OxygenOS and Realme UI Discontinued: क्या बंद हो जाएंगे ऑक्सीजनओएस और रीयलमी यूआई? ओप्पो के कलरओएस (ColorOS) मर्जर पर बड़ा अपडेट

OnePlus Realme UI Discontinued: ओप्पो द्वारा वनप्लस के OxygenOS और रीयलमी यूआई को बंद कर कलरओएस (ColorOS) में मिलाने की रिपोर्ट। जानिए मौजूदा यूजर्स का क्या होगा।

Jul 4, 2026 - 11:37
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OxygenOS and Realme UI Discontinued: क्या बंद हो जाएंगे ऑक्सीजनओएस और रीयलमी यूआई? ओप्पो के कलरओएस (ColorOS) मर्जर पर बड़ा अपडेट
स्मार्टफोन की स्क्रीन पर वनप्लस, रीयलमी और ओप्पो के यूजर इंटरफेस (UI) के लोगो और सॉफ्टवेयर अपडेट का ग्राफिक्स
  • OnePlus Realme ColorOS News: वनप्लस और रीयलमी फोन में मिलेगा ओप्पो का ColorOS! जानिए आपके मौजूदा स्मार्टफोन और अपडेट्स पर क्या पड़ेगा असर
  • OnePlus और Realme यूजर्स के लिए बड़ी खबर! बंद हो सकते हैं OxygenOS और Realme UI, अब सभी फोन्स में चलेगा ओप्पो का ColorOS
  • Tech Update: वनप्लस का OxygenOS और रीयलमी का Realme UI होगा खत्म! ओप्पो के ColorOS में पूरी तरह समाहित होंगे दोनों ब्रांड्स

ग्लोबल टेक और स्मार्टफोन इंडस्ट्री से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ओप्पो (Oppo) की पैरेंट कंपनी बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स (BBK Electronics) अपने स्मार्टफोन बिजनेस के विजुअल और इंटरफेस क्रेडेंशियल्स में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। तकनीकी गलियारों से आ रही ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, वनप्लस (OnePlus) का प्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टम 'ऑक्सीजनओएस' (OxygenOS) और रीयलमी (Realme) का 'रीयलमी यूआई' (Realme UI) हमेशा के लिए बंद किए जा सकते हैं। जुलाई 2026 की इस बड़ी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों कस्टम एंड्रॉइड स्किन्स की जगह अब पूरी तरह से ओप्पो का 'कलरओएस' (ColorOS) ले लेगा। इस बड़े फैसले के बाद उन करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है जो पहले से ही वनप्लस या रीयलमी के स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) के पीछे कंपनी की क्या रणनीति है और मौजूदा यूजर्स पर इसका क्या और कब असर पड़ेगा।

  • तीन अलग सॉफ्टवेयर की जगह अब केवल एक ऑपरेटिंग सिस्टम

स्मार्टफोन बाजार के एक बेहद विश्वसनीय अंदरूनी सूत्र (Industry Insider) के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, ओप्पो ने अपने ब्रांड पोर्टफोलियो को पूरी तरह एकीकृत करने के लिए एक 'स्वीपिंग कंसॉलिडेशन' प्लान तैयार किया है। इस रणनीतिक बदलाव के तहत, भविष्य में आने वाले सभी वनप्लस, रीयलमी और ओप्पो स्मार्टफोन्स वैश्विक स्तर पर केवल एक ही सॉफ्टवेयर यानी ColorOS पर काम करेंगे। अब तक ये तीनों ब्रांड्स बाजार में अपनी स्वतंत्र सॉफ्टवेयर पहचान और अलग यूआई (User Interface) के दम पर ग्राहकों को आकर्षित करते थे, लेकिन अब वनप्लस के ऑक्सीजनओएस और रीयलमी यूआई के सुनहरे युग का अंत होने जा रहा है।

  • क्यों लिया गया दोनों सॉफ्टवेयर को बंद करने का फैसला?

