अर्पोरा नाइटक्लब में सिलेंडर विस्फोट से लगी भयानक आग में 25 जिंदगियां जलकर राख, जांच में सुरक्षा उल्लंघनों का खुलासा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त किया और गोवा के मुख्यमंत्री से बात की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को दो लाख रुपये की सहायता राशि और
उत्तर गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में देर रात सिलेंडर विस्फोट से लगी आग ने भयानक रूप धारण कर लिया, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई। यह घटना 6 दिसंबर 2025 की रात लगभग 12 बजे के करीब हुई, जब किचन क्षेत्र में गैस सिलेंडर फट गया और आग तेजी से पूरे क्लब में फैल गई। क्लब, जो पिछले साल खुला था और पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है, में उस समय सैकड़ों लोग मौजूद थे। अधिकांश मृतक क्लब के कर्मचारी थे, जिनमें किचन स्टाफ प्रमुख थे, जबकि चार पर्यटक भी शिकार हुए। आग लगने के तुरंत बाद 12:04 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली, जिसके बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस आलोक कुमार ने बताया कि आग को काबू में कर लिया गया है और सभी शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि सात शवों की पहचान अभी बाकी है। घटना के बाद क्लब को सील कर दिया गया और कारणों की जांच जारी है।
आग की शुरुआत किचन में सिलेंडर विस्फोट से हुई, जो तेजी से फैलकर डांस फ्लोर और बेसमेंट तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्लब के पहले तल पर डांस फ्लोर पर करीब 100 लोग मौजूद थे, जो भागने की कोशिश में नीचे उतरे और किचन तथा बेसमेंट में फंस गए। घने धुएं के कारण दम घुटने से अधिकांश मौतें हुईं, जबकि तीन लोगों की जलने से जान गई। गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती 50 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। क्लब का संचालन सौरव लूथरा द्वारा किया जा रहा था, जिनके पार्टनर के साथ विवाद की भी जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रारंभिक जांच में पाया कि क्लब ने फायर सेफ्टी नॉर्म्स का पालन नहीं किया था। उन्होंने पूर्ण जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।
घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू हो गया, जिसमें फायरफाइटर्स ने रातभर मशक्कत की। आग बुझाने के लिए कई वाहनों को लगाया गया, लेकिन धुएं की वजह से बचाव में कठिनाई हुई। पुलिस ने बताया कि मृतकों में 14 कर्मचारी, चार पर्यटक और सात अज्ञात शामिल हैं, जिनमें तीन महिलाएं हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। क्लब में आपातकालीन निकास की कमी और फायर एक्सटिंग्विशर की अनुपस्थिति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। आग लगने के समय क्लब में भारी भीड़ थी, जो पर्यटन सीजन के कारण आम है। अर्पोरा क्षेत्र गोवा के प्रमुख नाइटलाइफ हब के रूप में जाना जाता है, जहां बागा बीच के पास कई ऐसे वेन्यू हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त किया और गोवा के मुख्यमंत्री से बात की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को दो लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। गृह मंत्री अमित शाह ने स्थानीय प्रशासन को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि यह घटना गोवा के लिए दुखद है और ऐसी अनियमितताओं पर अब कोई ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने क्लब के मालिक और जनरल मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, जिन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया कि क्लब के पास नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं था और फायर रेगुलेशंस का उल्लंघन हुआ था।
कैलंगुट विधायक माइकल लोबो ने घटनास्थल का दौरा किया और सभी नाइटक्लबों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कैलंगुट पंचायत सोमवार को सभी क्लबों को नोटिस जारी करेगी, जिसमें वैध फायर सेफ्टी परमिशन मांगी जाएगी। जिन क्लबों के पास आवश्यक क्लीयरेंस नहीं होंगे, उनकी लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। अर्पोरा-नागोआ पंचायत सरपंच रोशन रेडकर ने क्लब के संचालन में अनियमितताओं का जिक्र किया। फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के डायरेक्टर नितिन रायकर ने पुष्टि की कि क्लब को एनओसी नहीं दी गई थी और फायर नॉर्म्स का पालन नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि बेसमेंट में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था, जिससे धुआं फैल गया। पुलिस ने क्लब को सील कर जांच टीम गठित की है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।
घटना ने गोवा के पर्यटन क्षेत्र को झकझोर दिया है, जहां सालाना लाखों पर्यटक आते हैं। अर्पोरा बागा के पास स्थित है, जो नाइटलाइफ के लिए प्रसिद्ध है। क्लब में नेपाली और अन्य राज्यों के कर्मचारी काम करते थे, जिनके परिवारों को सूचना दी जा रही है। बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन ने रेलवे और अन्य विभागों से सहयोग लिया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। आग बुझाने के बाद मलबे में सर्च ऑपरेशन चला, जिसमें सभी शव बरामद हो गए। डीजीपी आलोक कुमार ने कहा कि विस्फोट का सटीक कारण फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा, लेकिन प्रारंभिक रूप से सिलेंडर लीकेज जिम्मेदार लगता है। क्लब प्रबंधन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच में सहयोग का वादा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है और ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नए नियम सख्त किए जाएंगे। सभी नाइट वेन्यूज पर फायर ड्रिल अनिवार्य होगी और इंश्योरेंस कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अधिकृत वेन्यूज ही चुनें। जांच में पाया गया कि क्लब में ओवरक्राउडिंग भी एक कारक था। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। घायलों में से कुछ को वेंटिलेटर पर रखा गया है। केंद्र सरकार ने राहत पैकेज के तहत अतिरिक्त फंडिंग की घोषणा की।
घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमिटी गठित की गई है, जिसमें फायर एक्सपर्ट्स शामिल हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में सिलेंडर की गुणवत्ता और इंस्टॉलेशन पर सवाल उठे हैं। क्लब के बेसमेंट में स्टोरेज एरिया था, जहां धुआं जमा हो गया। बचाव टीमों ने रातभर काम किया और सुबह तक स्थिति नियंत्रित हो गई। स्थानीय पंचायत ने क्लब के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पर्यटन विभाग ने सभी होटल और क्लबों को अलर्ट जारी किया। मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की जा रही है। घटना ने फायर सेफ्टी पर बहस छेड़ दी है, जहां विशेषज्ञों ने सिफारिश की कि सभी कमर्शियल स्पेस में स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य हो।
आग लगने के समय क्लब में संगीत कार्यक्रम चल रहा था, जो रुका और लोग भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धुआं इतना घना था कि विजिबिलिटी शून्य हो गई। फायर ब्रिगेड ने आग को दो घंटे में काबू किया। पुलिस ने आसपास के क्लबों की जांच शुरू कर दी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में मामले को उठाने का ऐलान किया। घटना के बाद गोवा में सुरक्षा मीटिंग बुलाई गई। मृतकों में विभिन्न राज्यों के लोग शामिल हैं, जिनके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए। जांच में सिलेंडर सप्लायर की भूमिका भी जांचा जाएगा। क्लब के मालिक को नोटिस भेजा गया है।
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