Anant Ashray Announcement - नीता अंबानी का बड़ा ऐलान, अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए 100 एकड़ में बनेगा 'अनंत आश्रय'
नीता अंबानी ने महाराष्ट्र के कर्जत में 100 एकड़ में 'अनंत आश्रय' बनाने का ऐलान किया है, जहां अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को समग्र देखभाल और आवास मिलेगा।

- Reliance Foundation Karjat Project - कर्जत में आकार लेगा 'अनंत आश्रय', वंचितों को मिलेगा सुरक्षित घर और विश्वस्तरीय सुविधाएं
- Nita Ambani Social Initiative - 'अनंत आश्रय' से संवरेगा वंचितों का भविष्य, नीता अंबानी ने पेश किया समावेशी समाज का विजन
- Karjat Care Community - बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों को एक ही छत के नीचे सहारा, 100 एकड़ में बनेगा अनूठा केंद्र
सामाजिक सरोकारों और परोपकारी कार्यों को नई दिशा देते हुए रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक नीता अंबानी ने एक महत्वाकांक्षी मानवीय परियोजना 'अनंत आश्रय' की शुरुआत करने की घोषणा की है। यह वृहद परियोजना महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले स्थित सुरम्य इलाके कर्जत में लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।
इस विशेष समुदाय का प्राथमिक उद्देश्य समाज के उन कमजोर और उपेक्षित वर्गों को एक स्थायी और सुरक्षित छत प्रदान करना है, जिन्हें सबसे अधिक देखभाल और अपनेपन की आवश्यकता होती है। इनमें अनाथ बच्चे, असहाय बुजुर्ग और दिव्यांगजन प्रमुख रूप से शामिल हैं।

- एकीकृत और समावेशी समुदाय की परिकल्पना
'अनंत आश्रय' को केवल एक पारंपरिक आश्रम या अनाथालय के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और अंतर-पीढ़ीगत (इंटर-जनरेशनल) समुदाय के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इस अवधारणा के तहत बुजुर्गों का स्नेह और मार्गदर्शन अनाथ बच्चों को मिलेगा, जबकि बच्चों की ऊर्जा बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर करेगी।
इस परिसर में रहने वाले लोगों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी सुविधाएं, विशेष कौशल विकास केंद्र और समग्र पुनर्वास व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेलकूद के मैदान और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र भी इस परिसर का हिस्सा होंगे।
- सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन का लक्ष्य
परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए नीता अंबानी ने स्पष्ट किया कि 'अनंत आश्रय' का विचार केवल बुनियादी आश्रय देने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के आत्मसम्मान और उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं को निखारने पर केंद्रित है। विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों (दिव्यांगों) के लिए पूरा परिसर बाधा-मुक्त (बैरियर-फ्री) बनाया जाएगा, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के आवागमन कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
इस केंद्र में रहने वाले लोगों को विभिन्न वोकेशनल और वोकेशनल-ट्रेनिंग पाठ्यक्रमों के जरिए स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से आत्मविश्वास के साथ जुड़ सकें।
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