Ramdas Athawale On Abhijit Dipke: 'अमेरिका से आया यह चुपके-चुपके, नाम है उसका अभिजीत दिपके', संसद में गूंजी रामदास आठवले की तुकबंदी
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने संसद में अपनी तुकबंदी से अभिजीत दिपके पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि 'अमेरिका से आया यह चुपके-चुपके, नाम है उसका अभिजीत दिपके'।

- Ramdas Athawale Speech In Parliament: 'नाम है उसका अभिजीत दिपके...' रामदास आठवले की तुकबंदी से संसद में लगे ठहाके
- "अमेरिका से आया यह चुपके-चुपके..." केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की नई तुकबंदी सुनकर संसद में हंस पड़े सांसद
- संसद समाचार: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अपनी खास शैली में अभिजीत दिपके पर कसा तंज, सदन में लगे ठहाके
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और आरपीआई (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने 1 अगस्त 2026 को संसद की कार्यवाही के दौरान एक बार फिर अपनी अनूठी काव्यात्मक शैली से सभी का ध्यान खींच लिया। अपनी खास तुकबंदी और विनोदी अंदाज के लिए जाने जाने वाले आठवले ने सदन में भाषण देते हुए अभिजीत दिपके का जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अमेरिका से आया यह चुपके-चुपके, नाम है उसका अभिजीत दिपके।" आठवले के इस काव्य-प्रहार को सुनते ही संसद में मौजूद सांसद अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पूरे सदन में ठहाके गूंज उठे। इस काव्यात्मक तंज के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर आठवले का यह बयान तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
संसद के वर्तमान सत्र के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों और विधेयकों पर राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। इसी दौरान रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठवाले) के प्रमुख और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले को सदन को संबोधित करने का मौका मिला।
गंभीर राजनीतिक बहस के बीच रामदास आठवले ने अपने पारंपरिक और अनोखे अंदाज में बोलना शुरू किया। उन्होंने हाल के घटनाक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए अमेरिका से जुड़े मुद्दों और अभिजीत दिपके पर कटाक्ष किया। उनकी इस तुकबंदी ने सदन का माहौल पूरी तरह से हल्का-फुल्का और खुशनुमा बना दिया।
संसद में जब बहस अपने चरम पर थी, तब रामदास आठवले ने अपना वक्तव्य शुरू किया। वे अक्सर सदन की तनावपूर्ण स्थितियों को अपनी तुकबंदी से हल्का करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एनडीए सरकार के पक्ष और देश के विकास पर बात रखते हुए अचानक अपनी काव्यात्मक पंक्तियां प्रस्तुत कीं।
आठवले ने सीधे तौर पर अभिजीत दिपके का उल्लेख करते हुए कहा कि वे चुपके-चुपके अमेरिका से भारत आए हैं। उन्होंने लाइन जोड़ी, "अमेरिका से आया यह चुपके-चुपके, नाम है उसका अभिजीत दिपके।" जैसे ही आठवले ने ये पंक्तियां बोलीं, सत्ता पक्ष की ओर से सांसदों ने मेजें थपथपाकर उनका समर्थन किया और विपक्षी खेमे के सांसद भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।
सभापति समेत सदन में उपस्थित मंत्रियों और सांसदों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। आठवले ने इसके बाद भी अपना भाषण जारी रखा और देश के विकास कार्यों तथा सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर दिया।
रामदास आठवले के इस वक्तव्य के बाद संसद परिसर में पत्रकारों और नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना था कि रामदास आठवले का अंदाज हमेशा से संसदीय कार्यप्रणाली में तनाव दूर करने वाला रहा है और वे व्यंग्य के जरिए अपनी बात बहुत सटीकता से रख देते हैं।
दूसरी तरफ, विपक्षी नेताओं ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ नेताओं ने इसे हल्का-फुल्का मनोरंजन बताया, जबकि कुछ का मानना था कि संसद के महत्वपूर्ण समय का उपयोग बुनियादी और नीतिगत मुद्दों पर गंभीर चर्चा के लिए किया जाना चाहिए।
रामदास आठवले की इस तुकबंदी का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आते ही वायरल हो गया। इंटरनेट पर लोग उनके इस खास अंदाज को काफी पसंद कर रहे हैं और शेयर कर रहे हैं।
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो आठवले के बयानों का अपना एक अलग प्रभाव होता है। वे हास्य के माध्यम से विपक्षी रणनीतियों पर चोट करने में माहिर माने जाते हैं। इस बयान के बाद एक बार फिर संसद की बहसों में हास्य-व्यंग्य के महत्व को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
संसद सत्र के दौरान आने वाले दिनों में कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होना बाकी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए गठबंधन और विपक्ष के नेता एक-दूसरे के बयानों का क्या जवाब देते हैं। हालांकि, यह तय है कि रामदास आठवले का यह तंज आने वाले कुछ दिनों तक सोशल मीडिया और राजनीतिक बहसों में छाया रहेगा।
What's Your Reaction?