इस बड़े फैसले के पीछे मुख्य रूप से भारी-भरकम वित्तीय लागत और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के खर्च को कम करना बताया जा रहा है। वर्तमान में तीन अलग-अलग एंड्रॉइड स्किन्स (ColorOS, OxygenOS, Realme UI) को मेंटेन करने, उनके लिए समय पर सुरक्षा पैच (Security Patches) तैयार करने और सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की बड़ी टीमों को संभाले रखने में कंपनी की भारी पूंजी और समय खर्च हो रहा था।

लागत में कटौती करने के लिए ओप्पो ने सॉफ्टवेयर के स्तर पर 'वन नेशन, वन यूआई' जैसी नीति अपनाने का फैसला किया है। वैसे, इस बदलाव की नींव साल 2021 में ही रख दी गई थी, जब वनप्लस ने ओप्पो के साथ अपने सॉफ्टवेयर के मुख्य कोडबेस (Codebase) को मर्ज कर दिया था। इसके बाद से ही ऑक्सीजनओएस काफी हद तक कलरओएस का रीब्रांडेड वर्जन लगने लगा था। चीन के घरेलू बाजार में तो वनप्लस के फोन पहले से ही कलरओएस के साथ बेचे जा रहे हैं, लेकिन अब इस क्षेत्रीय रणनीति को वैश्विक स्तर पर और भारत जैसे बड़े बाजारों में भी पूरी तरह लागू किया जा रहा है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद हालांकि वनप्लस, रीयलमी या ओप्पो की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके पुख्ता संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। यूरोप और यूनाइटेड किंगडम (UK) में वनप्लस की आधिकारिक वेबसाइट्स अब ग्राहकों को सीधे ओप्पो के हार्डवेयर प्रोडक्ट्स की तरफ रीडायरेक्ट कर रही हैं।

इसके अलावा, भारत में भी एक बड़ा भौतिक बदलाव देखा जा रहा है। वनप्लस ने चुपके से अपने अधिकांश स्टैंडअलोन (स्वतंत्र) सर्विस सेंटर्स और रिपेयर शॉप्स को ओप्पो के सर्विस नेटवर्क के साथ मर्ज कर दिया है। यानी अब वनप्लस के ग्राहकों को अपने फोन ठीक कराने के लिए ओप्पो के कस्टमर केयर पर जाना पड़ रहा है। इस फिजिकल मर्जर के बाद अब सॉफ्टवेयर का मर्जर भी पूरी तरह तय माना जा रहा है।

  • जो पहले से फोन चला रहे हैं उनका अब क्या होगा?

इस खबर के बाद सबसे बड़ा सवाल उन यूजर्स का है जिनके पास पहले से ही वनप्लस या रीयलमी के स्मार्टफोन मौजूद हैं। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा यूजर्स को तुरंत घबराने की कोई जरूरत नहीं है:

तत्काल कोई बदलाव नहीं: जिन यूजर्स के पास अभी वनप्लस या रीयलमी के चालू फोन हैं, उनमें पुराना ऑक्सीजनओएस या रीयलमी यूआई वैसे ही काम करता रहेगा जैसे अब तक कर रहा है।

अगले बड़े अपडेट में बदलाव: जब इन फोन्स के लिए अगला बड़ा एंड्रॉइड वर्जन (जैसे Android 17 आधारित अपडेट) जारी होगा, तब संभव है कि तेल कंपनियां या बैकएंड डेवलपर्स ओटीए (OTA) अपडेट के जरिए उनके फोन के इंटरफेस को पूरी तरह कलरओएस में बदल दें।

अनुभव पर असर: रीयलमी यूजर्स को इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि रीयलमी यूआई पहले से ही कलरओएस के बेहद करीब था। हालांकि, वनप्लस के उन पारंपरिक प्रशंसकों को झटका लग सकता है जो इसके 'लाइटवेट' और स्टॉक एंड्रॉइड जैसे साफ-सुथरे अनुभव के लिए इस ब्रांड को खरीदते थे।

  • ब्रांड की स्वतंत्र पहचान पर संकट

आने वाले महीनों में जब वनप्लस और रीयलमी अपने नए फ्लैगशिप या बजट स्मार्टफोन्स बाजार में उतारेंगे, तब यह साफ हो जाएगा कि रिटेल बॉक्स के ऊपर और फोन के 'अबाउट सेक्शन' में सॉफ्टवेयर का क्या नाम दिया गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो ओप्पो भविष्य में रीयलमी को एक स्वतंत्र सब-ब्रांड के बजाय केवल अपनी एक स्मार्टफोन 'सीरीज' के रूप में सीमित कर सकता है, जबकि वनप्लस को पूरी तरह से ऑनलाइन केंद्रित ब्रांड बनाया जा सकता है। टेक लवर्स की नजरें अब ओप्पो और वनप्लस के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।

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