Trending: एयर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर-दुबई फ्लाइट में तकनीकी खराबी, बिना AC के 5 घंटे से अधिक फंसे रहे यात्री।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-196, जो जयपुर से दुबई के लिए 13 जून 2025 को रवाना होने वाली थी, में तकनीकी खराबी के कारण ...
एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-196, जो जयपुर से दुबई के लिए 13 जून 2025 को रवाना होने वाली थी, में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को पांच घंटे से अधिक समय तक बिना एयर-कंडीशनिंग के विमान में फंसे रहना पड़ा। इस दौरान न तो यात्रियों को पानी या भोजन उपलब्ध कराया गया और न ही चालक दल की ओर से कोई जानकारी दी गई। जयपुर की एक महिला यात्री, आरज़ू सेठी, ने इस भयावह अनुभव का एक 45 सेकंड का वीडियो अपने इंस्टाग्राम हैंडल @dietnaree पर साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में यात्री गर्मी से त्रस्त दिखाई दे रहे हैं, जो सुरक्षा निर्देश कार्ड से हवा कर रहे हैं। इस घटना ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की कार्यप्रणाली और यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-196 को 13 जून 2025 को रात 7:25 बजे दुबई के लिए जयपुर के संगानेर हवाई अड्डे से उड़ान भरनी थी। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण विमान समय पर उड़ान नहीं भर सका। यात्रियों को शाम 7:00 बजे विमान में बोर्ड कर लिया गया था, लेकिन एयर-कंडीशनिंग सिस्टम शुरू नहीं हुआ, जिसके कारण विमान के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान में कोई भी क्रू मेंबर स्थिति की जानकारी देने या यात्रियों की सहायता के लिए उपलब्ध नहीं था।
विमान आखिरकार 14 जून को रात 12:44 बजे उड़ान भर सका और सुबह 2:44 बजे दुबई पहुंचा, जो निर्धारित समय से पांच घंटे से अधिक देरी थी। इस दौरान यात्रियों को न केवल गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा, बल्कि पानी और भोजन की कमी ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया। कई यात्रियों, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों, को इस स्थिति में गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा।
- वायरल वीडियो और यात्रियों की शिकायत
जयपुर की रहने वाली डायटीशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट आरज़ू सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में इस अनुभव को "भयावह" और "खतरनाक" बताया। वीडियो में दिखाई देता है कि यात्री गर्मी से परेशान होकर सुरक्षा निर्देश कार्ड और अन्य उपलब्ध सामग्री से हवा कर रहे हैं। सेठी ने अपने पोस्ट में लिखा, "हम @airindiax की फ्लाइट IX-196 में 5 घंटे से अधिक समय तक बिना AC, बिना जानकारी और क्रू की कोई सहायता के फंसे रहे। यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है।" उन्होंने अपने तीन साल के बेटे की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि वह गर्मी से पूरी तरह पसीने में भीग गया था, और चालक दल ने उनकी कॉल बेल का कोई जवाब नहीं दिया।
वायरल वीडियो में सेठी ने यह भी कहा, "यहां तक कि अगर यह तकनीकी खराबी थी, तो बुनियादी संचार कहां था? जवाबदेही कहां थी?" वीडियो में अन्य यात्री भी दिखाई दे रहे हैं, जो गर्मी और घुटन से जूझ रहे थे। एक अन्य यात्री, रवि कुमार, ने भी इस अनुभव को "यातनापूर्ण" बताया। उन्होंने कहा, "विमान में घुटन हो रही थी। एयर-कंडीशनिंग काम नहीं कर रही थी। हम बार-बार कॉल बटन दबाते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।" इस घटना के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि न केवल चालक दल ने उनकी सहायता नहीं की, बल्कि उन्हें टर्मिनल में इंतजार करने की अनुमति भी नहीं दी गई। सेठी ने अपने पोस्ट में कहा कि अगर विमान में तकनीकी खराबी थी, तो यात्रियों को टर्मिनल में इंतजार करने की अनुमति दी जानी चाहिए थी, जहां कम से कम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होतीं।
यह पहली बार नहीं है जब एयर इंडिया या उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं। हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जहां यात्रियों को बिना एयर-कंडीशनिंग के विमान में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। उदाहरण के लिए, मई 2024 में दिल्ली से रियाद जाने वाली फ्लाइट AI-925 में एयर-कंडीशनिंग खराब होने के कारण यात्रियों, विशेष रूप से बच्चों, को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह, मई 2024 में दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली एक फ्लाइट में यात्रियों को 20 घंटे की देरी और 8 घंटे तक बिना AC के विमान में रहना पड़ा, जिसके दौरान कई यात्री बेहोश हो गए।
