DU PhD Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बढ़ाई पीएचडी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि, 4 वर्षीय यूजी छात्रों को 16 सितंबर तक मौका

DU PhD Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने NEP और UGCF के तहत 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्रों के लिए पीएचडी पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है।

Sep 16, 2026 - 13:39
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DU PhD Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बढ़ाई पीएचडी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि, 4 वर्षीय यूजी छात्रों को 16 सितंबर तक मौका
  • DU PhD Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बढ़ाई पीएचडी रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि, 4 वर्षीय यूजी छात्रों को 16 सितंबर तक मौका
  • DU News: NEP और UGCF के तहत चार वर्षीय ग्रेजुएट्स के लिए पीएचडी आवेदन की डेडलाइन बढ़ी, अब इस तारीख तक करें अप्लाई
  • दिल्ली विश्वविद्यालय पीएचडी दाखिला 2026: 14 सितंबर से बढ़कर 16 सितंबर हुई अंतिम तारीख, डायरेक्ट पीएचडी का रास्ता खुला
  • Delhi University PhD Alert: चार साल के यूजी प्रोग्राम वाले छात्रों के पास पीएचडी में प्रवेश का अंतिम अवसर, पोर्टल पर ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में शोध की दिशा में आगे बढ़ने की योजना बना रहे विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUP) पूरा करने वाले छात्रों के लिए पीएचडी प्रवेश 2026 हेतु ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया 14 सितंबर को समाप्त हो रही थी, जिसे अब विस्तारित करके 16 सितंबर, 2026 कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, जो अभ्यर्थी तकनीकी दिक्कतों, आवश्यक प्रमाणपत्रों की अनुपलब्धता या अन्य कारणों से अब तक अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे, वे अब आधिकारिक एडमिशन पोर्टल पर जाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना फॉर्म सबमिट कर सकते हैं। यह विस्तार विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को ध्यान में रखकर दिया गया है जो चार साल के डिग्री कोर्स के आधार पर सीधे शोध उपाधि (पीएचडी) में दाखिला लेने के पात्र बने हैं।

  • चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम से सीधे पीएचडी का रास्ता

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख सुधारों के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम को लागू किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इसे अपने अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) के जरिए प्रभावी बनाया। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो छात्र चौथे वर्ष में रिसर्च या ऑनर्स के साथ अपनी स्नातक डिग्री पूरी करते हैं, उन्हें परंपरागत मास्टर डिग्री (परास्नातक/पीजी) किए बिना सीधे पीएचडी में प्रवेश का अवसर प्रदान किया जाता है।

इस नई प्रणाली के तहत उत्तीर्ण होने वाले पहले बैच के छात्रों के लिए यह प्रवेश चक्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि चार साल की व्यवस्थित पढ़ाई और शोध परियोजना पूरी करने वाले मेधावी छात्र सीधे डॉक्टरेट कार्यक्रम में प्रवेश लेकर देश के अनुसंधान तंत्र को मजबूत बना सकते हैं।

  • पात्रता और न्यूनतम अंक संबंधी दिशा-निर्देश

चार वर्षीय स्नातक डिग्री धारकों के लिए पीएचडी में प्रवेश के कड़े और स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं। विश्वविद्यालय द्वारा तय नियमों के अनुसार:

अभ्यर्थियों के पास कम से कम आठ सेमेस्टर (चार वर्ष) का स्नातक अध्ययन होना अनिवार्य है।

उम्मीदवार ने अपने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष ग्रेड प्वाइंट (CGPA) हासिल किया हो।

अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमी लेयर), दिव्यांग (PwBD) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों को नियमानुसार 5 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड की छूट प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET), यूजीसी-सीएसआईआर नेट, जेआरएफ या संबंधित विषय में विश्वविद्यालय द्वारा मान्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को विश्वविद्यालय के शोध अध्यादेश के अनुसार प्राथमिकता अथवा स्क्रीनिंग में छूट का प्रावधान मिलता है।

  • आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया और जरूरी सावधानियां

डीयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में आधिकारिक प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। किसी भी ऑफलाइन फॉर्म या डाक से भेजे गए दस्तावेजों पर विचार नहीं किया जाएगा।

पंजीकरण के दौरान उम्मीदवारों को निम्नलिखित चरणों का ध्यान रखना होगा:

पोर्टल पर नया यूजर रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार को अपने सक्रिय ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर के साथ आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन क्रेडेंशियल बनाने होंगे।

व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण: अपनी शैक्षणिक योग्यताओं, विशेष रूप से चार वर्षीय स्नातक के सभी सेमेस्टरों के अंक और शोध प्रोजेक्ट से संबंधित विवरण दर्ज करने होंगे।

दस्तावेजों का अपलोड: आवश्यक अंकपत्र, श्रेणी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), पहचान पत्र और अन्य सहायक दस्तावेज स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड करने होंगे।

रिसर्च प्रपोजल (शोध प्रस्ताव): कई विभागों द्वारा शोध क्षेत्र से संबंधित संक्षिप्त सिनॉप्सिस या रिसर्च प्रपोजल की मांग की जाती है, जिसे निर्धारित शब्द-सीमा में अपलोड करना आवश्यक है।

शुल्क भुगतान: पंजीकरण शुल्क का भुगतान ऑनलाइन गेटवे (नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई) के माध्यम से 16 सितंबर की मध्यरात्रि तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

  • अंतिम तिथि के बाद नहीं मिलेगा अतिरिक्त अवसर

विश्वविद्यालय के परीक्षा व प्रवेश प्रकोष्ठ के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 16 सितंबर की संशोधित समय-सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में पंजीकरण विंडो को पुनः नहीं खोला जाएगा। 14 सितंबर तक आवेदन न कर पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह अंतिम अवसर है।

अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद संबंधित संकायों और विभागों द्वारा आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। इसके उपरांत विभागवार शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की सूची, साक्षात्कार (इंटरव्यू) की तिथियां और विभागीय शोध समितियों (डीआरसी) की बैठक का विस्तृत कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय में सर्वर पर लोड बढ़ने से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण और शुल्क भुगतान सुनिश्चित कर लें।

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