पुणे में बास्केटबॉल रिंग गिरने से बीटेक छात्र की मौत, कसरत के दौरान हुआ खौफनाक हादसा।

महाराष्ट्र की शिक्षा नगरी पुणे के वाघोली स्थित रायसोनी कॉलेज परिसर में रविवार की शाम रोज की तरह छात्र खेल के मैदान और जिम एरिया

Apr 6, 2026 - 13:50
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पुणे में बास्केटबॉल रिंग गिरने से बीटेक छात्र की मौत, कसरत के दौरान हुआ खौफनाक हादसा।
पुणे में बास्केटबॉल रिंग गिरने से बीटेक छात्र की मौत, कसरत के दौरान हुआ खौफनाक हादसा।
  • अयोध्या के होनहार लाल विशाल की पुणे में थमी सांसें, पुश-अप्स करते वक्त सिर पर गिरा भारी लोहा
  • कॉलेज परिसर में सुरक्षा और रखरखाव पर उठे सवाल, पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मृत्यु का मामला

महाराष्ट्र की शिक्षा नगरी पुणे के वाघोली स्थित रायसोनी कॉलेज परिसर में रविवार की शाम रोज की तरह छात्र खेल के मैदान और जिम एरिया में सक्रिय थे। अयोध्या निवासी 21 वर्षीय विशाल कुमार, जो बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था, अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग रहता था और नियमित रूप से व्यायाम करता था। शाम करीब 6:30 बजे जब वह बास्केटबॉल कोर्ट के पास पुश-अप्स कर रहा था, तभी अचानक एक अप्रत्याशित घटना घटी। बास्केटबॉल पोल से जुड़ी लोहे की रिंग, जो संभवतः जंग लगने या ढीले नट-बोल्ट के कारण कमजोर हो चुकी थी, अचानक टूटकर सीधे विशाल के सिर पर आ गिरी। लोहे का वजन इतना अधिक था कि विशाल को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।

हादसे के तुरंत बाद मैदान पर मौजूद अन्य छात्र और कॉलेज का स्टाफ विशाल की ओर दौड़े। उसे आनन-फानन में पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गहरी चोट लगने और आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) होने के कारण उसकी जान बचाई नहीं जा सकी। इस खबर के फैलते ही कॉलेज परिसर में मातम छा गया और छात्रों के बीच गहरा शोक और आक्रोश देखा गया। विशाल एक मेधावी छात्र था और अपने सहपाठियों के बीच काफी लोकप्रिय था, जिसके चलते इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

पुणे की लोनी कंद पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बास्केटबॉल कोर्ट के उपकरणों का रखरखाव (मैंटेनेंस) लंबे समय से नहीं किया गया था। चश्मदीदों का कहना है कि रिंग पहले से ही थोड़ी झुकी हुई थी और हवा या मामूली दबाव के कारण वह गिर सकती थी। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा किया है और उस लोहे की रिंग व पोल के अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह कॉलेज प्रशासन की लापरवाही का मामला है या फिर यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी।

कैंपस सेफ्टी पर गंभीर सवाल

शिक्षण संस्थानों में खेल के मैदानों और जिम उपकरणों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। अक्सर कॉलेजों में पुराने और जर्जर हो चुके पोल या रिंग्स को समय पर नहीं बदला जाता, जो छात्रों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस घटना ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों को अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट करने के लिए विवश कर दिया है।

विशाल के परिवार को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। अयोध्या में रह रहे उसके माता-पिता और परिजनों के लिए यह समाचार किसी वज्रपात से कम नहीं था। विशाल के पिता ने बताया कि उनका बेटा भविष्य में एक सफल इंजीनियर बनकर परिवार का सहारा बनना चाहता था, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। छात्र के परिजन सोमवार सुबह पुणे पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विशाल का पार्थिव शरीर उन्हें सौंप दिया गया। कॉलेज के छात्रों ने विशाल को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कैंपस में सुरक्षा मानकों को सख्त करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया। लोनी कंद पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में 'आकस्मिक मृत्यु' (ADR) के तहत जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। कॉलेज के संबंधित विभाग के प्रमुख और खेल कोच से भी पूछताछ की जा रही है कि अंतिम बार इन उपकरणों का निरीक्षण कब किया गया था। यदि जांच में कॉलेज प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बास्केटबॉल कोर्ट को फिलहाल सील कर दिया है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।

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