पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में नए साल की पूर्व संध्या पर भक्तों का जनसैलाब, भारी भीड़ के लिए व्यापक इंतजाम।

ओडिशा के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में नए साल 2026 की शुरुआत से पहले भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। दिसंबर के अंतिम दिनों

Dec 29, 2025 - 12:27
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पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में नए साल की पूर्व संध्या पर भक्तों का जनसैलाब, भारी भीड़ के लिए व्यापक इंतजाम।
पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में नए साल की पूर्व संध्या पर भक्तों का जनसैलाब, भारी भीड़ के लिए व्यापक इंतजाम।

ओडिशा के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में नए साल 2026 की शुरुआत से पहले भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। दिसंबर के अंतिम दिनों से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। हजारों की संख्या में भक्त देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कर नए साल की शुरुआत आशीर्वाद से करना चाहते हैं। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भीड़ अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है, जहां 3.5 से 4 लाख तक श्रद्धालु और पर्यटक पुरी पहुंच सकते हैं। इस भारी आमद को देखते हुए श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सुचारु दर्शन और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

मंदिर प्रशासन ने ध्वजा बंधा ritual की समयसीमा में बदलाव किया है, जिसे अब शाम 5 बजे के बजाय दोपहर 3 बजे तक पूरा कर लिया जाएगा। यह बदलाव भक्तों को ritual देखने का अवसर देने और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से किया गया है। प्रवेश केवल सिंहद्वार से होगा, जबकि निकास अन्य तीन द्वारों से सुनिश्चित किया जाएगा। यह व्यवस्था भीड़ को एक दिशा में प्रवाहित करने और अव्यवस्था रोकने के लिए अपनाई गई है। मंदिर के अंदर और बाहर बैरिकेडिंग की गई है, जो मार्केट स्क्वायर तक विस्तारित की गई है। श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि मंदिर परिसर में overcrowding न हो। पुलिस ने 60 प्लाटून बल तैनात किया है, साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधिकारी, निरीक्षक और अन्य कर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। मंदिर के अंदर विशेष एंटी-स्नैचिंग दस्ते तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। यातायात प्रबंधन के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। समुद्र तट क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधाएं तैयार रखी गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है, ताकि दर्शन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहें।

दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ही पुरी में श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने लगी थी। क्रिसमस के बाद से मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। 25 दिसंबर से ही हजारों भक्त रोजाना दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नए साल की पूर्व संध्या पर यह संख्या और बढ़ गई है। भक्त सुबह से ही कतारों में खड़े होकर दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर शहर पूरी तरह भक्ति मय हो गया है और ग्रैंड रोड पर भक्तों की आवाजाही निरंतर बनी हुई है। प्रशासन का अनुमान है कि 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी को भीड़ चरम पर होगी। मंदिर प्रशासन ने सुचारु संचालन के लिए भी तैयारी की है। दान पेटियों और अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य चल रहा है, ताकि भक्तों को अधिक जगह मिले। कुछ प्रस्ताव मुख्यमंत्री की मंजूरी के अधीन हैं। मंदिर प्रबंध समिति के एक सदस्य ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी की मध्यरात्रि में मंदिर खोलने पर आपत्ति जताई है, लेकिन प्रशासन ने भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। रात में दर्शन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक भक्त आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

पुरी पुलिस ने शहर को कई जोन में विभाजित किया है। मंदिर के अंदर पांच और बाहर चार सुरक्षा जोन बनाए गए हैं। युवा स्वयंसेवकों की मदद ली जा रही है, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए। ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है और पार्किंग स्थलों की जानकारी दी गई है। समुद्र तट पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने कहा कि सभी मेहमानों का स्वागत है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह भीड़ नए साल पर जगन्नाथ दर्शन की परंपरा को दर्शाती है, जहां भक्त वर्ष की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से करना चाहते हैं। दिसंबर से जनवरी तक पुरी में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या हमेशा बढ़ जाती है। इस बार भी यही देखने को मिल रहा है। मंदिर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त तैयारी से दर्शन सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे नियमों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक ने सभी से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लागू रहेगी। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और कहा कि सभी तैयारियां पूरी हैं। बैरिकेडिंग और एक दिशा प्रवाह से भीड़ नियंत्रित रहेगी। पार्किंग और ट्रैफिक के लिए विशेष इंतजाम हैं।

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