर्ट साझा की, जिसमें पुजारी का उत्साह और योगी का हस्तक्षेप हाइलाइट किया गया। कुछ यूजर्स ने इसे वाराणसी की धार्मिक परंपराओं का हिस्सा बताया, जबकि अन्य ने मजाकिया अंदाज में कहा, “पुजारी जी ने शाह साहब की नजर इतनी जोर से उतारी कि योगी जी को ‘टाइमआउट’ लेना पड़ा!”

  • अमित शाह का वाराणसी दौरा

अमित शाह का यह दौरा दो दिवसीय था, जिसका मुख्य उद्देश्य 24 जून 2025 को होटल ताज गंगेज में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता करना था। इस बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ इन राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों के समान उपयोग, संवेदनशील क्षेत्रों में विकास, और अंतर-राज्यीय विवादों को सुलझाना था।

23 जून की शाम को काल भैरव मंदिर के दर्शन के बाद, अमित शाह ने रात्रि विश्राम नदेसर स्थित ताज होटल में किया, जहां योगी आदित्यनाथ ने उनके लिए रात्रिभोज की व्यवस्था की थी। 24 जून को, शाह ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए और फिर मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद वे अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए।

  • काल भैरव मंदिर

बाबा काल भैरव मंदिर वाराणसी में एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, और इसे काशी का “कोतवाल” माना जाता है। मान्यता है कि बिना काल भैरव के दर्शन के काशी विश्वनाथ की पूजा अधूरी रहती है। मंदिर में नजर उतारने की रस्म एक प्राचीन परंपरा है, जो भक्तों को बुरी नजर और विपत्तियों से बचाने के लिए की जाती है। अमित शाह जैसे प्रमुख नेताओं के दर्शन इस मंदिर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को और बढ़ाते हैं।

यह घटना न केवल धार्मिक परंपराओं को दर्शाती है, बल्कि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बीच की सहज केमिस्ट्री को भी उजागर करती है। हाल के महीनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों नेताओं के बीच तनाव की अटकलें थीं, खासकर 2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद। हालांकि, इस घटना और हाल के कार्यक्रमों, जैसे 15 जून 2025 को लखनऊ में पुलिस भर्ती समारोह में शाह द्वारा योगी की तारीफ, ने इन अटकलों को कमजोर किया है।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस घटना को योगी की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और धार्मिक संवेदनशीलता से जोड़ा। एक यूजर ने लिखा, “योगी जी ने पुजारी को सम्मान के साथ रस्म को जल्दी पूरा करने के लिए कहा। यह उनकी नेतृत्व शैली को दर्शाता है।”

वाराणसी के काल भैरव मंदिर में अमित शाह की नजर उतारने की घटना एक धार्मिक रस्म से ज्यादा एक यादगार और हल्का-फुल्का पल बन गई, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। योगी आदित्यनाथ का समय पर हस्तक्षेप और पुजारी का जोश इस घटना को सोशल मीडिया पर वायरल कर गया।

Also Read- UP: अमेठी में रोडवेज बस की खराबी: यात्रियों और पुलिस ने मिलकर लगाया धक्का, वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल।

View this post on Instagram

A post shared by ABP News (@abpnewstv)

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow