16 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार होने वाले उतार-चढ़ाव और हाल ही में डीजल पर बढ़ाए गए विंडफॉल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार होने वाले उतार-चढ़ाव और हाल ही में डीजल पर बढ़ाए गए विंडफॉल टैक्स के बाद घरेलू स्तर पर तेल की कीमतें बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं। भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने आज सुबह छह बजे देश के सभी प्रमुख राज्यों और शहरों के लिए पेट्रोल तथा डीजल के ताजा खुदरा बिक्री मूल्य जारी कर दिए हैं। भारत के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले आम नागरिकों, नौकरीपेशा लोगों और व्यावसायिक परिवहन संचालकों के लिए ईंधन की कीमतें दैनिक बजट को सीधे प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारक होती हैं। इस समय वैश्विक स्तर पर जारी विभिन्न आर्थिक और भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल का बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार की खुदरा कीमतों पर साफ दिखाई देता है। आज सुबह जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के अधिकांश महानगरों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, जिससे आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है।
ईंधन की कीमतों के निर्धारण में स्थानीय करों जैसे वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट, माल ढुलाई लागत और डीलरों को मिलने वाले कमीशन की बहुत बड़ी भूमिका होती है। यही वजह है कि एक ही राज्य के भीतर अलग-अलग जिलों में पेट्रोल और डीजल के दाम भिन्न हो जाते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य में यह अंतर विशेष रूप से देखा जा सकता है, जहां नोएडा, लखनऊ, कानपुर और बरेली जैसे शहरों में मामूली अंतर से तेल बेचा जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में आज भी कीमतें अपने पुराने स्तर पर टिकी हुई हैं, जबकि महाराष्ट्र के पुणे और मुंबई जैसे शहरों में टैक्स की ऊंची दरों के कारण ईंधन की कीमतें देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी ऊपर बनी हुई हैं। उपभोक्ता अपनी दैनिक यात्रा की योजना बनाने से पहले इन कीमतों को बहुत बारीकी से देखते हैं क्योंकि परिवहन लागत का सीधा असर खाने-पीने की चीजों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है।
आज की ताजा रेट तालिका के माध्यम से विभिन्न राज्यों और शहरों में चल रहे वास्तविक अंतर को आसानी से समझा जा सकता है।
| शहर / राज्य का नाम | पेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर) | डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 102.12 | 95.56 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 101.56 | 95.24 |
| बरेली | 102.08 | 95.50 |
| शाहजहांपुर | 102.00 | 95.42 |
| बाराबंकी | 102.15 | 95.68 |
| मुरादाबाद | 102.38 | 95.83 |
| आगरा | 101.92 | 95.39 |
| हरदोई | 102.24 | 95.73 |
| कोलकाता | 113.47 | 99.82 |
| पुणे | 111.49 | 97.95 |
| मुम्बई | 111.18 | 97.83 |
| असम (राज्य औसत) | 105.79 | 98.08 |
| चेन्नई | 107.87 | 99.66 |
| तमिलनाडु (राज्य औसत) | 107.87 | 99.66 |
| मध्य प्रदेश (राज्य औसत) | 114.45 | 99.30 |
| राजस्थान (राज्य औसत) | 113.15 | 98.22 |
इस तालिका का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट होता है कि देश में सबसे महंगा पेट्रोल इस समय मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में बिक रहा है, जहां राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले कर अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक हैं। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे कानपुर, लखनऊ और आगरा में तेल की कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे वहां के निवासियों को भारी भरकम खर्च से थोड़ी बचत हो रही है। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु और उसकी राजधानी चेन्नई में भी कीमतें सौ रुपये के पार बनी हुई हैं, जो इस बात का संकेत है कि पूरे देश में ईंधन के दामों का स्तर इस समय काफी ऊंचा है। तेल कंपनियों द्वारा दैनिक आधार पर की जाने वाली इस समीक्षा से यह भी पता चलता है कि जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल एक निश्चित दायरे में कारोबार कर रहा है, वहीं घरेलू स्तर पर करों का ढांचा ही अंतिम कीमत तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भविष्य में ईंधन की कीमतों के रुख को लेकर बाजार में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। आने वाले समय में वैश्विक उत्पादन के फैसले और विभिन्न देशों के बीच होने वाले व्यापारिक समझौते यह तय करेंगे कि भारतीय उपभोक्ताओं को तेल के मोर्चे पर राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती या कमजोरी भी इन कीमतों को काफी हद तक प्रभावित करती है। आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल वाहन चलाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश की आर्थिक सेहत और महंगाई दर को नियंत्रित करने वाली एक मुख्य धुरी है। तेल कंपनियों की तरफ से हर रोज सुबह इन दामों को अपडेट किया जाता रहेगा और जनता को अपनी जेब के प्रबंधन के लिए इन बदलावों पर लगातार नजर रखनी होगी।
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