AC के लिए सही दीवार का चुनाव है बेहद जरूरी, गलत दिशा में लगाया तो बढ़ जाएगा बिजली का भारी-भरकम बिल
एयर कंडीशनर का चयन करते समय अधिकांश लोग केवल उसके टन, स्टार रेटिंग और इन्वर्टर तकनीक पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन
- एयर कंडीशनर की कूलिंग और लाइफ को बढ़ाना है तो इन 7 बातों का रखें ख्याल, दीवार की मजबूती भी है अहम
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एयर कंडीशनर का चयन करते समय अधिकांश लोग केवल उसके टन, स्टार रेटिंग और इन्वर्टर तकनीक पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, वह है उसे लगाने के लिए सही दीवार का चुनाव। एयर कंडीशनर को किस दीवार पर लगाया जा रहा है, इसका सीधा प्रभाव उसकी कार्यक्षमता और बिजली की खपत पर पड़ता है। यदि AC को ऐसी दीवार पर लगाया जाता है जिस पर दिन भर सीधी धूप पड़ती है, तो कंप्रेसर को कमरे को ठंडा करने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे न केवल बिजली का बिल बढ़ता है, बल्कि मशीन के आंतरिक पुर्जों पर भी दबाव पड़ता है, जिससे वह जल्दी खराब हो सकती है। सही दीवार वह होती है जो सीधी धूप से बची रहे और जहाँ से हवा का प्रवाह पूरे कमरे में समान रूप से हो सके।
दीवार की मजबूती और स्थिरता AC की लंबी उम्र के लिए अनिवार्य शर्त है। स्प्लिट AC का इंडोर यूनिट काफी वजनी होता है और चलते समय इसमें सूक्ष्म कंपन भी होते हैं। यदि दीवार कमजोर है या प्लास्टर ढीला है, तो समय के साथ यूनिट के गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, दीवार में होने वाला मामूली कंपन भी शोर का कारण बन सकता है, जो आपकी नींद में खलल डालता है। हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस दीवार पर यूनिट माउंट किया जा रहा है, वह ईंट और कंक्रीट की मजबूत दीवार हो। अगर आप लकड़ी या जिप्सम बोर्ड वाली अस्थाई दीवारों पर AC लगा रहे हैं, तो उसके पीछे लोहे या लकड़ी का अतिरिक्त सपोर्ट देना बहुत जरूरी है ताकि वजन समान रूप से वितरित हो सके। कमरे के भीतर हवा का सर्कुलेशन किस प्रकार होगा, यह पूरी तरह से AC की पोजीशनिंग पर निर्भर करता है। अक्सर लोग सुंदरता बढ़ाने के चक्कर में AC को खिड़की के ठीक ऊपर या किसी कोने में लगवा देते हैं, जो तकनीकी रूप से गलत हो सकता है। AC को हमेशा ऐसी जगह लगाना चाहिए जहाँ से हवा के रास्ते में कोई बाधा जैसे कि अलमारी, पर्दा या कोई बड़ा फर्नीचर न आए। यदि ठंडी हवा सीधे किसी बाधा से टकराएगी, तो कमरा समान रूप से ठंडा नहीं होगा और सेंसर को लगेगा कि तापमान कम हो गया है, जिससे वह बार-बार कट-ऑफ होगा। इससे कमरे में उमस बनी रहेगी और बार-बार कंप्रेसर ऑन-ऑफ होने से बिजली की खपत भी बढ़ जाएगी।
ऊंचाई का रखें विशेष ध्यान
इंडोर यूनिट को जमीन से कम से कम 7 से 8 फीट की ऊंचाई पर लगाना सबसे बेहतर माना जाता है। बहुत अधिक ऊंचाई पर लगाने से गर्म हवा ऊपर ही रह जाती है और नीचे तक ठंडक पहुंचने में समय लगता है, जबकि बहुत कम ऊंचाई पर लगाने से कूलिंग का दायरा सीमित हो जाता है।
इंडोर और आउटडोर यूनिट के बीच की दूरी भी एक बड़ा कारक है जिसे दीवार चुनते समय ध्यान में रखना चाहिए। जिस दीवार पर इंडोर यूनिट लगा है, उसके ठीक पीछे या जितनी संभव हो सके उतनी कम दूरी पर आउटडोर यूनिट होना चाहिए। यदि दोनों यूनिट के बीच कॉपर पाइप की लंबाई बहुत अधिक बढ़ जाती है, तो कूलिंग गैस के प्रवाह में बाधा आती है और कंप्रेसर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है। पाइप जितना लंबा होगा, कूलिंग उतनी ही कम प्रभावी होगी और गैस लीकेज की संभावना भी उतनी ही अधिक रहेगी। इसलिए ऐसी दीवार का चयन करें जहाँ से आउटडोर यूनिट को बालकनी या छत पर आसानी से रखा जा सके और पाइपिंग में कम से कम घुमाव या बेंड आए।
रखरखाव और सर्विसिंग के नजरिए से भी दीवार का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया जाना चाहिए। कई बार लोग ऐसी जगह AC फिट करवा देते हैं जहाँ बाद में मैकेनिक का हाथ पहुँचना भी मुश्किल होता है। इंडोर यूनिट के चारों तरफ कम से कम 3-4 इंच की खाली जगह होनी चाहिए ताकि फिल्टर साफ करने या भविष्य में मरम्मत के लिए उसे आसानी से खोला जा सके। यदि AC को किसी संकरी जगह या छत से बिल्कुल सटाकर लगा दिया जाए, तो सर्विसिंग ठीक से नहीं हो पाएगी। अधूरी सर्विसिंग के कारण मशीन के अंदर धूल जमा होती रहती है, जिससे न केवल हवा की गुणवत्ता खराब होती है बल्कि बिजली का बिल भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। पानी की निकासी यानी ड्रेनेज की व्यवस्था भी दीवार चुनने का एक मुख्य हिस्सा होनी चाहिए। AC से निकलने वाला पानी गुरुत्वाकर्षण के नियम से बाहर जाता है, इसलिए ड्रेन पाइप का ढलान सही होना अत्यंत आवश्यक है। यदि पाइप का ढलान सही नहीं होगा, तो पानी दीवार के अंदर ही रिसने लगेगा जिससे सीलन और पेंट खराब होने की समस्या हो सकती है। ऐसी दीवार चुनें जहाँ से पाइप को सीधा बाहर निकाला जा सके और पानी जमा होने की कोई समस्या न हो। कई बार गलत दीवार चुनने के कारण पाइप में पानी जमा रहता है, जिससे कमरे में अजीब सी गंध आने लगती है और मशीन के अंदर फंगस पनपने का डर रहता है।
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