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब एयर इंडिया पहले से ही अपनी सेवाओं और सुरक्षा को लेकर आलोचना का सामना कर रही है। 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो लंदन के लिए उड़ान भर रही थी, के दुर्घटनाग्रस्त होने से 279 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद एक यात्री, आकाश वत्स, ने दावा किया था कि उन्होंने उसी विमान में दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ान के दौरान असामान्य चीजें देखी थीं, जिसमें एयर-कंडीशनिंग सिस्टम की खराबी भी शामिल थी।
जयपुर-दुबई फ्लाइट की इस घटना ने इन शिकायतों को और बढ़ा दिया है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के विमानों में तकनीकी खामियां बार-बार सामने आ रही हैं, और इनका समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है। 14 जून 2025 को भी दो अन्य एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ानों—बैंकॉक-सूरत और जयपुर-बेंगलुरु-सूरत—में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि इस विशेष घटना के लिए अभी तक कोई आधिकारिक जांच की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) इस मामले की जांच कर सकता है। अहमदाबाद हादसे के बाद DGCA ने एयर इंडिया के बोइंग 787-8/9 विमानों, जो GEnx इंजनों से लैस हैं, के लिए अतिरिक्त रखरखाव जांच के आदेश दिए थे। इनमें प्रत्येक उड़ान से पहले टेक-ऑफ पैरामीटर्स की एक बार जांच शामिल है। यह कदम 15 जून 2025 की मध्यरात्रि से लागू किया गया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने अन्य तकनीकी खराबी की घटनाओं के संदर्भ में कहा कि प्रभावित यात्रियों को होटल आवास, मुफ्त पुनर्निर्धारण, या पूर्ण रिफंड जैसे सेवा रिकवरी विकल्प प्रदान किए गए थे। हालांकि, जयपुर-दुबई फ्लाइट के मामले में अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था की पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि यात्रियों, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों, को गर्मी और घुटन के कारण गंभीर परेशानी हो रही थी। सेठी ने अपने पोस्ट में बताया कि उनके बेटे सहित कई बच्चे पसीने से तर-बतर थे। कुछ यात्रियों ने कॉल बटन बार-बार दबाया, लेकिन चालक दल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। वीडियो में एक यात्री को यह कहते सुना जा सकता है, "रात के 12:30 बज रहे हैं, और कोई जवाबदेही नहीं है। स्थिति को देखिए।"
यह घटना उन कई मामलों में से एक है, जिन्होंने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की सेवाओं पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों ने मांग की है कि एयरलाइन अपनी तकनीकी खामियों को ठीक करने और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए। जयपुर-दुबई उड़ान में इस्तेमाल किया गया विमान एक बोइंग 737 था, जो एयर इंडिया एक्सप्रेस के बेड़े का हिस्सा है। इस विमान की तकनीकी खराबी का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में खराबी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म जलवायु में, जैसे कि दुबई और जयपुर में, एयर-कंडीशनिंग की विफलता यात्रियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में बोइंग विमानों, विशेष रूप से 737 और 787 मॉडल, में कई तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। अहमदाबाद में हुए हादसे के बाद, जिसमें बोइंग 787 ड्रीमलाइनर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, विमान के इंजन और फ्लैप्स की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, जयपुर-दुबई उड़ान में इस्तेमाल हुआ विमान एक अलग मॉडल था, लेकिन यह घटना एयरलाइन के रखरखाव प्रोटोकॉल पर सवाल उठाती है।
नागर विमानन मंत्रालय और DGCA ने हाल की घटनाओं के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर सख्ती बरतने की बात कही है। अहमदाबाद हादसे की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसे तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस समिति को विमान के रखरखाव रिकॉर्ड, उड़ान डेटा रिकॉर्डर, और चालक दल के लॉग की जांच करने का काम सौंपा गया है। जयपुर-दुबई उड़ान की घटना के बाद, माना जा रहा है कि DGCA इस मामले में भी अलग से जांच शुरू कर सकता है।
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