सर्राफा बाजार में हलचल? देश के प्रमुख राज्यों और शहरों में सोने, चांदी और प्लैटिनम की नई दरें घोषित
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और वित्तीय बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और वित्तीय बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। घरेलू स्तर पर शादी-विवाह के सीजन, त्योहारों की मांग और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा किए जाने वाले नीतिगत निर्णयों के कारण सोने, चांदी और प्लैटिनम के भाव हर दिन एक नया रुख अपनाते हैं। आम नागरिकों के लिए सोने को न केवल एक आभूषण के रूप में बल्कि संकट के समय एक सुरक्षित निवेश माध्यम के रूप में भी देखा जाता है। गुडरिटर्न्स वेबसाइट से प्राप्त पूरी तरह सत्यापित और विश्वसनीय आंकड़ों के अनुसार आज देश के विभिन्न महानगरों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों में भी पारंपरिक शुद्धता के आधार पर कीमतों में विविधता दर्ज की गई है। भारतीय परिवारों में निवेश के इस पारंपरिक माध्यम को लेकर हमेशा एक विशेष उत्साह रहता है, जिसके कारण लोग रोजाना सुबह बाजार खुलने के बाद नई दरों की प्रतीक्षा करते हैं।
भौगोलिक स्थिति और स्थानीय स्तर पर लगने वाले करों या चुंगी के कारण विभिन्न राज्यों में कीमती धातुओं के भाव अलग-अलग होते हैं। उत्तर प्रदेश के भीतर भी अलग-अलग जिलों में स्थानीय सर्राफा एसोसिएशन की आपूर्ति श्रृंखला के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और व्यापारिक हब नोएडा में सर्राफा की कीमतों में बहुत मामूली अंतर बना हुआ है, जबकि प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगर कानपुर में खरीदारी करने वालों को नई सूचियों के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा है। देश के सुदूर पूर्वी हिस्से जैसे असम और दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु में कर संरचना के चलते दरों में थोड़ा अधिक अंतर दिखाई देता है। निवेश के दृष्टिकोण से आज के समय में लोग केवल सोने तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे चांदी और चमकीली सफेद धातु यानी प्लैटिनम की तरफ भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिसके कारण इन औद्योगिक धातुओं के भावों पर भी निवेशकों की कड़ी नजर रहती है।
विभिन्न राज्यों, महानगरों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में लागू की गई सभी शुद्धता श्रेणियों की ताजा सर्राफा दरों को नीचे दी गई व्यापक तालिका में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है ताकि आप अपने स्थानीय बाजार की सटीक कीमत से पूरी तरह अवगत हो सकें:
| शहर / राज्य का नाम | 18 कैरेट सोना (रुपये/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (रुपये/10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (रुपये/10 ग्राम) | चांदी का भाव (रुपये/किलोग्राम) | प्लैटिनम का भाव (रुपये/10 ग्राम) |
| दिल्ली (Delhi) | 1,13,680 | 1,38,900 | 1,51,520 | 2,64,900 | 52,480 |
| नोएडा (Noida) | 1,13,680 | 1,38,900 | 1,51,520 | 2,64,900 | 52,480 |
| लखनऊ (Lucknow) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| कानपुर (Kanpur) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| बरेली (Bareilly) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| शाहजहाँपुर (Shahjahanpur) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| बाराबंकी (Barabanki) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| मुरादाबाद (Moradabad) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| आगरा (Agra) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| हरदोई (Hardoi) | 1,13,530 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| कोलकाता (Kolkata) | 1,13,533 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| पुणे (Pune) | 1,13,533 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| मुंबई (Mumbai) | 1,13,533 | 1,38,750 | 1,51,370 | 2,64,900 | 52,480 |
| असम (Assam State) | 1,13,600 | 1,38,850 | 1,51,450 | 2,65,500 | 52,600 |
| चेन्नई (Chennai) | 1,17,900 | 1,40,600 | 1,53,380 | 2,74,900 | 52,480 |
| तमिलनाडु (Tamil Nadu) | 1,17,900 | 1,40,600 | 1,53,380 | 2,74,900 | 52,480 |
| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) | 1,13,650 | 1,38,880 | 1,51,490 | 2,65,800 | 52,550 |
| राजस्थान (Rajasthan State) | 1,13,620 | 1,38,820 | 1,51,420 | 2,65,400 | 52,510 |
इस व्यापक सांख्यिकीय विवरण का गहराई से अध्ययन करने पर यह साफ नजर आता है कि तमिलनाडु और उसकी राजधानी चेन्नई में टैक्स संरचना और स्थानीय मांग के दबाव के चलते सोने और चांदी दोनों के दाम देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी ऊंचे पायदान पर बने हुए हैं। वहां 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव प्रति दस ग्राम डेढ़ लाख रुपये के स्तर को आसानी से पार कर चुका है, जो अन्य शहरों से थोड़ा भिन्न है। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे बरेली, शाहजहाँपुर, मुरादाबाद और हरदोई में कीमतों के भीतर एकरूपता की स्थिति देखी जा रही है क्योंकि इन क्षेत्रों में आपूर्ति की कमान बड़े क्षेत्रीय डिपो और लखनऊ सर्राफा बाजार से जुड़ी होती है। औद्योगिक और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण चांदी की कीमतें भी प्रति किलो ढाई लाख रुपये से ऊपर ट्रेंड कर रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि कीमती धातुओं के प्रति निवेशकों का भरोसा बेहद मजबूत स्थिति में है।
वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े रुख और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से भारतीय मुद्रा यानी रुपये की स्थिति में होने वाले दैनिक बदलाव सीधे तौर पर आयातित कीमती धातुओं की इनपुट लागत को प्रभावित करते हैं। भारत अपनी सोने और प्लैटिनम की अधिकांश मांग को पूरा करने के लिए विदेशी आयातों पर निर्भर रहता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर की हर छोटी-बड़ी गतिविधि का सीधा असर देश के घरेलू खुदरा काउंटरों पर पड़ता है। त्योहारों और वैवाहिक मुहूर्तों के दौरान जब आभूषणों की खुदरा खरीदारी में अचानक तेजी आती है, तो स्थानीय डीलर और जौहरी मेकिंग चार्ज और प्रीमियम में भी थोड़ा बदलाव कर देते हैं। आम ग्राहकों और बड़े निवेशकों को हमेशा यही सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार के आभूषण या डिजिटल आस्तियों को खरीदने से पहले हॉलमार्किंग के सरकारी प्रतीकों की जांच अवश्य कर लें और अपने शहर के प्रतिष्ठित डीलरों से उस समय चल रहे लाइव भावों का मिलान सही तरीके से कर लें ताकि किसी भी किस्म की विसंगति से बचा जा सके।
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