Budget 2026 : दिव्यांगजन कौशल योजना और सहारा योजना की शुरुआत, कौशल विकास और रोजगार के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान

बजट में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विभाग ऑफ एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज को 1668.35 करोड़ रुपये राजस्व और 1.37 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के साथ कुल 1669.72 करोड़ रु

Feb 1, 2026 - 14:58
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Budget 2026 : दिव्यांगजन कौशल योजना और सहारा योजना की शुरुआत, कौशल विकास और रोजगार के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान
Budget 2026 : दिव्यांगजन कौशल योजना और सहारा योजना की शुरुआत, कौशल विकास और रोजगार के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए यूनियन Budget 2026-27 में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विभाग ऑफ एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (DEPwD) को महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दी गई है। विभाग के लिए कुल आवंटन 1669.72 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से काफी अधिक है। Budget में दिव्यांगजन कौशल योजना और दिव्यांगजन सहारा योजना जैसी नई योजनाओं की शुरुआत की गई है, साथ ही सहायता उपकरण, पुनर्वास, छात्रवृत्ति और राष्ट्रीय संस्थानों के समर्थन में वृद्धि की गई है। यह आवंटन दिव्यांगजनों की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक एकीकरण को मजबूत करने पर केंद्रित है।

Budget 2026 में दिव्यांगजनों के लिए 1669 करोड़ रुपये का आवंटन, DEPwD Budget में बड़ी बढ़ोतरी से सशक्तिकरण को नई गति

Budget में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विभाग ऑफ एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज को 1668.35 करोड़ रुपये राजस्व और 1.37 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के साथ कुल 1669.72 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह पिछले वर्ष के Budget अनुमान 1275 करोड़ रुपये और संशोधित अनुमान 1291.60 करोड़ रुपये से उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। विभाग के कुल व्यय में स्थापना व्यय, केंद्रीय क्षेत्र योजनाएं और स्वायत्त निकायों के लिए समर्थन शामिल है। सहायता उपकरण खरीद/फिटिंग के लिए 375 करोड़ रुपये, दीनदयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना के लिए 167 करोड़ रुपये और दिव्यांगजन छात्रवृत्ति के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नई दिव्यांगजन कौशल योजना के लिए 200 करोड़ रुपये और दिव्यांगजन सहारा योजना के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। राष्ट्रीय संस्थानों के समर्थन के लिए 439.21 करोड़ रुपये और विकलांग खेल केंद्र के लिए 32.50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया को 5 करोड़ रुपये और नेशनल ट्रस्ट को 35 करोड़ रुपये का समर्थन जारी रहेगा।

Budget में दिव्यांगजनों के लिए दो नई योजनाओं की घोषणा की गई है। दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो दिव्यांगजनों के कौशल विकास और रोजगार अवसरों पर फोकस करती है। यह योजना प्रशिक्षण, समावेशन और सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है, ताकि दिव्यांगजन कार्यबल में सक्रिय भागीदारी कर सकें और अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें। दिव्यांगजन सहारा योजना के लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो सहायता और समर्थन प्रदान करने पर केंद्रित है। सहायता उपकरण खरीद/फिटिंग योजना (ADIP) के लिए आवंटन 375 करोड़ रुपये किया गया है, जो दिव्यांगजनों को आधुनिक, मानक सहायता उपकरण उपलब्ध कराने में मदद करेगा। दीनदयाल दिव्यांग पुनर्वास योजना के लिए 167 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करेगी। योजना फॉर इम्प्लीमेंटेशन ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट के लिए 125 करोड़ रुपये आवंटित हैं। ये योजनाएं दिव्यांगजनों की स्वतंत्रता, उत्पादकता और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने का प्रयास करती हैं।

छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय संस्थानों और खेल केंद्रों में वृद्धि, दिव्यांगजनों की शिक्षा और खेल में भागीदारी को बढ़ावा

Budget में दिव्यांगजन छात्रवृत्ति के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो दिव्यांग छात्रों की शिक्षा को समर्थन देगी। राष्ट्रीय संस्थानों के समर्थन के लिए 439.21 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो शिक्षा, अनुसंधान और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करेंगे। विकलांग खेल केंद्र के लिए 32.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो दिव्यांगजनों के खेल में भागीदारी को बढ़ावा देगा।

रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया को 5 करोड़ रुपये और नेशनल ट्रस्ट को 35 करोड़ रुपये का Budgetीय समर्थन जारी रहेगा। पब्लिक एंटरप्राइजेज में नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को 120 करोड़ रुपये और आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को 143 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कुल मिलाकर विभाग का Budget सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के अंतर्गत 1553.32 करोड़ रुपये है। ये प्रावधान दिव्यांगजनों की शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वास्थ्य और खेल में समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में हैं। Budget में दिव्यांगजनों के लिए कुल आवंटन में वृद्धि से सशक्तिकरण की योजनाओं को मजबूती मिलेगी। विभाग के व्यय में सामाजिक सेवाओं पर फोकस बढ़ा है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा और कल्याण प्रमुख हैं।

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