धूं-धूं कर जली टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग की भयावह घटना में दो कोच जलकर खाक, एक यात्री की मौत।
झारखंड के टाटानगर से केरल के एर्नाकुलम जा रही ट्रेन नंबर 18189 टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले में सोमवार
झारखंड के टाटानगर से केरल के एर्नाकुलम जा रही ट्रेन नंबर 18189 टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। यह हादसा येलमंचिली रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जब ट्रेन दुव्वाडा स्टेशन पार कर चुकी थी। आग सबसे पहले बी1 एसी कोच में लगी और फिर पास के एम2 कोच तक फैल गई, जो पैंट्री कार के बगल में थे। दोनों कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस घटना में एक 70 वर्षीय यात्री की मौत हो गई, जिनकी पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में हुई है। मृतक का शव बी1 कोच से बरामद किया गया। अन्य यात्रियों ने समय पर ट्रेन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, और कोई अन्य गंभीर घायल नहीं हुआ। हादसा रात करीब 12:45 बजे से 1:30 बजे के बीच हुआ। लोको पायलट ने आग की लपटें देखीं और तुरंत ट्रेन को येलमंचिली स्टेशन पर रोक दिया। एक यात्री ने भी इमरजेंसी चेन पुल करके ट्रेन रोकी। आग लगने की सूचना मिलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और वे कोच से बाहर निकलने लगे। रेलवे स्टाफ ने तुरंत यात्रियों को सुरक्षित निकाला। आग बुझाने के लिए चार फायर इंजन मौके पर पहुंचे और दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग इतनी तेज थी कि दोनों प्रभावित कोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, और यात्रियों का सामान भी जल गया। सावधानी के तौर पर एम1 कोच को भी अलग किया गया।
प्रभावित कोचों में कुल 158 यात्री सवार थे, जिनमें से एक कोच में 82 और दूसरे में 76 यात्री थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। जले हुए कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया, और बाकी ट्रेन को आगे भेजा गया। प्रभावित यात्रियों को तीन एपीएसआरटीसी बसों से समरलकोटा स्टेशन ले जाया गया, जहां दो नए एसी कोच जोड़े गए। इसके बाद ट्रेन एर्नाकुलम की ओर रवाना हो गई। इस घटना से विजयवाड़ा की ओर जाने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हुईं और विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली तथा तुनी स्टेशनों पर रोकी गईं। कुछ ट्रेनें देरी से चलीं। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए, जिनमें अनाकापल्ली, तुनी, समरलकोटा, राजमुंद्री, एलुरु और विजयवाड़ा स्टेशनों के लिए अलग-अलग नंबर दिए गए। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अनाकापल्ली के एसपी तुहिन सिन्हा ने घटना की पुष्टि की और बताया कि जांच चल रही है। दो फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं और आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जानकारी में ब्रेक ओवरहीटिंग से स्पार्क्स निकलने की संभावना जताई गई है, लेकिन सटीक कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।
यह घटना दक्षिण पूर्व रेलवे के विजयवाड़ा डिवीजन में हुई। ट्रेन टाटानगर से एर्नाकुलम की ओर जा रही थी और विशाखापत्तनम रूट से गुजर रही थी। येलमंचिली स्टेशन विशाखापत्तनम से करीब 66 किलोमीटर दूर है। आग लगने से पहले ट्रेन अनाकापल्ली के पास से गुजर चुकी थी। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की और आग को आगे फैलने से रोका। प्रभावित कोचों के यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस हादसे ने रेल यात्रा में सुरक्षा के मुद्दों को फिर से उजागर किया है, खासकर एसी कोचों में आग लगने की घटनाओं को। हादसे के बाद रेलवे ने प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी कि आग की सूचना मिलते ही ट्रेन रोकी गई और यात्रियों को निकाला गया। दोनों जले कोचों को अलग करने के बाद ट्रेन की यात्रा जारी रही। फायर सर्विस की टीमों ने आग पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक यात्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। यह हादसा सोमवार तड़के का है, जब ट्रेन रात में चल रही थी। यात्रियों ने आग देखकर तुरंत अलर्ट किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दोनों कोच पैंट्री कार के पास होने से आग तेजी से फैली। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और प्रभावितों को सहायता प्रदान की। समरलकोटा में नए कोच जोड़ने के बाद ट्रेन समय पर आगे बढ़ी। इस घटना से रेलवे की इमरजेंसी रिस्पॉन्स की व्यवस्था का परीक्षण हुआ।
What's Your Reaction?







