Delhi Protest Rail Chaos: CJP प्रदर्शन के चलते 170 लोकल ट्रेनें रद्द, रेलवे स्टेशनों पर रात भर भटकते रहे हजारों मुसाफिर
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के चलते 170 लोकल व पैसेंजर ट्रेनें रद्द होने से हजारों मुसाफिर रेलवे स्टेशनों पर फंस गए। रात भर भटक रहे यात्रियों की आपबीती और जमीनी स्थिति।

- ट्रेनों के पहिये थमने से यात्रियों की आफत: दिल्ली में 170 ईएमयू-पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल, स्टेशनों पर फंसे लोगों का फूटा दर्द
- Delhi Rail Commuters Crisis: 'रात भर से भटक रहे, घर पहुंचना हुआ मुश्किल...' दिल्ली में लोकल ट्रेनें बंद होने से आम यात्री बेहाल
- Delhi Protest Update: जंतर-मंतर कूच रोकने के लिए रेलवे पर कड़ी पाबंदी, 170 लोकल ट्रेनें रद्द होने से एनसीआर के दैनिक यात्री परेशान
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का सबसे बड़ा खामियाजा आम रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कानून-व्यवस्था की सुरक्षा और प्रदर्शनकारियों के संभावित जमावड़े को रोकने के नाम पर उत्तर रेलवे द्वारा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की लगभग 170 लोकल (EMU), मेमू (MEMU) और पैसेंजर ट्रेनों को अचानक रद्द कर दिए जाने से प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हाहाकार मच गया है। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों पर हजारों मुसाफिर रात भर से भटकने को मजबूर हैं।
अचानक लिए गए इस फैसले के कारण दैनिक मजदूर, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, बुजुर्ग, महिलाएं और इलाज के लिए दिल्ली आए मरीज स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों और वेटिंग हॉल के बाहर फर्श पर बैठकर अपनी बारी और अगली गाड़ी का इंतजार कर रहे हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के लोकल ट्रेनों के पहिये थम जाने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और स्टेशन परिसरों में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- प्लेटफॉर्मों पर पसरा दर्द: 'रात भर से भूखे-प्यासे बैठे हैं'
स्टेशनों पर फंसे मुसाफिरों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। हरियाणा के पलवल, पानीपत, रोहतक और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, शामली व खुर्जा जैसे नजदीकी शहरों से रोजाना दिल्ली आने और जाने वाले यात्रियों के लिए लोकल ट्रेनें जीवनरेखा की तरह हैं।
परेशान परिवारों की आपबीती: अपने बीमार परिजन को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिखाकर घर लौट रहे एक यात्री ने रुंधे गले से बताया, "हम कल शाम से स्टेशन पर बैठे हैं। काउंटर पर जाने पर बताया जाता है कि लोकल ट्रेनें रद्द हैं। रात भर बच्चों के साथ प्लेटफॉर्म के फर्श पर काटे हैं। प्राइवेट कैब वाले तीन गुना किराया मांग रहे हैं, उतना बजट हमारे पास नहीं है।"
दैनिक वेतनभोगियों की मजबूरी: मजदूरी और छोटे-मोटे कामकाज के लिए दिल्ली आने वाले सैकड़ों कामगार स्टेशनों के बाहर लाचार खड़े हैं। कई मजदूरों का कहना है कि ट्रेनें न चलने से न केवल उनका काम छूटा, बल्कि जेब में बचे पैसे भी खाने-पीने में खत्म हो रहे हैं।
महिला और बुजुर्ग यात्रियों की परेशानी: पानी, बैठने की जगह और प्रसाधनों की भारी किल्लत के बीच बुजुर्ग और महिला यात्री स्टेशन परिसर के खुले आसमान के नीचे ठंड और थकान से जूझ रहे हैं।
- 170 लोकल ट्रेनें बंद: किन रूटों पर पड़ा सबसे भारी असर?
सुरक्षा एजेंसियों के परामर्श पर रेलवे प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम से दिल्ली को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाले प्रमुख उपनगरीय रूट पूरी तरह ठप हो गए हैं:
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट: इस व्यस्ततम रूट पर चलने वाली अधिकांश ईएमयू और पैसेंजर सेवाएं रद्द रहीं, जिससे पश्चिमी यूपी से आने-जाने वाले हजारों यात्री गाजियाबाद और आनंद विहार पर फंस गए।
दिल्ली-पलवल-मथुरा सेक्शन: फरीदाबाद और पलवल की ओर जाने वाली लोकल गाड़ियों के पहिये थमने से दक्षिण दिल्ली और हरियाणा बॉर्डर के बीच का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
दिल्ली-रोहतक-पानीपत रूट: उत्तरी हरियाणा से दिल्ली आने वाले मुसाफिरों को विभिन्न छोटे स्टेशनों पर ही गाड़ियों के रोके जाने से बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा।
रिंग रेलवे और शटल सेवाएं: दिल्ली शहर के भीतर चलने वाली रिंग रेलवे लोकल सेवाएं भी सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद रखी गई हैं।
- रेलवे पूछताछ काउंटरों पर अफरा-तफरी
ट्रेनों के अचानक रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पूछताछ काउंटरों और करंट रिजर्वेशन सेंटरों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अचानक हुए रद्दीकरण के चलते ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVM) और यूटीएस काउंटर पर टिकट वापसी (Refund) कराने वालों की लंबी कतारें देखी गईं।
कई मुसाफिरों ने शिकायत की कि रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर लोकल ट्रेनों के स्टेटस को लेकर रियल-टाइम जानकारी समय पर अपडेट नहीं की गई, जिसके चलते वे अपने घरों से निकलकर सीधे स्टेशनों पर पहुंच गए और वहां आकर उन्हें ट्रेनों के बंद होने की बात पता चली।
- प्राइवेट टैक्सियों और बसों की मनमानी वसूली
लोकल ट्रेन सेवाएं ठप होने और 45 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रहने का सीधा फायदा निजी ट्रांसपोर्टरों ने उठाया। नई दिल्ली और आनंद विहार स्टेशनों के बाहर खड़े ऑटो चालकों, डग्गामार बसों और निजी कैब ऑपरेटरों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया। जो सफर लोकल ट्रेन से 10 से 30 रुपये में तय होता था, उसी दूरी के लिए प्राइवेट बस संचालक 200 से 300 रुपये तक मांग रहे हैं। कई यात्रियों ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस नाकेबंदी के कारण प्राइवेट गाड़ियां भी जाम में फंसी हैं, जिससे आर्थिक चपत लगने के बावजूद गंतव्य तक पहुंचना आसान नहीं हो पा रहा है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के अधिकारियों का कहना है कि स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जवानों को प्लेटफॉर्मों पर गश्त में लगाया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय राजधानी के मुख्य क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की असाधारण स्थिति और संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के तहत लिया गया था। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही सुरक्षा एजेंसियों से क्लीयरेंस मिलेगा और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य होगी, रद्द की गई उपनगरीय और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन चरणबद्ध तरीके से दोबारा बहाल कर दिया जाएगा। तब तक यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशनों के लिए निकलने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर अपनी गाड़ी की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।
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