एशियन गेम्स ट्रायल्स में स्टार पहलवान विनेश फोगाट की दावेदारी को मिली हरी झंडी, 53 किलोग्राम वर्ग में पेश करेंगी चुनौती
भारतीय कुश्ती के इतिहास में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है क्योंकि देश की अग्रणी महिला पहलवान विनेश फोगाट
- प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद मैट पर वापसी करने को पूरी तरह तैयार विनेश फोगाट, खेल प्रेमियों की टिकीं नजरें
- भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्वावधान में आयोजित होने वाले ट्रायल्स में शामिल होंगी विनेश, कड़े मुकाबले की उम्मीद
भारतीय कुश्ती के इतिहास में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है क्योंकि देश की अग्रणी महिला पहलवान विनेश फोगाट की आगामी एशियन गेम्स ट्रायल्स में भागीदारी को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। पिछले काफी समय से विभिन्न खेल और प्रशासनिक गलियारों में चल रही अनिश्चितताओं के बाद खेल प्रशंसकों और खेल प्रबंधन के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण खबर साबित हुई है। इस मंजूरी के मिलने के बाद विनेश फोगाट अब एक बार फिर अपनी पुरानी लय और फॉर्म को साबित करने के उद्देश्य से अखाड़े में उतरेंगी। उनकी इस वापसी से न केवल देश के खेल जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई है, बल्कि एशियन गेम्स के लिए भारतीय कुश्ती दल की ताकत में भी भारी इजाफा होने की प्रबल संभावना बन गई है।
इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि विनेश फोगाट महिलाओं के 53 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी मजबूत दावेदारी पेश करेंगी। इस विशिष्ट भार वर्ग को हमेशा से ही भारतीय महिला कुश्ती में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और कड़ा माना जाता रहा है, क्योंकि इसमें देश की कई अन्य उभरती हुई और अनुभवी महिला पहलवान भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। विनेश फोगाट के इस वर्ग में शामिल होने से अब यह प्रतियोगिता बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण हो गई है। खेल अधिकारियों द्वारा उनके आवेदन और मौजूदा फिटनेस मानकों की गहन समीक्षा करने के बाद ही उन्हें इस चयन प्रक्रिया का हिस्सा बनने की अनुमति प्रदान की गई है, ताकि किसी भी स्तर पर पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
विनेश फोगाट की इस भागीदारी को खेल प्रबंधन द्वारा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कई पदक दिला चुकी हैं। उनका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है कि वे बड़े मंचों पर दबाव को बेहतर तरीके से संभालने की अद्भुत क्षमता रखती हैं। ट्रायल्स के आयोजन से जुड़े प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, विनेश को आवश्यक मापदंडों और खेल नियमों के तहत ही प्रवेश दिया गया है, ताकि खेल की गरिमा और अन्य एथलीटों के अधिकारों का पूरी तरह से सम्मान हो सके। इस चयन प्रक्रिया में देश भर के शीर्ष रेसलर्स हिस्सा ले रहे हैं, जिसके कारण विनेश को मुख्य टीम में जगह पक्की करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। एशियन गेम्स के लिए आयोजित होने वाले इन ट्रायल्स में प्रत्येक खिलाड़ी की शारीरिक फिटनेस, हालिया प्रदर्शन और वजन श्रेणियों का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। विनेश फोगाट को भी नियमानुसार अपना वजन 53 किलोग्राम वर्ग के दायरे में बनाए रखना अनिवार्य होगा।
इस खेल आयोजन की पृष्ठभूमि को देखा जाए तो विनेश फोगाट के लिए यह मुकाबला किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होने वाला है। पिछले कुछ महीनों में उन्हें मैट से दूर रहना पड़ा था, जिसके कारण उनकी मैच प्रैक्टिस और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धात्मक तैयारियों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, विनेश फोगाट ने अपने व्यक्तिगत प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कड़ी मेहनत की है और अपनी शारीरिक क्षमता को पुनः उसी उच्चतम स्तर पर लाने का निरंतर प्रयास किया है। अब जब उन्हें आधिकारिक रूप से इस चयन प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिल गया है, तो वे इस सुनहरे मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहेंगी और अपने आलोचकों को अपने खेल से जवाब देने का प्रयास करेंगी।
भारतीय कुश्ती के प्रशासनिक ढांचे में चल रहे बड़े बदलावों और तनातनी के बीच इस तरह के खेल निर्णयों का आना एथलीटों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। खेल मंत्रालय और तदर्थ समिति (एडहॉक कमेटी) का प्राथमिक उद्देश्य यही रहा है कि देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को बिना किसी व्यवधान के देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए। विनेश फोगाट की एंट्री को मंजूरी देने के पीछे भी यही मुख्य एजेंडा काम कर रहा था ताकि 53 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की ओर से सबसे योग्य और सक्षम पहलवान को ही महाद्वीप के इस सबसे बड़े खेल मंच पर भेजा जा सके, जहां एशिया के कई दिग्गज पहलवानों से सीधी टक्कर होनी है।
इस पूरी चयन प्रक्रिया के दौरान सभी की निगाहें इस बात पर भी टिकी होंगी कि विनेश फोगाट के सामने अन्य कौन सी महिला पहलवान चुनौती पेश करती हैं। युवा और नए खिलाड़ियों के आने से वर्तमान समय में कुश्ती का परिदृश्य काफी बदल चुका है, जिससे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए भी अपनी जगह बनाए रखना पहले जितना आसान नहीं रहा है। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद विनेश का अनुभव और उनकी तकनीकी विशेषज्ञता उन्हें अन्य प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों की तुलना में थोड़ा मानसिक लाभ अवश्य प्रदान करती है। खेल विशेषज्ञों के पूर्व आकलनों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस भार वर्ग के मुकाबले थिएटर्स के किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे की तरह ही रोमांचक होंगे।
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